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‘गगनयान’ मिशन में सहयोग के लिए भारत-फ्रांस ने समझौते पर हस्ताक्षर किए

By भाषा | Updated: April 15, 2021 20:46 IST

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नयी दिल्ली/बेंगलुरु, 15 अप्रैल भारत के पहले मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन ‘गगनयान’ में सहयोग के लिए इसरो और फ्रांस की अंतरिक्ष एजेंसी ने बृहस्पतिवार को एक समझौते पर हस्ताक्षर किए।

इसरो के मानव अंतरिक्ष उड़ान केंद्र (एचएसएफसी) और फ्रांस की राष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसी सीएनईएस के बीच मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम, विशेषकर अंतरिक्ष औषधि के क्षेत्र में विशेषज्ञता साझा करने संबंधी यह समझौता बेंगलुरु में हुआ।

समझौते की घोषणा भारत यात्रा पर आए फ्रांस के विदेश मंत्री ज्यां इव लि द्रीयां के भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के बेंगलुरु स्थित मुख्यालय के दौरे के दौरान की गई।

भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी ने एक बयान में कहा कि द्रीयां ने इस दौरान भारतीय अंतरिक्ष विभाग के सचिव एवं इसरो के अध्यक्ष के. सिवन और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बातचीत की।

इसने कहा कि मंत्री को भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम की गाथा तथा उपलब्धियों और हाल में भारत सरकार द्वारा घोषित किए गए अंतरिक्ष सुधारों के बारे में जानकारी दी गई।

मंत्री ने अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ एचएसएफसी का दौरा भी किया जहां उन्हें पूर्ण आकार के ‘क्रू मॉड्यूल’ सहित ‘गगनयान’ के विवरण से अवगत कराया गया।

बयान में कहा गया कि मंत्री के साथ भारत में फ्रांस के राजदूत एवं वाणिज्य महादूत तथा अन्य अधिकारी भी थे।

इसरो ने फ्रांस की अंतरिक्ष एजेंसी ‘सेंटर नेशनल डी’इट्यूड्स स्पेतियल्स’ (सीएनईएस) से ‘गगनयान’ मिशन में मदद करने और इस कार्य में इसके एकल यूरोपीय सहयोगी के रूप में सेवा देने को कहा है।

फ्रांस की अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा कि समझौते के तहत सीएनईएस भारत के ‘फ्लाइट फिजीशियन’ और सीएपीसीओएम मिशन नियंत्रण टीमों को सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण एप्लीकेशन्स के विकास के लिए फ्रांस में सीएडीएमओएस केंद्र में तथा अंतरिक्ष अभियानों के लिए सीएनईएस के ताउलेस अंतरिक्ष केंद्र में तथा जर्मनी के कोलोग्ने स्थित यूरोपीय अंतरिक्षयात्री केंद्र (ईएसी) में प्रशिक्षण देगा।

समझौते के तहत सीएनईएस, इस मिशन के दौरान वैज्ञानिक प्रयोग योजना के क्रियान्वयन, भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों द्वारा फ्रांसीसी उपकरणों, उपभोज्य वस्तुओं और चिकित्सा उपकरणों का इस्तेमाल किए जाने जैसी चीजों में सहयोग करेगा।

सीएनईएस द्वारा विकसित फ्रांसीसी उपकरण परीक्षणों में खरे उतर चुके हैं और ये अब भी अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र (आईएसएस) में काम कर रहे हैं तथा ये भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों के काम आएंगे।

इसने कहा कि सीएनईएस फ्रांस निर्मित अग्निरोधी बैग भी उपलबध कराएगा जो उपकरणों को विकिरण से बचाएंगे।

सीएनईएस ने कहा कि सहयोग को आगे और भी बढ़ाया जा सकता है।

‘गगनयान’ मिशन के तहत 2022 में भारत की स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में भारतीय भूमि से अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में भेजने की योजना है। हालांकि, कोविड-19 महामारी की वजह से लगाए गए प्रतिबंधों के कारण मिशन में विलंब हो चुका है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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