पत्रकार की ‘गैरकानूनी गिरफ्तारी’ से संबंधित तथ्यों के निर्धारण के लिये स्वतंत्र जांच हो: केयूडब्लूजे का न्यायालय से अनुरोध

By भाषा | Updated: December 1, 2020 22:12 IST2020-12-01T22:12:53+5:302020-12-01T22:12:53+5:30

Independent investigation to determine facts related to 'illegal arrest' of journalist: KUWJ's request to court | पत्रकार की ‘गैरकानूनी गिरफ्तारी’ से संबंधित तथ्यों के निर्धारण के लिये स्वतंत्र जांच हो: केयूडब्लूजे का न्यायालय से अनुरोध

पत्रकार की ‘गैरकानूनी गिरफ्तारी’ से संबंधित तथ्यों के निर्धारण के लिये स्वतंत्र जांच हो: केयूडब्लूजे का न्यायालय से अनुरोध

नयी दिल्ली, एक दिसंबर केरल यूनियन आफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स (केयूडब्लूजे) ने उच्चतम न्यायालय से अनुरोध किया है कि दलित महिला से कथित सामूहिक बलात्कार की घटना के सिलसिले में हाथरस जा रहे केरल के पत्रकार सिद्दीकी कप्पन की गैरकानूनी गिरफ्तारी और हिरासत के तथ्यों का पता लगाने के लिये शीर्ष अदालत के सेवानिवृत्त न्यायाधीश से स्वतंत्र जांच करायी जाये। इस महिला की बाद में मृत्यु हो गयी थी।

केरल यूनियन आफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स ने न्यायालय में दाखिल अपने जवाबी हलफनामे में उप्र पुलिस के इस दावे को ‘पूरी तरह गलत और झूठा’ बताया है कि सिद्दीकी कप्पन पापुलर फ्रण्ट आफ इंडिया का कार्यालय सचिव हैं। संगठन ने दावा किया है कि कप्पन सिर्फ पत्रकार के रूप में ही काम करते हैं।

इस संगठन ने अपले हलफनामे में कहा है, ‘‘आरोपी सिद्दीकी कप्पन ने अपने अधिवक्ता से विशेषरूप से शीर्ष अदालत से यह अनुरोध करने के लिये कहा है कि उसे खुद को निर्दोष बताने के लिये उसका नार्को टेस्ट या ब्रेन मैंपिंग टेस्ट या किसी भी तरह के दूसरे वैज्ञनिक परीक्षण कराने की अनुमति दी जाये।’’

यह हलफनामा उप्र पुलिस के जवाब के प्रत्युत्तर में दाखिल किया गया है। उप्र पुलिस ने अपने हलफनामे में दावा किया था कि कप्पन पत्रकारिता की आड़े में जातीय कटुता और कानून व्यवस्था की स्थिति बिगाड़ने की योजना से हाथरस जा रहा था।

शीर्ष अदालत इस पत्रकार की गिरफ्तारी पर सवाल उठाते हुये उसकी जमानत पर रिहाई के लिये दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी

केयूडब्लूजे ने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार ने गैरकानूनी और अवैध हिरासत को न्यायोचित ठहराने तथा दुर्भावनापूर्ण कानूनी कार्यवाही को सही ठहराने के प्रयास में गुमराह करने और गलत तथ्यों के साथ हलफनामा दाखिल किया है। हलफनामे में कहा गया है कि कप्पन को गिरफ्तार करने के दावे समर्थन में कोई सामग्री नही है।

कप्पन की कथित गैरकानूनी और अवैध हिरासत से रिहाई का अनुरोध करते हुये इस संगठन ने कहा है कि शीर्ष अदालत को अपने ही सेवानिवृत्त् न्यायाधीश की अध्यक्षता में इस मामले की न्यायिक जांच करानी चाहिए।

हलफनामे में कहा गया है कि प्राथमिकी को पढ़ने मात्र से ही पता चलता है कि कथित अपराध के लिये जरूरी तथ्य इसमें नहीं हैं और आरोपी निर्दोष है।

हलफनामे में कहा गया है कि गिरफ्तारी की तारीख से 29 दिन तक आरोपी को उसके परिवार से दूर रखने की प्रतिवादी की कार्रवाई को किसी भी तरह से न्यायोचित नही ठहराया जा सकता।

सिद्दीकी कप्पन को पांच अक्टूर को हाथरस जाते समय रास्ते में गिरफ्तार किया गया था। वह हाथरस में सामूहिक बलात्कार की शिकार हुयी दलित युवती के घर जा रहे थे। इस युवती की बाद में सफदरजंग अस्पताल में मृत्यु हो गयी थी। केरल यूनियन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स ने इस पत्रकार की गिरफ्तारी को शीर्ष अदालत में चुनौती दे रखी है।

मथुरा पुलिस ने इस संबंध में दावा किया था कि उसने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया से संबंध रखने वाले चार व्यक्तियों को मथुरा में गिरफ्तार किया है उनके नाम-मल्लापुरम निवासी सिद्दीकी, मुजफ्फरनगर निवासी अतीकुर रहमान, बहराइच निवासी मसूद अहमद और रामपुर निवासी आलम हैं।

इस मामले में पुलिस ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया या पीएफआई से कथित रूप से संबंध रखने के आरोप में चार व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता के प्रावधानों के साथ ही गैर कानूनी गतिविधियां रोकथाम कानून (यूएपीए) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।

पीएफआई पर पहले भी इस साल के शुरू में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ देशव्यापी विरोध के लिये धन मुहैया कराने के आरोप लग चुके हैं।

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Web Title: Independent investigation to determine facts related to 'illegal arrest' of journalist: KUWJ's request to court

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