छत्तीसगढ़ में निजी बसों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू

By भाषा | Updated: July 13, 2021 17:23 IST2021-07-13T17:23:04+5:302021-07-13T17:23:04+5:30

Indefinite strike of private buses begins in Chhattisgarh | छत्तीसगढ़ में निजी बसों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू

छत्तीसगढ़ में निजी बसों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू

रायपुर, 13 जुलाई छत्तीसगढ़ में यात्री किराए में बढ़ोतरी सहित अपनी दो मांगों को लेकर मंगलवार से निजी बस मालिकों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। हड़ताल के कारण छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में यात्रियों को कठिनाईयों का सामना करना पड़ा है।

छत्तीसगढ़ यातायात महासंघ ने बताया कि कोरोना महामारी के कारण लॉकडाउन और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद राज्य के निजी बस संचालकों ने यात्री किराए में बढ़ोतरी समेत दो मांगों को लेकर आज से हड़ताल शुरू कर दी है।

महासंघ ने बताया कि बसों की हड़ताल के शुरू होने के बाद से राज्य भर में संचालित लगभग 12 हजार निजी बसों का परिवहन बंद कर दिया गया है। बसों की हड़ताल के कारण राज्य के प्रमुख शहरों रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, राजनांदगांव समेत अन्य शहरों में यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा है।

रायपुर के स्वामी विवेकानंद विमानतल से बस स्टैंड पहुंचे एक यात्री ने बताया कि वह मुंबई से एक विमान से रायपुर पहुंचने के बाद बिलासपुर के लिए बस में सवार होने के लिए बस स्टैंड पहुंचा क्योंकि उसे हड़ताल की सूचना नहीं थी।

यात्री ने बताया कि टैक्सी और कार वाले अधिक रकम की मांग कर रहे हैं।

इसी तरह एक अन्य यात्री ने बताया कि उन्हें सरायपाली (महासमुंद जिला) के लिए दो हजार रुपए में एक टैक्सी किराए पर लेनी पड़ी जबकि रायपुर से सरायपाली के लिए बस टिकट की कीमत लगभग 250 रुपए है।

इस बीच रायपुर समेत राज्य के कई जिलों में निजी बस संचालक संघ ने धरना दिया।

छत्तीसगढ़ यातायात महासंघ से अध्यक्ष सैय्यद अनवर अली ने कहा कि परिवहन में लगी सभी 12 हजार बसों का संचालन बंद कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि अपनी मांगें पूरी नहीं होने तक वह हड़ताल जारी रखेंगे।

अली ने कहा कि महासंघ ने राज्य सरकार को पहले ही बता दिया है कि कोविड-19 के प्रकोप के कारण लॉकडाउन और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद से बस संचालकों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि सरकार को महासंघ की मांगों पर विशेष रूप से यात्री किराए में बढ़ोतरी पर विचार करना चाहिए।

अली ने कहा कि महासंघ की दूसरी मांग उस नियम को रद्द करने की है जिसमें कहा गया है कि केवल दो महीने तक उपयोग में नहीं आने वाले वाहनों के कर के भुगतान में छूट दी जाएगी।

अली ने बताया कि वर्ष 2009 में (राज्य में भाजपा सरकार के दौरान) बनाए गए नियम के अनुसार वाहन संचालकों को उन वाहनों का भी टैक्स देना होता है जो दो महीने से अधिक समय तक उपयोग में नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण के शुरू होने के बाद से पिछले डेढ़ वर्ष के दौरान कई निजी बसों का संचालन दो महीने से अधिक समय से नहीं किया गया है। इसलिए बस संचालक इस नियम को खत्म करने की मांग कर रहे हैं।

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Web Title: Indefinite strike of private buses begins in Chhattisgarh

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