कोरोना के खिलाफ लड़ाई में मोदी और ममता आमने-सामने, केंद्र ने हाल जानने के लिए भेजा टीम, तो ममता बनर्जी ने PM मोदी को पत्र लिखकर ये कहा
By अनुराग आनंद | Updated: April 20, 2020 19:17 IST2020-04-20T19:01:41+5:302020-04-20T19:17:21+5:30
नरेंद्र मोदी सरकार ने कहा है कि राज्यों में भेजे जाने वाली ये टीमें राज्यों में कोरोना के जमीनी हालात और लॉकडाउन उल्लंघन की शिकायतों पर अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजेंगी।

नरेंद्र मोदी व ममता बनर्जी (फाइल फोटो)
कोलकता: देश इन दिनों कोराना महामारी से जंग लड़ रहा है। कोरोना वायरस संक्रमण को हराने के लिए केंद्र व राज्य सरकारें अपने-अपने स्तर पर काम कर रही है। इस बीच केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने कोरोना संक्रमण की वजह से हालात का जायजा लेने के लिए पश्चिम बंगाल समेत कुछ राज्यों में इंटर मिनिस्ट्रीयल सेंट्रल टीम (आईएमसीटी) भेजने का फैसला लिया है।
ये टीमें राज्यों में कोरोना के जमीनी हालात और लॉकडाउन उल्लंघन की शिकायतों पर अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजेंगी। हालांकि केंद्र के इस कदम का पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कड़ा विरोध किया है। ममता बनर्जी ने ट्वीट कर कहा कि कोरोना महामारी से लड़ने में केंद्र सरकार के प्रयासों की मैं सराहना करती हूं लेकिन बिना स्पष्ट कारण बताए किसी केंद्रीय टीम को राज्य में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जा सकती है।
इस मामले में ममता बनर्जी ने पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। उन्होंने पत्र में कहा है कि केंद्रीय टीम बिना पूर्व सूचना दिए प्रदेश सोमवार सुबह 10 बजे पहुंच गई। इसके बाद सोमवार दोपहर 1 बजे अमित शाह ने मुझे फोन पर बताया कि केंद्रीय टीम पश्चिम बंगाल जा रही है। लेकिन, टीम जानकारी से पहले ही पहुंच गई थी। इस संबंध में पत्र लिखते हुए सीएम ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री से स्पष्ट कारण भी पूछा है।
West Bengal CM's letter to PM Modi further states, "Central teams kept the state government in complete dark and had approached central forces like BSF & SSB for logistics support and had already moved in the field without any consultation with the state government". #COVID19https://t.co/TPDhjfxeq4
— ANI (@ANI) April 20, 2020
बता दें कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसका कड़ा विरोध किया है और इन टीमों को राज्य में भेजे जाने का कारण पूछा है। ममता ने आपत्ति जताते हुए कहा, 'मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से राज्य के इन जिलों को चुने जाने का आधार पूछती हूं। ममता ने कहा कि बिना किसी स्पष्ट कारण के मैं इसकी अनुमति नहीं दे पाऊंगी, क्योंकि यह संघ की भावना के खिलाफ है।
इसके पहले भी पश्चिम बंगाल की ममता सरकार ने भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) पर उसे खराब टेस्टिंग किट देने का आरोप लगाया है। आईसीएमआर देश में कोविड-19 का परीक्षण करने के लिए जिम्मेदार संस्था है। राज्य सरकार का कहना है कि खराब किट की वजह से अनिर्णायक परिणाम आ रहे हैं जिससे जांच प्रक्रिया में देरी हो रही है।
बता दें कि इस समय बंगाल में कोरोना संक्रमण के पिछले 24 घंटे में 54 मामले सामने आए हैं। इस बात की जानकारी सोमवार शाम में पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा दी गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक प्रदेश में कोरोना संक्रमण के अब तक 339 मामले सामने आए हैं। इसके अलावा, राज्य सरकार की मानें तो प्रदेश में 350 से अधिक कोरोना संक्रमण के मामले सामने आ गए हैं।