बिहार विधानसभा में विधायक निधि फंड बढ़ाने की मांग को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के विधायकों ने किया जमकर हंगामा
By एस पी सिन्हा | Updated: February 23, 2026 15:21 IST2026-02-23T15:21:13+5:302026-02-23T15:21:13+5:30
सत्ता और विपक्ष दोनों ओर के विधायक इस मुद्दे पर एकजुट हो गए। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार लगातार सदन को शांत कराने की कोशिश करते रहे।

बिहार विधानसभा में विधायक निधि फंड बढ़ाने की मांग को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के विधायकों ने किया जमकर हंगामा
पटना:बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सोमवार को उस वक्त असहज स्थिति पैदा हो गई जब विपक्ष ही नहीं बल्कि सत्ताधारी दल के विधायक भी अपनी ही सरकार के खिलाफ मुखर हो गए। विधायक निधि फंड बढ़ाने की मांग पर सत्ताधारी दलों के विधायकों ने ही नीतीश सरकर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। सभी सदस्यों ने एक साथ खड़े होकर अपनी मांगों के समर्थन में जोरदार नारेबाजी की। सत्ता और विपक्ष दोनों ओर के विधायक इस मुद्दे पर एकजुट हो गए। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार लगातार सदन को शांत कराने की कोशिश करते रहे।
उन्होंने सदस्यों से आग्रह किया कि मंत्री ने अपना पक्ष स्पष्ट कर दिया है, इसलिए सभी अपनी-अपनी सीट पर बैठ जाएं और कार्यवाही को आगे बढ़ने दें। लेकिन विधायक शांत बैठने को तैयार नहीं दिखे और हंगामा जारी रहा। जिसके बाद पहले वित्त मंत्री विजेंद्र यादव और फिर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा को आश्वासन देना पड़ा।
दरअसल, विधायक निधि की मौजूदा राशि को बढ़ाने की मांग से जुड़ा सवाल भाजपा विधायक प्रमोद कुमार ने उठाया। इसपर वित्त मंत्री विजेंद्र यादव ने कहा कि फ़िलहाल राशि बढ़ाने का कोई विचार नहीं है। इस पर एक साथ कई विधायक अपनी जगह पर खड़े हो गए और इसे क्षेत्र के विकास में बाधक बताया।
उन्होंने सरकार से तुरंत इस मुद्दे पर गम्भीरता दिखाने और विधायक निधि बढ़ाने की मांग की। इसे लेकर भाजपा विधायक नीरज कुमार सिंह बबलू ने भी जोरदार तरीके से निधि बढ़ाने का मुद्दा उठाया। मंत्री विजेंद्र यादव ने फिर कहा कि अगर सांसद का फंड बढ़ेगा तो हम यहां भी बढ़ाएंगे। उनके इस जवाब से सत्ता और विपक्ष दोनों ओर के विधायक एक साथ सदन में खड़े होकर हंगामा करने लगे।
इतना ही नहीं इस मामले में वोटिंग करवाने को भी मांग उठाने लगे। सरकार की ओर से उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि सदस्यों की मांग पर मंत्री गम्भीरता से विचार करेंगे और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से इस पर चर्चा की जाएगी। उपमुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद धीरे-धीरे स्थिति सामान्य हुई और सदन की कार्यवाही आगे बढ़ सकी।