लाइव न्यूज़ :

Cyclone Yaas: झारखंड में ‘यास’ से सात सौ गांवों एवं दस जिलों के दस लाख लोग प्रभावित, दो की मौत, 18 घायल

By भाषा | Updated: May 29, 2021 08:12 IST

झारखंड में चक्रवाती तूफान यास के कारण पिछले दो दिनों में सात सौ गांवों एवं दस जिलों के कम से कम दस लाख लोग प्रभावित हुए

Open in App
ठळक मुद्देझारखंड में चक्रवाती तूफान याससे दस लाख लोग प्रभावित हुएदो लोगों की मकान गिरने की घटना में मौत झारखंड में यास तूफान का प्रभाव लगभग समाप्त

रांची: झारखंड में चक्रवाती तूफान यास के कारण पिछले दो दिनों में सात सौ गांवों एवं दस जिलों के कम से कम दस लाख लोग प्रभावित हुए हैं और तूफान से जहां दो लोगों की मकान गिरने की घटना में मौत हो गयी वहीं 18 अन्य लोग घायल हो गये तथा एक लापता है। इस बीच आज शाम तक झारखंड में यास तूफान का प्रभाव लगभग समाप्त हो गया।

झारखंड के आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव डा. अमिताभ कौशल ने ‘पीटीआई भाषा’ को यह जानकारी देते हुए बताया कि पिछले तीन से चार दिनों में तूफान के चलते लगभग बीस हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया लेकिन तेज बारिश के प्रभाव में पिछले दो दिनों में कम से कम डेढ़ हजार मकान ध्वस्त हो गये जिनमें से अधिकतम कच्चे मकान और झोपड़ियां थीं।

उन्होंने कहा कि आज देर शाम तक तूफान का प्रभाव राज्य के सभी हिस्सों से समाप्त हो गया फिर भी नदियों में बहने और मकानों के मलबों में दबने से जहां दो लोगों की मौत हो गयी वहीं डेढ़ दर्जन अन्य घायल हो गये जिनमें कुछ की हालत गंभीर है।

कौशल ने बताया कि तूफान के चलते राज्य में किसानों की सत्तर से अस्सी हेक्टेअर भूमि पर खड़ी फसलें खराब हो गयीं।

उन्होंने बताया कि तूफान से कल भी जहां रांची में मकान गिरने की घटना में दो लोगों की मौत हो गयी थी वहीं कोडरमा में भी एक दीवार गिरने की घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गयी।

उन्होंने बताया कि राज्य में अनेक स्थानों पर छोटे पुल बह गये और बिजली के खंभे और तार टूट गये जिससे अनेक क्षेत्रों में लोगों को घंटों तक अंधेरे में रहना पड़ा।

अधिकारियों के अनुसार तूफान के प्रभाव से राज्य में दस लाख की आबादी प्रभावित हुई और बड़े पैमाने पर संपत्ति का नुकसान हुआ हालांकि शुक्रवार शाम तक इसका प्रभाव लगभग समाप्त हो गया।

इससे पूर्व 26 मई की रात्रि लगभग साढ़े आठ बजे यास तूफान ने झारखंड में ओडिशा के रास्ते दस्तक दी थी लेकिन इसका प्रभाव पूर्वी झारखंड में कुछ विशेष नहीं पड़ा क्योंकि झारखंड में प्रवेश से पहले ही हवाओं की गति गिरकर चालीस से पचास किलोमीटर प्रति घंटे ही रह गयी थी।

कौशल ने बताया कि राज्य में यास के प्रभाव से पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसांवा, पश्चिमी सिंहभूम एवं आसपास के क्षेत्र में बुधवार रात से प्रारंभ होकर आज सुबह तक तेज हवाएं चलीं लेकिन हवाओं की गति विभाग के अधिकारियों ने अधिकतम 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की दर्ज की जिसके चलते राज्य में अधिक नुकसान होने से बच गया।

ज्ञातव्य है कि मौसम विभाग ने तूफान के चलते झारखंड के कुछ इलाकों में हवा की गति नब्बे किलोमीटर प्रति घंटे तक होने का अनुमान लगाया था जिससे राज्य प्रशासन अधिक सतर्क था।

इस बीच गोड्डा में चक्रवाती तूफान यास के कारण हो रही लगातार मूसलधार बारिश से ठाकुरगंगटी एवं मेहरमा प्रखंड में आम लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया। सुजांकित्ता के पास एक नदी के पुल पर फंसे हुए लोगों को आठ घंटे बाद बचाया जा सका।

वहीं झमारिया नदी में दो युवाओं के तेज धार में बह जाने के बाद एक को कड़ी मशक्कत के बाद बचाया गया, जबकि दूसरा देर शाम तक लापता था।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

टॅग्स :चक्रवाती तूफानझारखंड
Open in App

संबंधित खबरें

क्राइम अलर्टबेटी तेरे शरीर में क्यों हो रहा बदलाव, जांच में खुलासा?, 13 वर्षीय लड़की से कई बार बलात्कार, गर्भवती करने के आरोप में 35 वर्षीय आरोपी अरेस्ट

क्राइम अलर्टबेटे को ठीक करना है तो कुंवारी बेटी को बलि दो?, मां रेशमी देवी, तांत्रिक शांति देवी और भीम राम ने गला घोंटकर मार डाला

क्राइम अलर्टलोहे की रॉड से पीट-पीटकर पत्नी गांगी देवी को पति चितरंजन सिंह मुंडा ने मार डाला, किसी बात पर झगड़ा और ली जान

भारतदेवघर के विश्व प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम मंदिर में पाकिस्तानी करेंसी मिलने के बाद मचा हड़कंप, देवघर प्रशासन जांच में जुटा

भारतझारखंड: कांग्रेस के द्वारा पूर्व मंत्री योगेंद्र साव को पार्टी से निकाले जाने के बाद हेमंत सोरेन सरकार बुलडोजर चलाकर किया उनके घर को जमींदोज

भारत अधिक खबरें

भारतबारामती विधानसभा उपचुनावः सीएम फडणवीस की बात नहीं मानी?, कांग्रेस ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ आकाश मोरे को चुनाव मैदान में उतारा

भारतUP की महिला ने रचा इतिहास! 14 दिनों में साइकिल से एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं

भारतLadki Bahin Yojana Row: महाराष्ट्र में 71 लाख महिलाएं अयोग्य घोषित, विपक्ष ने किया दावा, सरकार की जवाबदेही पर उठाए सवाल

भारतयूपी बोर्ड ने 2026-27 के लिए कक्षा 9 से 12 तक NCERT और अधिकृत पुस्तकें अनिवार्य कीं

भारतपाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ के कोलकाता पर हमले की धमकी वाले बयान पर सोशल मीडिया पर 'धुरंधर' अंदाज़ में आई प्रतिक्रिया