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दिल्ली में 80 साल से अधिक उम्र के बुजुर्ग दंपति ने कोरोना वायरस को दी मात, अस्पताल से डिसचार्ज

By भाषा | Updated: July 9, 2020 17:13 IST

दिल्ली में 87 साल के दंपत्ति ने कोरोना को मात दी और अस्पताल से डिसचार्ज हो गए हैं। इन बुजुर्ग का ठीक होना अन्य मरीजों के लिए एक आशा की किरण है। 90 वर्षीय पति अल्जाइमर से पीड़ित हैं।

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ठळक मुद्देदिल्ली में 87 साल की महिला और अल्जाइमर से पीड़ित उनके 90 वर्षीय पति ने कोरोना वायरस को मात दे दी है। दंपति को शुरुआत में इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया।

नयी दिल्ली: दिल्ली में 87 साल की महिला और अल्जाइमर से पीड़ित उनके 90 वर्षीय पति ने कोरोना वायरस को मात दे दी है और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। बुजुर्ग दंपति का इलाज करने वाले शहर के एक अस्पताल के डॉक्टरों ने कहा कि कोरोना वायरस के कारण दुनियाभर में बुजुर्गों की सबसे अधिक मौत होने के आंकड़ों को देखते हुए इस दंपति का स्वस्थ होना अन्य मरीजों के लिए आशा की किरण है। 25 मई को 87 वर्षीय महिला को कूल्हे में फ्रैक्चर के बाद अस्पताल लाया गया था और उन्हें तुरंत सर्जरी कराने की सलाह दी गई थी।

सर्जरी से पहले उनकी कोविड-19 की जांच की गई और वह संक्रमित पाई। इसके बाद उनके परिवार के सदस्यों की भी जांच की गई और उनके पति भी संक्रमित पाए गए। दंपति को शुरुआत में इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनके शरीर के अहम अंगों पर नियमित रूप से नजर रखी गई, उचित इलाज दिया गया और पहले 10 दिनों में उनके स्वास्थ्य में जबरदस्त सुधार हुआ। जब महिला जांच में संक्रमित नहीं पाई गई तो उनकी सफल सर्जरी की गई।

सीनियर कंसल्टेंट एवं ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. यतींद्र खरबंदा ने बताया, ‘‘अधिक उम्र के और कई बीमारियों से पीड़ित लोगों को कोविड-19 से सबसे अधिक खतरा है और उनकी सबसे अधिक मौत हुई हैं। साल दर साल उनकी प्रतिरक्षा प्रणाली इतनी कमजोर हो जाती है कि उनके संक्रामक रोग की चपेट में आने का खतरा अधिक हो जाता है।’’ साथ ही दिल की बीमारी, डिमेंशिया, फेफड़ों की बीमारी, मधुमेह या किडनी की बीमारियों के कारण उनके शरीर की संक्रामक रोगों से लड़ने की क्षमता समय के साथ कमजोर हो जाती है।

अपोलो अस्पताल के डॉ. निखिल मोदी ने कहा, ‘‘इस मामले में कूल्हे के फ्रैक्चर के कारण बुजुर्ग महिला को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। डॉक्टरों और नर्सों की टीम ने उनकी चिकित्सीय देखभाल के लिए कड़ी मेहनत की।’’ किसी भी तरह की दिक्कत आने की स्थिति में आईसीयू में एक टीम को तैयार रहने को कहा गया।

उन्होंने कहा, ‘‘इसके साथ ही हालांकि उनके पति को हल्के लक्षण थे लेकिन उनकी उम्र और कई बीमारियों को देखते हुए हर मिनट के लिए उनकी स्थिति पर नजर रखना हमारे लिए महत्वपूर्ण था।’’ डॉ. खरबंदा ने कहा, ‘‘स्वास्थ्य संबंधी कई दिक्कतें होने से मरीज की जान को बड़ा खतरा होता है। ऐसे मामलों में मरीज ट्रॉमा में भी जा सकता है जिससे उसके स्वस्थ होने की प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है।’’ हालांकि सभी दिक्कतों से पार पाते हुए दंपति को 22 जून को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। 

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