लाइव न्यूज़ :

रिश्तों ने छोड़ा साथ तो पुलिस ने कराया अंतिम संस्कार

By भाषा | Updated: May 2, 2021 16:41 IST

Open in App

सिद्धार्थनगर (उत्तर प्रदेश), दो मई उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में रिश्तों और इंसानियत पर कोविड-19 का डर भारी पड़ गया। इस संक्रमण के कारण मृत एक व्यक्ति के शव का परिजन और अन्य ग्रामीणों द्वारा 18 घंटे तक अंतिम संस्कार नहीं किए जाने पर पुलिस ने मानवीयता दिखाते हुए अंत्येष्टि की।

अपर पुलिस अधीक्षक सुरेश चन्द्र रावत ने रविवार को बताया कि यह मामला जिले के त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र के मल्हवार गांव का है, जहां कई दिन से बीमार 35 वर्षीय चंद्रशेखर चतुर्वेदी की 30 अप्रैल की रात नौ बजे मृत्यु हो गई, लेकिन कोरोना के डर के चलते 18 घंटे बीत जाने के बाद भी परिजनों के साथ-साथ गांव का कोई भी व्यक्ति शव को छूने या कंधा देने के लिए तैयार नहीं था।

उन्होंने बताया कि शनिवार को इसकी जानकारी जब पुलिस को हुई तो आनन फानन में त्रिलोकपुर थाना प्रभारी रणधीर कुमार मिश्रा अपनी टीम के साथ गांव पहुंचे और पुलिसकर्मियों ने शव को कंधा देकर धार्मिक रीति रिवाज के साथ अंतिम संस्कार कराया।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

क्रिकेटइंडियन प्रीमियर लीग में भुवनेश्वर कुमार ने जड़ा 'दोहरा शतक', ऐसा करने वाले दुनिया के दूसरे गेंदबाज, जानें पहले पायदान पर कौन?

क्रिकेट37 के साथ सबसे आगे CSK?, आईपीएल में सबसे ज्यादा 200 से अधिक रन बनाने वाली टीमें, देखिए टॉप-5 लिस्ट

क्राइम अलर्टमैडम दुकान के सामने गाड़ी मत लगाओ, ग्राहक को आने में दिक्कत होगी?, 78 वर्षीय दुकानदार को महिला उपनिरीक्षक ने थप्पड़ मारा, प्राथमिकी दर्ज

भारतगोदामों से सीधे एलपीजी सिलेंडर की बिक्री पर सख्त प्रतिबंध, सीएम रेखा गुप्ता ने कहा-भंडारण केंद्रों पर न जाएं और न ही भीड़ में इकट्ठा हों

पूजा पाठPanchang 06 April 2026: आज कब से कब तक है राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का समय, देखें पंचांग

भारत अधिक खबरें

भारतउच्च शिक्षा और अनुसंधान की चुनौतियां

भारतआदिवासी खेल: नई प्रतिभाओं की तलाश में एक सार्थक पहल

भारतबारामती विधानसभा उपचुनावः सीएम फडणवीस की बात नहीं मानी?, कांग्रेस ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ आकाश मोरे को चुनाव मैदान में उतारा

भारतUP की महिला ने रचा इतिहास! 14 दिनों में साइकिल से एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं

भारतLadki Bahin Yojana Row: महाराष्ट्र में 71 लाख महिलाएं अयोग्य घोषित, विपक्ष ने किया दावा, सरकार की जवाबदेही पर उठाए सवाल