लाइव न्यूज़ :

आलोचकों का बहुत सम्मान करता हूं, लेकिन ऐसे लोगों की संख्या बहुत कम: मोदी

By भाषा | Updated: October 2, 2021 20:16 IST

Open in App

नयी दिल्ली, दो अक्टूबर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि वह आलोचकों का बहुत सम्मान करते हैं और कई दफा तो उन्हें इनकी कमी भी महसूस होती है क्योंकि लोग सिर्फ आरोप लगाते हैं और धारणा के आधार पर खेल करने का प्रयास करते हैं व इनकी संख्या बहुत ज्यादा है।

‘‘ओपन’’ पत्रिका को दिए एक साक्षात्कार में प्रधानमंत्री ने शासन से जुड़े विभिन्न पहलुओं और अपनी निजी जीवन यात्रा पर अपनी बात रखी और कहा, ‘‘मैं महसूस करता हूं और मेरी धारणा भी है कि मैं अपने स्वस्थ विकास के लिए बहुत ही खुले मन से आलोचनाओं को बहुत महत्व देता हूं। मैं ईमानदारी से आलोचकों का बहुत सम्मान करता हूं। लेकिन दुर्भाग्यवश आलोचकों की संख्या बहुत कम है।’’

आलोचना और आरोप का अंतर स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘ज्यादातर लोग सिर्फ आरोप लगाते हैं, जो लोग धारणा के आधार पर खेल करने का प्रयास करते हैं, उनकी संख्या बहुत ज्यादा है जबकि आलोचना के लिए कठिन परिश्रम करना पड़ता है। उस बारे में अध्ययन करना पड़ता है। लेकिन आज की तेजी से भागती दुनिया में लोगों के पास इसके लिए फुर्सत नहीं है। लिहाजा कभी-कभार मैं आलोचकों की कमी भी महसूस करता हूं।’’

ज्ञात हो कि विपखी दल और कार्यकर्ताओं का एक समूह अक्सर प्रधानमंत्री पर आरोप लगाते हैं कि मोदी सरकार अपने आलोचकों के खिलाफ बदले की भावना से काम करती है।

गुजरात के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री बनने के बाद शासन चलाने के मामले में सात अक्टूबर को दो दशक पूरा करने वाले मोदी ने कहा कि जीवन के शुरुआती चरण में राजनीति से से उनका कोई लेना देना नहीं था और उनका झुकाव आध्यात्म की ओर अधिक था।

उन्होंने कहा कि ‘‘जनता की सेवा ही भगवान की सेवा है’’ के कथन ने उन्हें हमेशा प्रेरित किया।

उन्होंने कहा, ‘‘जहां तक राजनीति की बात है, दूर-दूर तक मेरा इससे कोई नाता नहीं था। बहुत बाद में वह भी परिस्थितिवश और कुछ मित्रों के कहने पर मैं राजनीति से जुड़ा। वहां भी मैं संगठन कार्यों में मशगूल रहा।’’

मोदी युवावस्था में ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़ गए थे और बाद में वह भाजपा में शामिल हुए।

सामान्य परिवार में पले-बढ़े मोदी से प्रधानमंत्री बनने के उनके सफर के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि देश की जनता ने उन्हें बहुत बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है और लगातार विश्वास जताया है जो उनके लिए गौरव की बात है।

उन्होंने कहा कि यही हमारे लोकतंत्र की मजबूती है।

उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए जीवन स्तर ऊंचा कर लोगों को सशक्त करना उन्हें बहुत प्रेरित करता है। यह महत्वपूर्ण है कि हर युवा को मौका मिले। और जब मैं मौकों की बात करता हूं तो मेरा मकसद उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का होता है ताकि वह अपनी आकांक्षाओं की पूर्ति कर सकें और सम्मान का जीवन जी सकें।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

क्राइम अलर्टबास्केटबॉल हुप पर पुल-अप्स कर रहे थे समुद्री इंजीनियरिंग संस्थान में 20 वर्षीय कैडेट विशाल वर्मा?, बैकबोर्ड गिरने से मौत

भारतपाकिस्तानी सोशल मीडिया की झूठी जानकारी का इस्तेमाल कर पत्नी पर आरोप, सीएम सरमा ने कहा-फर्जी डॉक्यूमेंट्स के साथ जनता के सामने बात?

क्राइम अलर्ट27 करोड़ रुपये से अधिक की जीएसटी धोखाधड़ी, मेरठ और बहराइच में एक्शन, वसीम अकरम, शुभम गुप्ता और नेक आलम अरेस्ट

कारोबारपश्चिम एशिया युद्ध के बीच जमकर गाड़ी खरीद कर लोग?, 2025-26 में 13.3 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 2,96,71,064?, जानिए दोपहिया वाहनों की संख्या

क्रिकेटएक था जो विकेट के पीछे?, जितेश शर्मा के शानदार प्रदर्शन के बाद आरसीबी ने धोनी पर किया कटाक्ष, वीडियो

भारत अधिक खबरें

भारतमुंबई में IIMCAA कनेक्शन्स मीट, फिल्म निर्माता मनोज मौर्य की सिल्वर जुबली सम्मान से सम्मानित

भारतकौन थे डॉ. मणि छेत्री?, 106 वर्ष की आयु में निधन

भारतपश्चिम एशिया युद्धः ओमान तट के निकट ड्रोन बोट हमले में जान गंवाने वाले 25 वर्षीय नाविक दीक्षित सोलंकी का शव मुंबई लाया

भारतगोदामों से सीधे एलपीजी सिलेंडर की बिक्री पर सख्त प्रतिबंध, सीएम रेखा गुप्ता ने कहा-भंडारण केंद्रों पर न जाएं और न ही भीड़ में इकट्ठा हों

भारतउच्च शिक्षा और अनुसंधान की चुनौतियां