हैदरपोरा मुठभेड़: मुख्यधारा की पार्टियों, अलगाववादियों ने माग्रे के शव को परिवार को सौंपने की मांग की

By भाषा | Updated: November 19, 2021 21:03 IST2021-11-19T21:03:17+5:302021-11-19T21:03:17+5:30

Hyderpora encounter: Mainstream parties, separatists demand handing over of Magrey's body to family | हैदरपोरा मुठभेड़: मुख्यधारा की पार्टियों, अलगाववादियों ने माग्रे के शव को परिवार को सौंपने की मांग की

हैदरपोरा मुठभेड़: मुख्यधारा की पार्टियों, अलगाववादियों ने माग्रे के शव को परिवार को सौंपने की मांग की

श्रीनगर, 19 नवंबर जम्मू कश्मीर में हैदरपोरा मुठभेड़ में मारे गए दो आम नागरिकों के शव उनके परिजनों को सौंपे जाने के बाद गोलीबारी में मारे गए तीसरे व्यक्ति आमिर माग्रे के शव को भी उसके परिवार के हवाले करने की मांग ने शुक्रवार को जोर पकड़ लिया। माग्रे के परिजनों का दावा है कि वह निर्दोष था।

राजनीतिक विचारधारा से ऊपर उठकर मुख्यधारा के नेताओं के साथ-साथ अलगाववादी खेमे ने भी माग्रे के शव को अंतिम संस्कार के लिए जम्मू के रामबन इलाके में उनके परिवार को सौंपने की मांग की। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने ट्विटर पर लिखा, ‘‘हैदरपोरा मुठभेड़ में मारे गए आमिर माग्रे का उनका शोकग्रस्त परिवार अभी सम्मानजनक अंतिम संस्कार नहीं कर पाया है। तथ्य यह है कि ये परिवार न्याय मांगने के बजाय शव लौटाने की गुहार कर रहे हैं, यह व्यवस्था में उनके विश्वास की कमी को दर्शाता है। उनका पार्थिव शरीर तुरंत लौटाया जाना चाहिए।’’

नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) के नेता रूहुल्लाह मेहदी ने एक ट्वीट किया, ‘‘क्या आमिर माग्रे का शव उनके परिवार को लौटा दिया गया है? और अगर नहीं तो क्यों? क्या प्रशासन और हमें (समाज को) लगता है कि वह इसके हकदार नहीं हैं? और मारे गए चौथे व्यक्ति की पहचान और विवरण के बारे में क्या? या कोई चौथा था? क्या उनमें कोई लड़ाका भी था?’’

श्रीनगर के महापौर जुनैद अजीम मट्टू ने भी माग्रे के पार्थिव शरीर को उनके परिवार को सौंपने की मांग की। मट्टू ने ट्वीट किया, ‘‘भारतीय नागरिक के रूप में रामबन के आमिर माग्रे को भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत अल्ताफ भट और मुदासिर गुल के समान (जीवन और मृत्यु में) अधिकार प्राप्त हैं। मनोज सिन्हा साहब से अनुरोध है कि माग्रे का पार्थिव शरीर भी अंतिम संस्कार के लिए उनके परिवार को सौंप दिया जाए।’’

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेता मोहम्मद यूसुफ तारिगामी ने भी सरकार से बिना किसी और देरी के शव लौटाने का आग्रह किया। तारिगामी ने कहा, ‘‘किसी भी संदेह से परे यह साबित हो गया है कि माग्रे एक आम नागरिक हैं। उनके पिता अब्दुल लतीफ माग्रे एक राज्य बहादुरी पुरस्कार के विजेता हैं और अब उनके बेटे को मार दिया गया है और उसे गलत तरीके से एक आतंकवादी करार दिया गया है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।’’

उन्होंने कहा कि कम से कम जम्मू-कश्मीर प्रशासन माग्रे का शव लौटा दे ताकि उनका परिवार उनका अंतिम संस्कार कर सके। माकपा नेता ने कहा कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि निहत्थे नागरिकों की हत्या में शामिल लोगों को कानून के दायरे में लाया जाए और दंडित किया जाए।

अलगाववादी हुर्रियत कांफ्रेंस ने भी अधिकारियों से माग्रे का शव उनके परिवार को लौटाने का आह्वान किया। एक बयान में मीरवाइज उमर फारूक के नेतृत्व वाले हुर्रियत ने कहा, ‘‘यह घृणित रूप से अमानवीय है। हुर्रियत अधिकारियों से कश्मीर में प्रचंड हिंसा को रोकने का आह्वान करता है।’’

हैदरपोरा मुठभेड़ में मारे गए दो आम नागरिकों मोहम्मद अल्ताफ भट और मुद्दसिर गुल के शवों को बृहस्पतिवार की रात उनके परिजनों को सौंप दिया गया। घटना के बाद इनके परिवार के सदस्यों ने विरोध प्रदर्शन किया और दावा किया कि वे निर्दोष थे और पुलिस के दावे के उलट आतंकवाद से नहीं जुड़े थे। पुलिस ने शुरू में उन्हें उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के हंदवाड़ा इलाके में दफनाया था।

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Web Title: Hyderpora encounter: Mainstream parties, separatists demand handing over of Magrey's body to family

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