लाइव न्यूज़ :

एचएसवीपी को गुड़गांव रैपिड मेट्रो के संचालकों के कर्ज का 80 फीसदी एस्क्रो में जमा करने का निर्देश

By भाषा | Updated: March 26, 2021 22:45 IST

Open in App

नयी दिल्ली, 26 मार्च उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) से कहा कि वह गुड़गांव रैपिड मेट्रो रेल का संचालन करने वाली दो आईएल एंड एफएस कंपनियों पर बकाया कर्ज की राशि 2,407 करोड़ रुपये का 80 प्रतिशत हिस्सा एक एस्क्रो खाता में जमा कराए।

एस्क्रो तीसरी पार्टी या स्वतंत्र पक्ष का खाता होता है जो दो पक्षों के बीच धन के लेन-देन का कानूनी काम करता है।

न्यायमूर्ति डी. वाई. चन्द्रचूड़, न्यायमूर्ति एम. आर. शाह और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ ने एचएसवीपी को निर्देश दिया कि वह कैग द्वारा तय बकाया कर्ज की राशि का 80 प्रतिशत हिस्सा तीन महीने के भीतर एक एस्क्रो खाता में जमा कराए।

यह कर्ज दो आईएल एंड एफएस कंपनियों द्वारा दो मेट्रो लाइनों के विकास और उनके संचालन के लिये बैंकों सहित अन्य लेनदारों से ली गयी राशि है।

रैपिड मेट्रो रेल गुड़गांव लिमिटेड और रैपिड मेट्रो रेल गुड़गांव साउथ लिमिटेड ने न्यायालय में अर्जी देकर दावा किया है कि एचएसवीपी कर्ज की बकाया राशि का 80 प्रतिशत हिस्सा एस्क्रो खाते में जमा कराने के पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के फैसले का पालन नहीं कर रहा है।

रैपिड मेट्रो रेल गुड़गांव लिमिटेड और रैपिड मेट्रो रेल गुड़गांव साउथ लिमिटेड यहां एमजी रोड पर सिकंदरपुर स्टेशन से एनएच-8 और सेक्टर-56 गुड़गांव तक दो मेट्रो लाइनों का विकास करने और उनका संचालन करने के लिए आईएल एंड एफएस द्वारा बनायी गयी थी।

दोनों कंपनियों ने जून 2019 में एचएसवीपी को नोटिस भेजा था कि उसके द्वारा समझौते का कथित रूप से पालन नहीं किए जाने के कारण आपसी समझौता सितंबर, 2019 में समाप्त हो जाएगा।

उन्होंने समझौते के आधार पर कांट्रैक्ट खत्म होने पर कुछ भुगतान की भी मांग की थी।

दोनों कंपनियों से अनुबंध खत्म करने का नोटिस मिलने पर एचएसवीपी उच्च न्यायालय चला गया और सितंबर, 2019 में अदालत ने दोनों कंपनियों को निर्देश दिया कि वह दोनों लाइनों के संचालन की जिम्मेदारी एचएसवीपी को सौंप दे।

अदालत ने ही कैग से कहा था कि वह कुल बकाया कर्ज का आकलन करे और एचएसवीपी को निर्देश दिया था कि वह कुल राशि का 80 प्रतिशत एक एस्क्रो खाते में जमा कराए।

साथ ही अदालत ने दोनों पक्षों को अपनी समस्या मध्यस्थता के जरिए सुलझाने को भी कहा था।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

विश्व'अगले 48 घंटों तक घर के अंदर ही रहें' : ईरान में मौजूद नागरिकों के लिए भारतीय दूतावास तत्काल सुरक्षा एडवाइज़री जारी की

ज़रा हटकेक्या है नंदगोपाल गुप्ता नंदी और यूपी के उन्नाव में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी का नाता?

विश्वक्या डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ करेंगे परमाणु हथियार का इस्तेमाल?, व्हाइट हाउस ने दिया जवाब

भारतNagpur: पवनी सफारी में दिखा दुर्लभ ‘काला चीतल’, पर्यटकों में बढ़ा रोमांच

अन्य खेल'हम नए लॉन्च प्लेटफॉर्म्स के साथ अपने हमले दोगुने कर देंगे': ट्रंप की धमकी के बाद ईरान का जवाब

भारत अधिक खबरें

भारत‘अपने स्तर को नीचे न गिराएं’: मल्लिकार्जुन खड़गे के ‘गुजरात के लोग अनपढ़ हैं’ वाले बयान पर शशि थरूर की सलाह

भारत'इस बार पाकिस्तान के कितने टुकड़े होंगे ये तो सिर्फ ऊपरवाला जानता है', राजनाथ सिंह ने PAK के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ की धमकी का दिया करारा जवाब

भारत403 करोड़ रुपए खर्च?, योगी सरकार का सियासी दांव, बीआर अंबेडकर की मूर्ति पर लगेगा छत्र

भारतमहाराष्ट्र सरकार ने ऑटो और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा टेस्ट अनिवार्य रूप से किया शुरू

भारतअसम का चुनाव अच्छा चल रहा, पवन खेड़ा के बड़बोलेपन की वजह से कांग्रेस की छवि को नुकसान?, उद्धव ठाकरे के प्रवक्ता आनंद दुबे बरसे, वीडियो