लाइव न्यूज़ :

टीपू सुल्तान की बायोपिक शूट होने की सूचना पर BJP और हिन्दू संगठन के कार्यकर्ताओं ने मचाया बवाल, रोकनी पड़ी शूटिंग 

By रामदीप मिश्रा | Updated: September 27, 2019 12:41 IST

तमिलनाडुः हिंदू मुन्नानी और बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर टीपू सुल्तान और तमिल अभिनेता कार्ति के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उनका मानना था कि कार्ति टीपू की भूमिका निभा रहे हैं।

Open in App
ठळक मुद्देतमिलनाडु के डिंडीगुल में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और हिंन्दू संगठन के कार्यकर्ताओं ने टीपू सुल्तान की जीवनी पर आधारित फिल्म की शूटिंग की सूचना मिलते ही रोकने के लिए जमकर विरोध प्रदर्शन किया है। फिल्म मंगलवार रात को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के साइट पर शूट की जा रही थी। उसी समय हिंदू मुन्नानी और बीजेपी के कार्यकर्ता वहां पहुंचे।

तमिलनाडु के डिंडीगुल में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और हिंन्दू संगठन के कार्यकर्ताओं ने टीपू सुल्तान की जीवनी पर आधारित फिल्म की शूटिंग की सूचना मिलते ही रोकने के लिए जमकर विरोध प्रदर्शन किया है। खबरों की मानें तो फिल्म मंगलवार रात को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के साइट पर शूट की जा रही थी। उसी समय हिंदू मुन्नानी और बीजेपी के कार्यकर्ता वहां पहुंचे।

रिपोर्ट्स में कहा गया है कि हिंदू मुन्नानी और बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर टीपू सुल्तान और तमिल अभिनेता कार्ति के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उनका मानना था कि कार्ति टीपू की भूमिका निभा रहे हैं। मैसूर के तत्कालीन शासक को हिंदू समूहों ने मुस्लिमों का पक्षधर बताया है।

डिंडीगुल में शूटिंग को लेकर एक पुलिस अधिकारी का कहना है कि विरोध प्रदर्शन के चलते कोई नुकसान नहीं हुआ, लेकिन शूटिंग बाधित हुई है। जिस दौरान हिंदू मुन्नानी और बीजेपी के कार्यकर्ताओं वहां पहुचे उस समय फिल्म की शूटिंग अंतिम चरण में थी। प्रदर्शनकारियों ने मीडिया रिपोर्ट का विश्वास कर प्रदर्शन किया। लेकिन फिल्म का नाम सुल्तान नहीं बल्कि 'टीपू सुल्तान' था। बता दें कि यह पूरा बवाल अफवाह के चलते हुए हुआ है। 

अधिकारी का कहना है कि फिल्म से जुड़े लोगों ने प्रदर्शनकारियों को मूल कहानी के बारे में बताया, लेकिन उन्होंने वहां से हटने के लिए मना कर दिया, जिसके बाद फिल्म क्रू वहां से चला गया।

फिल्म निर्माता एस आर प्रभु के ड्रीम वारियर पिक्चर्स ने गुरुवार को एक बयान जारी कर स्पष्ट किया कि फिल्म का टीपू सुल्तान से कोई लेना-देना नहीं है। फिल्म इंडस्ट्री को टारगेट करने वाले कई छोटे संगठनों की घटनाएं इन दिनों बढ़ रही हैं। एक फिल्म में दिखाया जाना है या नहीं यह तय करने के लिए सेंसर बोर्ड है। सेंसर बोर्ड के मानदंडों के भीतर क्या दिखाया जाना है, इसके बारे में कोई भी फैसला फिल्म निर्माता के पास जाता है। हम उन समूहों की निंदा करते हैं जो फिल्मों के निर्माण में बाधा उत्पन्न करते हैं।

टॅग्स :भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी)साउथ सिनेमातमिलनाडु
Open in App

संबंधित खबरें

बॉलीवुड चुस्कीUS-Israel Iran War: दुबई में फंसे भारतीय सितारे, साउथ से लेकर बॉलीवुड तक स्टार ने पीएम मोदी से मांगी मदद

बॉलीवुड चुस्कीरश्मिका मंदाना को देवर ने कहा 'वदीना', आनंद देवरकोंडा का पोस्ट हुआ वायरल

भारतपानीपुरी बेचने, मजदूरी करने और होटलों में टेबल साफ करने के लिए आते हैं उत्तर भारत से लोग?, संजय मयूख की पहल पर तमिलनाडु के मंत्री के खिलाफ निंदा प्रस्ताव

क्राइम अलर्ट4 दोस्त मिले और कई घंटे तक पीते रहे?, 2 सॉफ्टवेयर इंजीनियर मणि कुमार ने 6 कैन बीयर और पुष्पराज ने 5 कैन बीयर पी, शराब पीने के बाद खाना गले में फंसने से मौत

क्रिकेटन्यूजीलैंड सीरीज से पहले टीम इंडिया को झटका, पसली में फ्रैक्चर और 40 दिन के लिए बाहर साई सुदर्शन

भारत अधिक खबरें

भारतबारामती विधानसभा उपचुनावः सीएम फडणवीस की बात नहीं मानी?, कांग्रेस ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ आकाश मोरे को चुनाव मैदान में उतारा

भारतUP की महिला ने रचा इतिहास! 14 दिनों में साइकिल से एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं

भारतLadki Bahin Yojana Row: महाराष्ट्र में 71 लाख महिलाएं अयोग्य घोषित, विपक्ष ने किया दावा, सरकार की जवाबदेही पर उठाए सवाल

भारतयूपी बोर्ड ने 2026-27 के लिए कक्षा 9 से 12 तक NCERT और अधिकृत पुस्तकें अनिवार्य कीं

भारतपाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ के कोलकाता पर हमले की धमकी वाले बयान पर सोशल मीडिया पर 'धुरंधर' अंदाज़ में आई प्रतिक्रिया