लाइव न्यूज़ :

जज्बे ने बदल डाली बदहाल पार्क की सूरत, जहां फेंका जाता था कूड़ा, आज वहां बिछी है हरियाली की चादर

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: March 28, 2021 18:24 IST

एक मशहूर कहावत है मैं अकेला ही चला था जानिब-ए-मंजिल मगर लोग साथ आते गए और कारवां बनता गया। इस कहावत का मतलब यह है कि यदि कोई इंसान कुछ करने की ठान ले तो वो क्या नहीं कर सकता है।

Open in App

एक मशहूर कहावत है मैं अकेला ही चला था जानिब-ए-मंजिल मगर लोग साथ आते गए और कारवां बनता गया। इस कहावत का मतलब यह है कि यदि कोई इंसान कुछ करने की ठान ले तो वो क्या नहीं कर सकता है। वो हर असंभव को संभव बना सकता है, मुश्किल काम को अपने दृढ़ निश्चय से आसान बना सकता है।

ऐसा ही कुछ कर दिखाया है वैशाली सेक्टर चार की हिंडन हाइट्स में रहने वाले लोगों ने। उन्होंने लगभग 4 एकड़ में फैले पार्क की नगर निगम की कोशिश का इंतजार किए बना सूरत बदल डाली है। पहले जिस पार्क में कूड़ा फेंका जाता था, हमेशा गंदगी रहती थी और आवारा मवेशी घूमा करते थे। आज वहां लगभग 5000 पेड़-पौधों के जरिए हरियाली नजर आती है। यहां लोग योगा करते हैं और बच्चे घूमने आया करते हैं।

पार्क में जामुन, आम, बेल, नीम, पीपल, बरगद, कनेर, चंपा, खजूर आदि के छह सौ से अधिक पेड़-पौधे लहरा रहे हैं। लोगों ने पार्क का नाम पाम कोर्ट रखा है। अपने खर्च पर लोगों ने पार्क में सुरक्षा गार्ड रखा हुआ है, ताकि कोई यहां कूड़ा न डाले और पेड़-पौधों को नुकसान न पहुंचा सके।

इस पार्क का जीर्णोद्धार करने में सबसे अहम भूमिका डॉ. अरविंद पांडेय और मनोज अवस्थी ने निभाई है। इसके अलावा सीएम त्रिपाठी और रीमा जसरा ने भी इसमें साथ दिया। ये चारों स्थानीय निवासी हैं। उन्होंने 7 हाईराइज सोसायटियों से घिरे पार्क की सूरत बदलने की ठानी और अपने मकसद में कामयाबी भी हासिल की। वहीं पार्क के एक चौथाई हिस्से पर कब्जा हो चुका है।स्थानीय निवासियों ने बताया कि पार्क के विकास में अबतक 10 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं। पार्क का स्वामित्व नगर निगम के पास है। लेकिन लोगों ने निगम की प्रतीक्षा किए बिना ही यहां अपने पैसों से 24 घंटे के लिए सिक्योरिटी गार्ड्स और सफाई कर्मचारी तैनात कर दिए हैं। इसके अलावा पार्क में बेंच, गार्ड रूम, हट आदि बनवाए गए हैं। अब नगर निगम पार्क की चाहरदीवारी की रिपेयरिंग, इंटर लॉकिंग टाइल्स और ओपन जिम बनवा रहा है।

बता दें कि इस पार्क के पास लीला होम्स, महागुन विला, सनब्रीज टावर, हिंडन हाइट्स, रतन ज्योति, अमन कैसल अपार्टमेंट, गेटवे टावर समेत अन्य कई सोसायटियां हैं, जिनमें हजारों लोग रहते हैं। लेकिन सबसे अधिक योगदान हिंडन हाइट्स के लोगों ने किया है।

टॅग्स :गाजियाबाद
Open in App

संबंधित खबरें

क्राइम अलर्ट27 करोड़ रुपये से अधिक की जीएसटी धोखाधड़ी, मेरठ और बहराइच में एक्शन, वसीम अकरम, शुभम गुप्ता और नेक आलम अरेस्ट

क्राइम अलर्ट365 दिन पहले शादी, सुलह कराने ससुराल वाले आए, दामाद नितिन को साथ ले जा रहे थे, गाड़ी में झगड़ा, मारपीट कर मार डाला?

क्राइम अलर्ट120 दिन पहले शादी, जहरीला इंजेक्शन देकर रेडियोलॉजिस्ट पति अरुण शर्मा ने नर्स पत्नी काजल को मार डाला, शारीरिक उत्पीड़न और दहेज उत्पीड़न ने ली जान?

भारतजीवन के साथ ही मृत्यु भी हो गरिमापूर्ण?, कई देशों में इच्छामृत्यु को लेकर अलग-अलग कानून?

भारतगाजियाबाद के 32 वर्षीय हरीश राणा को इच्छामृत्यु की अनुमति?, 13 साल से जिंदा लाश?, सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला

भारत अधिक खबरें

भारतरामअवतार जग्गी हत्याः अमित जोगी को आजीवन कारावास की सजा

भारतबीजेपी 47वां स्थापना दिवस समारोहः करोड़ों कार्यकर्ता को बधाई, हम पार्टी को अपनी मां मानते हैं?, पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा-भावुक पोस्ट, वीडियो

भारतBaramati Bypoll 2026: कौन हैं आकाश मोरे? बारामती उपचुनाव में महाराष्ट्र की उप मुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार से टक्कर?

भारतअसम की जनता ने इस बार दो काम पक्के किए?, पीएम मोदी बोले- एनडीए की हैट्रिक और कांग्रेस के शाही परिवार के नामदार की हार की सेंचुरी का रिकॉर्ड?

भारतपाकिस्तानी सोशल मीडिया की झूठी जानकारी का इस्तेमाल कर पत्नी पर आरोप, सीएम सरमा ने कहा-फर्जी डॉक्यूमेंट्स के साथ जनता के सामने बात?