लाइव न्यूज़ :

उच्च न्यायालय ने प्राधिकारियों कहा, दीवानी अदालतों के न्यायाधिकार को बढ़ाने की मांग पर गौर करे

By भाषा | Updated: December 1, 2021 13:32 IST

Open in App

नयी दिल्ली, एक दिसंबर दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को प्राधिकारियों से कहा कि वे दीवानी अदालतों के न्यायाधिकार को बढ़ाने की मांग करने वाले एक अभिवेदन पर इस आधार पर विचार करें कि इससे जिला अदालतों के समक्ष मामलों का बोझ कम होगा।

मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ ने कहा कि इस मुद्दे पर उच्च न्यायालय का प्रशासनिक पक्ष गौर करेगा और इसे अदालत की एक समिति के समक्ष रखा जाएगा।

अदालत अधिवक्ता अमित साहनी की उस याचिका पर सुनवाई कर रहा थी, जिसमें कहा गया कि मौजूदा समय में दीवानी अदालतें तीन लाख रुपये तक के मामलों की सुनवाई कर सकती हैं, जिसकी वजह से बड़ी संख्या में जिला अदालतों में मामले पहुंच रहे हैं जिसका न्यायाधिकार क्षेत्र ‘‘कहीं विस्तृत’’ है, जो तीन लाख से दो करोड़ रुपये तक के मामले सुनने का है।

पीठ ने कहा कि इस अभिवेदन पर निर्णय अधिकारियों द्वारा यथाशीघ्र और कानून के अनुरूप किया जाना चाहिए।

पीठ ने याचिकाकर्ता को किसी भी शिकायत के मामले में संबंधित न्यायाधिकरण या अदालत का दरवाजा खटखटाने की स्वतंत्रता देते हुए कहा, ‘‘ अच्छा हुआ कि आप इस मामले को अदातल में लाए। हम इसे प्रशासनिक रूप में देखेंगे।’’

याचिका में इस बात पर जोर दिया गया कि उच्च न्यायालय के वित्तीय न्यायाधिकार क्षेत्र का विस्तार वर्ष 1970 के 25 हजार रुपये से बढ़ाकर वर्ष 2015 में दो करोड़ रुपये से अधिक का किया गया था। इसी प्रकार, जिला अदालतों का वित्तीय न्यायाधिकार क्षेत्र वर्ष 2003 के 20 लाख रुपये से बढ़ाकर वर्ष 2018 में दो करोड़ रुपये तक किया गया था ,जबकि दीवानी अदालतों का वित्तीय न्यायाधिकार क्षेत्र पहले जैसा ही है।

पीठ ने कहा कि प्राधिकारी इस अभिवेदन पर यथाशीघ्र कानून के अनुसार फैसला लें।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

विश्वIran-US War: ईरान के सुप्रीम लीडर की हालत नाजुक? मोजतबा खामेनेई के स्वास्थ्य को लेकर चौंकाने वाला दावा

स्वास्थ्यJammu-Kashmir: जम्‍मू कश्‍मीर में कैंसर का बढ़ता बोझ, 2018 से कश्मीर में 50,000 से ज्‍यादा मामले सामने आए

विश्वईरान ने युद्धविराम से किया इनकार, समाधान के लिए रखा 10-सूत्रीय फॉर्मूला? जानें

भारत3 दिन के भारत दौरे पर बांग्लादेशी विदेश मंत्री, क्या सुलझेंगे पुराने मुद्दे? जानें क्या मुद्दे शामिल

क्राइम अलर्टTamil Nadu: 6 साल बाद मिला न्याय! पिता-पुत्र की हिरासत में मौत केस में 9 पुलिसकर्मियों को मृत्युदंड

भारत अधिक खबरें

भारतWest Bengal: विधानसभा चुनावों से पहले बंगाल की वोटर लिस्ट से करीब 90 लाख नाम हटाए गए

भारतAssam Opinion Poll 2026: बीजेपी के नेतृत्व वाला एनडीए और भी बड़े बहुमत के साथ सत्ता में बना रहेगा, Matrize का अनुमान

भारतयूपी में सरकारी वकीलों की फीस 50% तक बढ़ाएगी सरकार, सरकारी खजाने पर बढ़ेगा 120 करोड़ रुपए का बोझ

भारत'मेरे पति 40 साल के हैं, मैं 19 की': मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में महिला ने अपने प्रेमी के साथ रहने का अधिकार जीता

भारत'IIT बाबा' अभय सिंह ने कर्नाटक की इंजीनियर से शादी की, पत्नी के साथ हरियाणा में अपने पैतृक गांव पहुंचे