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चिदंबरम, अन्य से जुड़े आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले में निचली अदालत की सुनवाई पर रोक

By भाषा | Updated: May 18, 2021 15:55 IST

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नयी दिल्ली, 18 मई दिल्ली उच्च न्यायालय ने कांग्रेस नेता पी चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति से जुड़े, सीबीआई के आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले में निचली अदालत की सुनवाई पर मंगलवार को रोक लगा दी।

न्यायमूर्ति सुरेश कुमार कैत ने निचली अदालत के एक आदेश को चुनौती देने वाली सीबीआई की याचिका पर चिदंबरम और अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। निचली अदालत ने अपने आदेश में एजेंसी से कहा था कि वह आरोपी और उनके वकील को ‘मालखाने’ में रखे दस्तावेज देखने की इजाजत दे।

सीबीआई ने विशेष न्यायाधीश के पांच मार्च 2021 के उस आदेश को दरकिनार करने की मांग की थी कि जिसमें निर्देश दिया गया था कि वह प्रतिवादी/आरोपी/उनके वकील को मालखाने में रखे दस्तावेजों के निरीक्षण की इजाजत दे।

एजेंसी ने दलील दी थी कि निचली अदालत का आदेश सीबीआई की जांच प्रक्रिया में घुसपैठ के तौर पर परिलक्षित होता है और अगर आरोपी व्यक्तियों को मालखाने में उपलब्ध दस्तावेजों की निरीक्षण की इजाजत दी गई तो इससे जांच प्रभावित होगी और इस बात की पूरी आशंका है कि वे साक्ष्यों से छेड़छाड़ कर सकते हैं।

एजेंसी ने कहा कि यह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रभाव रखने वाले शीर्ष स्तर पर भारी आर्थिक धोखाधड़ी व भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच-पड़ताल करने की सीबीआई की शक्तियों को भी प्रभावित करेगा।

सीबीआई ने कहा कि 14 आरोपियों में से सिर्फ कार्ति ने मालखाने में रखे दस्तावेजों को देखने का आवेदन दिया है, हालांकि निचली अदालत ने त्रुटिपूर्ण रूप से सभी आरोपियों को इसे देखने की इजाजत दे दी और वह राहत देने के लिये न्यायिक शक्तियों को पार किया जिसके लिये प्रार्थना भी नहीं की गई थी।

इसके अलावा सीबीआई ने अदालत के उस आदेश को दरकिनार करने के भी मांग की जिसमें कहा गया है कि एजेंसी को अदालत में वो सभी दस्तावेज दायर या पेश करने की जरूरत है जो मामले की जांच के दौरान उसके द्वारा एकत्र किये गए और आरोपी भी ऐसे दस्तावेजों की प्रति पाने या उनका निरीक्षण करने के हकदार हैं भले ही सीबीआई ने उन दस्तावेजों पर भरोसा किया हो या न किया हो।

सीबीआई ने 15 मई, 2017 को मामला दर्ज किया था। मामला चिदंबरम के वित्तमंत्री के रूप में कार्यकाल के दौरान 2007 में आईएनएक्स मीडिया समूह को 305 करोड़ रुपये का विदेशी धन प्राप्त करने के लिए विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की मंजूरी देने में अनियमितताओं के आरोपों से संबंधित है।

इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय ने धनशोधन का मामला दर्ज किया था।

इस मामले में पी चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति जमानत पर हैं।

अदालत ने पूर्व में अन्य आरोपियों को भी दो लाख रुपये की जमानत राशि और इतनी ही रकम के मुचलके पर जमानत दे दी थी।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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