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हरियाणाः शादी कार्ड पर सर छोटू राम और शहीद भगत सिंह की फोटो छपवाई, नारे लिखा- 'किसान नहीं तो अन्न नहीं'

By लोकमत समाचार ब्यूरो | Updated: February 5, 2021 16:07 IST

सर छोटू राम का जन्म 24 नवंबर 1881 को हुआ था और उन्हें किसानों का मसीहा माना जाता है। ब्रिटिश शासनकाल में किसानों को सशक्त करने में उनकी अहम भूमिका थी।

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ठळक मुद्देबेटे की शादी के निमंत्रण पत्र पर किसानों के समर्थन में नारा छपवाया है।हरियाणा में कैथल के गांव धुंदरेडी में एक परिवार ऐसा है, जिनके बेटे की शादी 20 फरवरी 2021 को तय की गई है.किसान आंदोलन के समर्थन में बनाए गए स्टिकर और लोगो का इस्तेमाल गाड़ियों पर किया जा रहा है.

कैथलः कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे आंदोलन को समर्थन देने के लिए लोग अलग-अलग तरह के प्रयोग कर रहे हैं. कोई ट्रैक्टर को सजा रहा है, कोई तिरंगा लेकर सड़क पर भाग रहा है तो कोई कावड़ लेकर जा रहा है.

यहां तक की कार्ड को खेती और किसानी से जोड़कर बनाया जा रहा है. लेकिन हरियाणा के कैथल में रहने वाले एक परिवार ने कुछ नया करने का काम किया है. हरियाणा में कैथल के गांव धुंदरेडी में एक परिवार ऐसा है, जिनके बेटे की शादी 20 फरवरी 2021 को तय की गई है. इन लोगों ने शादी के कार्ड पर किसानों के नेता सर छोटू राम और शहीद भगत सिंह की फोटो छपवाई है.

साथ में शादी के कार्ड पर एक स्लोगन छपा है

इसके साथ में शादी के कार्ड पर एक स्लोगन छपा है. इस स्लोगन का मतलब है कि किसान नहीं तो खाना नहीं. एक प्रेस के मालिक के अनुसार, विवाह के निमंत्रण पत्र पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भगत सिंह का चित्र भी छपवाया जा रहा है. प्रेस के मालिक ने कहा, ''बहुत से किसान परिवार और अन्य लोग शादी के निमंत्रण पत्र पर 'किसान नहीं तो अन्न नहीं' जैसे नारे छापने और सर छोटू राम तथा भगत सिंह के चित्र लगाने का अनुरोध कर रहे हैं.''

सर छोटू राम का जन्म 24 नवंबर 1881 को हुआ था और उन्हें किसानों का मसीहा माना जाता है. ब्रिटिश शासनकाल में किसानों को सशक्त करने में उनकी अहम भूमिका थी. जिले के ढूंढरेहड़ी गांव के किसान प्रेम सिंह गोयत उन लोगों में से एक हैं जिन्होंने अपने बेटे की शादी के निमंत्रण पत्र पर किसानों के समर्थन में नारा छपवाया है.

कानूनों के विरुद्ध हजारों किसान प्रदर्शन कर रहे हैं

गोयत ने कहा, ''इन कानूनों के विरुद्ध हजारों किसान प्रदर्शन कर रहे हैं और हम उनके समर्थन में खड़े हैं. मेरे बेटे की 20 फरवरी को शादी होने वाली है और मुझे लगा कि क्यों न हम निमंत्रण पत्र पर सर छोटू राम और शहीद भगत सिंह के चित्र छपवाएं.''

स्टिकर पर आई लव खेती किसान आंदोलन के समर्थन में बनाए गए स्टिकर और लोगो का इस्तेमाल गाड़ियों पर किया जा रहा है. शादी के कार्ड पर खास नारे भी लिखे जा रहे हैं,जिसमें आई लव खेती, नो फार्मर नो फूड जैसे नारे शामिल हैं. इस तरह के नारे लिखवाने वाले किसानों का कहना है कि किसी कारण से वे दिल्ली के आंदोलन में नहीं जा सके तो किसानों के समर्थन नारे लिखवाकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं.

टॅग्स :किसान आंदोलनहरियाणाभारत सरकार
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