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जिमखाना क्लब : न्यायालय ने अगले आदेश तक सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने को कहा

By भाषा | Updated: September 23, 2021 18:58 IST

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नयी दिल्ली, 23 सितंबर उच्चतम न्यायालय ने दिल्ली जिमखाना क्लब के रिकॉर्ड नष्ट किए जाने संबंधी आरोपों को बृहस्पतिवार को बेहद गंभीरता से लिया और क्लब के प्रशासक को निर्देश दिया कि अगले आदेश तक परिसर में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सुरक्षित रखी जाए।

क्लब के कार्यालय के रिकॉर्ड कथित रूप से नष्ट किए जाने संबंधी शिकायत को उच्चतम न्यायालय ने ‘‘गंभीर’’ बताया।

न्यायमूर्ति ए. एम. खानविलकर की अध्यक्षता वाली पीठ राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय अधिकरण (एनसीएलएटी) के 15 फरवरी के आदेश को चुनौती देने सहित विभिन्न याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। एनसीएलएटी ने अपने आदेश में दिल्ली जिमखाना क्लब की आम समिति को भंग कर दिया था और सरकार से प्रशासक नियुक्त करने को कहा था।

क्लब के प्रशासक की ओर से पेश हुए अधिवक्ता ने न्यायालय को बताया कि उन्होंने मामले को कुछ समय के लिए स्थगित करने का अनुरोध किया है क्योंकि मुकदमे की पैरवी कर रहे अधिवक्ता बीमार हैं।

न्यायमूर्ति खानविलकर, न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी और न्यायमूर्ति सी. टी. रविकुमार की पीठ को ‘व्हसिलब्लोवर’ की ओर से पेश अधिवक्ता ने बताया कि आवेदक को उचित प्रक्रिया का पालन किए बगैर सेवा से निकाल दिया गया था।

उन्होंने पीठ को बताया, ‘‘हो क्या रहा है, वे लोग साक्ष्य नष्ट कर रहे हैं।’’ उन्होंने बताया कि प्रशासक तीन बार बदले गए हैं और कई लोगों को सेवा से निकाल दिया गया है।

प्रशासक की ओर से पेश अधिवक्ता ने जब दावा किया कि यह बयान ‘‘सत्य नहीं’’ हैं, पीठ ने कहा, ‘‘इससे फर्क नहीं पड़ता, यह सलाह स्वीकार करने में कोई नुकसान नहीं है कि रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखी जाए।’’

केन्द्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि प्रशासक केन्द्र सरकार द्वारा नियुक्त किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि वह सीसीटीवी कैमरों का फुटेज सुरक्षित रखने की सलाह से अवगत करा देंगे।

पीठ ने कहा, ‘‘यह गंभीर चिंता है। अगर रिकॉर्ड नष्ट कर दिए जाते हैं तो, ऐसे में जांच के लिए क्या बचेगा।’’

पीठ ने कहा, ‘‘सॉलिसिटर जनरल, कुछ भी असंभव नहीं है। अगर चिंता जतायी गयी है तो, इसका कुछ तो आधार होगा।’’ प्रशासक को सुनिश्चित करना चाहिए कि दफ्तर में ऐसा कुछ नहीं हो।

पीठ ने अपने आदेश में कहा कि आवेदकों में से एक ने चिंता जतायी है कि ‘‘कोई दफ्तर के रिकॉर्ड नष्ट करने या उनसे छेड़छाड़ करने का प्रयास कर रहा है।’’

पीठ ने कहा, ‘‘हमें तत्काल इस चिंता पर विचार करने की जरूरत नहीं है। लेकिन, चूंकि परिसर और कार्यालय परिसर में भी सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं, इसलिए हम प्रशासक को निर्देश देते हैं कि वह सुनिश्चित करें कि न्यायालय द्वारा अगला आदेश दिए जाने तक आज से भविष्य के सीसीटीवी कैमरों के सभी फुटेज सुरक्षित रखे जाएं।’’

पीठ ने मामले की सुनवाई अगले सप्ताह के लिए स्थगित कर दी।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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