Kashmir Tourism: कश्मीर में होमस्टे का बढ़ता चलन टूरिज्म में जान डाल रहा
By सुरेश एस डुग्गर | Updated: April 8, 2026 14:31 IST2026-04-08T14:31:07+5:302026-04-08T14:31:20+5:30
Kashmir Tourism: एक सरकारी दस्तावेज के अनुसार, इन होमस्टे का प्रचार आधिकारिक पर्यटन पोर्टलों और जेके टूरिज्म मोबाइल एप के जरिए किया जा रहा है, जिससे घरेलू और विदेशी पर्यटकों के बीच इनकी पहुंच बढ़ रही है।

Kashmir Tourism: कश्मीर में होमस्टे का बढ़ता चलन टूरिज्म में जान डाल रहा
Kashmir Tourism: एलओसी से सटे केरन के रहने वाले ग्रेजुएट मोहम्मद राशिद भट ने 2022 में, जब पर्यटकों ने सीमावर्ती इलाकों को घूमना शुरू किया, तो अपने दो-मंजिला घर को एक होमस्टे में बदल दिया। शुरुआत में 2022 की नीति के तहत कुछ कमरों को रजिस्टर करके, उन्होंने उन छोटे-छोटे पर्यटक समूहों की मेहमाननवाजी शुरू की, जो इस दूरदराज की घाटी के जीवन का अनुभव लेने के लिए उत्सुक थे। यह घाटी अपनी प्राकृतिक सुंदरता और शांत नदी-किनारों के लिए जानी जाती है।
भट कहते थे कि प्रतिक्रिया मेरी उम्मीद से कहीं ज्घ्यादा अच्छी रही। पर्यटक स्थानीय घरों में रहना, पारंपरिक खाना खाना और हमारी संस्कृति के बारे में जानना चाहते थे। कुछ ही महीनों में, कमरों की बुकिंग लगातार बढ़ने लगी।
इस बढ़ती मांग से उत्साहित होकर, भट ने और कमरे जोड़कर, सुविधाओं को बेहतर बनाकर और अपने होमस्टे का आनलाइन प्रचार करके अपनी सुविधा का विस्तार किया।
सिर्फ केरन में ही नहीं, बल्कि पूरे कश्मीर में पिछले कुछ सालों में होमस्टे की संख्या तेजी से बढ़ी है। आंकड़ों के अनुसार, कश्मीर संभाग में चार साल से भी कम समय में 1,600 से ज्यादा रजिस्टर्ड होमस्टे खुल चुके हैं।
यह चलन 2022 के बाद तेजी से बढ़ा, जब सरकार ने जम्मू और कश्मीर होमस्टे नीति की घोषणा की। इस नीति के तहत, स्थानीय निवासी अपने घरों में पर्यटकों की मेहमाननवाजी के लिए एक से लेकर छह कमरों तक, जिनकी अधिकतम क्षमता 12 बिस्तरों की हो सकती है, को रजिस्टर कर सकते हैं।
अधिकारियों ने बताया कि यह बढ़ोतरी खास तौर पर उन दूरदराज और सीमावर्ती इलाकों में देखने को मिली है, जहां बेहतर कनेक्टिविटी और यात्रा प्रतिबंधों में ढील मिलने से उन पर्यटकों के लिए नए रास्ते खुल गए हैं, जो अनछुए प्राकृतिक नजारों और असली अनुभवों की तलाश में रहते हैं।
इस पहल को मजबूत बनाने के लिए, सरकार ने जम्मू और कश्मीर बैंक के साथ साझेदारी की है, ताकि होमस्टे शुरू करने के इच्छुक लोगों को रियायती दरों पर आर्थिक सहायता दी जा सके। एक सरकारी दस्तावेज के अनुसार, इन होमस्टे का प्रचार आधिकारिक पर्यटन पोर्टलों और जेके टूरिज्म मोबाइल एप के जरिए किया जा रहा है, जिससे घरेलू और विदेशी पर्यटकों के बीच इनकी पहुंच बढ़ रही है।
मुख्य सचिव अतुल डुल्लू ने पर्यटन विभाग को निर्देश दिया है कि वह सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर अपनी मौजूदगी बढ़ाए और होमस्टे को एक खास आनलाइन पोर्टल से जोड़े। यह पोर्टल रियल-टाइम बुकिंग, सुविधाओं के बारे में विस्तृत जानकारी और लोगों की राय व रेटिंग देने की सुविधा प्रदान करेगा।