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कौशल विकास के जरिये कुशल मानव संसाधन विकसित करने की सरकार की तैयारी

By भाषा | Updated: September 17, 2021 16:53 IST

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नयी दिल्ली, 17 सितंबर स्कूल स्तर से ही छात्रों को व्यवसायिक शिक्षा से जोड़ने की मुहिम के तहत शिक्षा मंत्रालय ने प्रारंभिक स्कूली शिक्षा के पाठ्यक्रम में कौशल गतिविधियों को शामिल करने एवं उच्च शिक्षा में आधुनिक समय के अनुकूल कौशल विकास से जुड़े पाठ्यक्रम जोड़ने की तैयारी की है । इसका उदेश्य शिक्षा के बाद रोजगार की समस्या को दूर करने के साथ ही उद्योगों की जरूरतों को पूरा करना है ।

शिक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी ने ‘भाषा’ को बताया कि छठी कक्षा से उच्च माध्यमिक स्तर पर व्यवसायिक शिक्षा का एक ढांचा लागू किया जा रहा है, साथ ही प्रारंभिक शिक्षा के स्तर पर भी कौशल गतिविधियों पर जोर दिया जायेगा ।

उन्होंने बताया कि कौशल भारत मिशन के तहत 9वीं कक्षा से 12वीं कक्षा के छात्रों को व्यवसायिक शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से समग्र शिक्षा योजना लागू की जा रहा है।

उन्होंने यह भी बताया कि इस संबंध में माध्यमिक स्कूल प्रशिक्षण कार्यक्रमों को लेकर औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई), पॉलिटेक्निक संस्थानों आदि से गठजोड़ कर सकेंगे ।

सरकार का मकसद साल 2025 तक स्कूली एवं उच्च शिक्षा प्रणाली में 50 प्रतिशत छात्रों को व्यवसायिक शिक्षा से जोड़ना है।

व्यवासायिक एवं कौशल विकास योजना को लागू करने की योजना के तहत घरेलू एवं वैश्विक जरूरतों के आकलन के लिये उद्योगों की मदद ली जा रही है ताकि शिक्षा के बाद रोजगार की समस्या को दूर करने के साथ उद्योगों की जरूरतों को पूरा किया जा सके ।

हाल ही में शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा था कि स्कूली शिक्षा में नए जमाने के कौशल विकास के तहत पाठ्यक्रम तैयार करने तथा शिक्षकों के प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान देना होगा।

इन पाठ्यक्रमों में कृत्रिम बुद्धिमता, रोबोटिक्स, कोडिंग, डाटा साइंस जैसे पाठ्यक्रमों पर जोर दिया जा रहा है।

मंत्रालय ने स्कूलों में स्किल लैब स्थापित करने की योजना पर काम शुरू किया है। वैसे स्कूल जिनमें स्किल लैब स्थापित होंगे, उनके आसपास के दूसरे स्कूल भी इन सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे जहां ऐसे लैब नहीं होंगे ।

मंत्रालय ने करियर से जुड़े पसंद एवं विकल्पों को लेकर कौशल आधारित एप्टीट्यूट टेस्ट का प्रारूप विकसित किया है। इसे सीबीएसई और एनसीईआरटी ने तैयार किया है।

कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्कूली स्तर पर 55 व्यवसायिक पाठ्यक्रम पेश किये जा रहे हैं तथा मार्च 2021 तक कौशल विकास योजना से 13,50,175 छात्र लाभान्वित हुए हैं ।

इन कौशल विकास पाठ्यक्रमों में कृषि, परिधान, मोटरवाहन, बैंकिंग, वित्त, बीमा सेवाएं, सौंदर्य, स्वास्थ्य, विनिर्माण, इलेक्ट्रानिक एवं हार्डवेयर, सूचना प्रौद्योगिकी सक्षम सेवाएं, मीडिया, मनोरंजन, बहु कौशलीकरण, प्लंबर, बिजली, सुरक्षा, दूरसंचार, पर्यटन एवं आतिथ्य, परिवहन रसद, भंडारण आदि शामिल है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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