कृषि क़ानूनों पर सरकार करें पुनर्विचार : विपक्ष
By भाषा | Updated: November 29, 2020 18:59 IST2020-11-29T18:59:42+5:302020-11-29T18:59:42+5:30

कृषि क़ानूनों पर सरकार करें पुनर्विचार : विपक्ष
लखनऊ, 29 नवंबर कृषि क़ानूनों के खिलाफ आंदोलित किसानों के समर्थन में उत्तर प्रदेश के विपक्षी दलों के तेवर तीखे हो गये हैं। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी एवं बहुजन समाज पार्टी के अलावा अन्य राजनीतिक दलों ने भी सरकार के खिलाफ तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। विपक्षी राजनीतिक दलों ने कृषि कानून पर पुनर्विचार करने की मांग उठाई है।
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों का रविवार को समर्थन करते हुए केंद्र सरकार को इन कानूनों पर पुनर्विचार करने की सलाह दी।
मायावती ने ट्वीट किया कि पूरे देश के किसान केंद्र सरकार के हालिया कृषि कानूनों को लेकर काफी नाराज हैं और इनके खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘केंद्र सरकार किसानों की सहमति के बगैर बनाये गये इन कानूनों पर अगर पुनर्विचार कर ले तो बेहतर होगा।'
बसपा के अलावा समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस समेत उत्तर प्रदेश में कई प्रमुख राजनीतिक दलों ने किसानों के आंदोलन का समर्थन किया है।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने किसानों के मसले पर सरकार की तीखी आलोचना की और कहा कि कृषि विरोधी काले क़ानूनों के खत्म होने तक लड़ाई जारी रहेगी।
प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने कृषि विरोधी बिल के खिलाफ दिल्ली आ रहे पंजाब तथा हरियाणा के किसानों पर लाठी चार्ज, आँसू गैस के गोले छोड़ने एवं पानी की बौछार करने की कड़ी निंदा की है।
उन्होंने कहा कि इसके मद्देनज़र किसानों और विपक्ष की आम सहमति के बिना बनाए गए इन क़ानूनों पर केन्द्र सरकार पुनर्विचार करे।
शिवपाल ने कहा कि अन्नदाताओं पर लाठियां बरसाने वाले सत्ता में बने रहने के काबिल नहीं हैं। लोकतंत्र में सांकेतिक विरोध प्रदर्शन का अधिकार सभी को है, यही लोकतंत्र की ताकत है, बड़ी सी बड़ी समस्याओं को बातचीत के द्वारा हल किया जा सकता है, जन आकांक्षा के दमन और लाठी चार्ज के लिए लोकतंत्र में कोई जगह नहीं है ।
इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को किसानों के आंदोलन का समर्थन करते हुए पत्रकारों से कहा था, 'किसानों पर इस तरह की लाठी किसी ने नहीं चलाई होगी और इस तरह का आतंकी हमला किसी सरकार ने नहीं किया होगा, जैसा भाजपा की सरकार में हो रहा है।''
यादव ने कहा, ''ये वही लोग हैं, जिन्होंने किसानों से कहा था कि वे सत्ता में आने पर उनके न सिर्फ कर्ज माफ नहीं करेंगे बल्कि पैदावार की कीमत भी देंगे और आय दोगुनी कर देंगे, लेकिन जबसे भाजपा सरकार आई है, तब से किसान सबसे ज्यादा गरीब और बर्बाद हुए हैं।''
रविवार को भी जारी बयान में अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया।
Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।