लाइव न्यूज़ :

गोवा: आवास के मुद्दे पर डॉक्टरों ने सेवाएं वापस लीं

By भाषा | Updated: November 2, 2020 18:27 IST

Open in App

पणजी, दो नवंबर गोवा सरकार ने दो कोविड-19 केंद्रों के डॉक्टरों को उनके कमरे खाली करने को कहा था, जिस पर डॉक्टरों ने पुनर्विचार की मांग की थी और जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो सोमवार को उन्होंने अपनी सेवाएं वापस ले लीं।

गोवा रेजीडेंट डॉक्टर संघ के अध्यक्ष डॉ प्रतीक सावंत ने कहा कि रेजीडेंट डॉक्टरों ने मडगांव के ईएसआई अस्पताल और दक्षिण गोवा जिला अस्पताल से अपनी सेवाएं वापस ले ली हैं।

डॉक्टरों से शनिवार के एक परिपत्र में सरकार द्वारा मुहैया कराये गये आवास खाली करने को कहा गया था।

सावंत ने कहा, ‘‘संघ से जुड़े 60 से अधिक डॉक्टरों ने सेवाएं वापस ले ली हैं। हमने राज्य सरकार से परिपत्र वापस लेने का अनुरोध किया था। लेकिन सोमवार को हमें बताया गया कि या तो हमें घर खाली करने होंगे या उनका किराया देना होगा। इसके बाद हमने दो कोविड-19 केंद्रों पर काम बंद करने का फैसला किया।’’

गोवा मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डीन डॉ शिवानंद बांदेकर ने कहा कि राज्य सरकार मामले को देख रही है और डॉक्टरों को यथासंभव जल्द काम पर लौट आना चाहिए।

Open in App

संबंधित खबरें

क्रिकेटइंडियन प्रीमियर लीग में भुवनेश्वर कुमार ने जड़ा 'दोहरा शतक', ऐसा करने वाले दुनिया के दूसरे गेंदबाज, जानें पहले पायदान पर कौन?

क्रिकेट37 के साथ सबसे आगे CSK?, आईपीएल में सबसे ज्यादा 200 से अधिक रन बनाने वाली टीमें, देखिए टॉप-5 लिस्ट

क्राइम अलर्टमैडम दुकान के सामने गाड़ी मत लगाओ, ग्राहक को आने में दिक्कत होगी?, 78 वर्षीय दुकानदार को महिला उपनिरीक्षक ने थप्पड़ मारा, प्राथमिकी दर्ज

भारतगोदामों से सीधे एलपीजी सिलेंडर की बिक्री पर सख्त प्रतिबंध, सीएम रेखा गुप्ता ने कहा-भंडारण केंद्रों पर न जाएं और न ही भीड़ में इकट्ठा हों

पूजा पाठPanchang 06 April 2026: आज कब से कब तक है राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का समय, देखें पंचांग

भारत अधिक खबरें

भारतउच्च शिक्षा और अनुसंधान की चुनौतियां

भारतआदिवासी खेल: नई प्रतिभाओं की तलाश में एक सार्थक पहल

भारतबारामती विधानसभा उपचुनावः सीएम फडणवीस की बात नहीं मानी?, कांग्रेस ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ आकाश मोरे को चुनाव मैदान में उतारा

भारतUP की महिला ने रचा इतिहास! 14 दिनों में साइकिल से एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं

भारतLadki Bahin Yojana Row: महाराष्ट्र में 71 लाख महिलाएं अयोग्य घोषित, विपक्ष ने किया दावा, सरकार की जवाबदेही पर उठाए सवाल