गाजियाबाद में आधे भी नहीं बनाए ईडब्ल्यूएस और पीएम आवास, जीडीए के गड़बड़झाले से सीएम योगी खफा

By राजेंद्र कुमार | Updated: February 22, 2026 16:29 IST2026-02-22T16:29:49+5:302026-02-22T16:29:49+5:30

इसी जिले के विकास प्राधिकरण ने ईडब्ल्यूएस और पीएम आवास बनाने को लेकर बीते दिनों योगी सरकार की छवि को तार तार कर दिया है. इस प्राधिकरण को वर्ष 2027 से 2022 की बीच 25,000 मकान बनाने थे, लेकिन 9,960 आवास ही बनाए जा सके. 

Ghaziabad's EWS and PM housing projects haven't even been built halfway; GDA's mess leaves CM Yogi upset | गाजियाबाद में आधे भी नहीं बनाए ईडब्ल्यूएस और पीएम आवास, जीडीए के गड़बड़झाले से सीएम योगी खफा

गाजियाबाद में आधे भी नहीं बनाए ईडब्ल्यूएस और पीएम आवास, जीडीए के गड़बड़झाले से सीएम योगी खफा

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले को "सूबे का प्रवेश द्वार" कहा जाता है. दिल्ली से सटा यह जिला प्रमुख औद्योगिक और आवासीय केंद्र है. इसे जिले में तैनाती पाने के लिए आईएएस और आईपीएस अफसर लालायित रहे हैं. इसी जिले के विकास प्राधिकरण ने ईडब्ल्यूएस और पीएम आवास बनाने को लेकर बीते दिनों योगी सरकार की छवि को तार तार कर दिया है. इस प्राधिकरण को वर्ष 2027 से 2022 की बीच 25,000 मकान बनाने थे, लेकिन 9,960 आवास ही बनाए जा सके. 

इसी समयावधि में उक्त प्राधिकरण को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीब और जरूरतमंदों के लिए 45,000 मकान बनाने थे, लेकिन बने केवल 5,801 मकान. जाहिर है कि गाजियाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा ईडबल्यूएस और पीएम आवास बनाने को लेकर दिखाई गई इस सुस्ती से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खासे खफा हैं और उन्होने ने इस सुस्ती के लिए अधिकारियों की ज़िम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए हैं. 

झूठे दावे करने वाली सरकार : शिवपाल 

फिलहाल गाजियाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा ईडब्ल्यूएस और पीएम आवास बनाने में दिखाई गई इस सुस्ती को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) के सीनियर नेता शिवपाल सिंह यादव ने योगी सरकार को झूठे दावे करने वाली सरकार बताया है. शिवपाल सिंह यादव का कहना है कि बीते नौ वर्षों में गरीब और जरूरतमंद 62 लाख परिवारों को पक्के आवास दिए जाने का योगी सरकार दावा करती है, लेकिन गाजियाबाद में गरीब परिवारों को आवास देने के मामले में क्या हुआ है? 

इसकी तस्वीर भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की सदन में रखी गई रिपोर्ट ने दिखा दी. इस रिपोर्ट के आंकड़े देख मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भी बोलती बंद हो गई. शिवपाल यादव के अनुसार, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण ने 2017 से 2022 के बीच ईडब्ल्यूएस वर्ग के मात्र 9,960 मकान ही बनाए जबकि इसे 25,000 मकान बनाने थे. 

इसी प्रकार इस गाजियाबाद प्राधिकरण के अधीन बनाई जाने वाली इंटीग्रेटेड और हाईटेक टाउनशिप में भी ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए मकान बनाने में लापरवाही बरती गई. इंटीग्रेटेड और हाईटेक टाउनशिप बनाने वाले डेवलपर्स ने 6,382 ईडब्ल्यूएस और एलआईजी मकान बनाने का दावा करते हुए लाइसेंस लिया था, लेकिन केवल 2,133 मकान ही बनाए. फिर भी इन डेवलपरों के खिलाफ नौ वर्षों में कोई कार्रवाई नहीं की गई. 

यही नहीं प्राधिकरण में पीएम आवास योजना के तहत गरीब और जरूरतमंदों के लिए 45,000 मकान बनाने जाने थे, लेकिन 20,173 मकानों की कवायद शुरू हुई और बने केवल 5,801 मकान. जबकि मुख्यमंत्री यह दावा कर रहे हैं कि यूपी गरीब और जरूरतमंदों के लिए आवास बनाने के मामले में देश में अव्वल है. हालांकि सीएजी की रिपोर्ट कहती है कि गाजियाबाद का विकास प्राधिकरण इस मामले में फिसड्डी है. यही नहीं इस प्राधिकरण में घोर अनियमितता हो रहे है और सरकार के स्तर से कोई एक्शन नहीं लिया गया.  

सीएम जल्दी ही अधिकारियों के खिलाफ करेंगे कार्रवाई : 

शिवपाल यादव बताते हैं कि सीएजी की रिपोर्ट की रिपोर्ट के मुताबिक बीते छह वर्षों में  गाजियाबाद प्राधिकरण ने 1,303 मानचित्र पास किए, लेकिन इस समय सीमा के भीतर केवल 125 भवनों को कंप्लीशन सर्टिफिकेट जारी किए. सीएजी ने गाजियाबाद विकास प्राधिकरण में नई योजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण की स्थिति पर चिंता जताई गई है. 

बीते  छह वर्षों में प्राधिकरण को करीब 300 हेक्टेअर जमीन अधिग्रहीत करनी थी, लेकिन केवल 18.32 हेक्टेअर जमीन ही ली जा सकी. यही नहीं इस प्राधिकरण ने मास्टर प्लान-2021 को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड से स्वीकृति न मिलने के बाद भी गाजियाबाद और मोदीनगर के लिए दो अलग मास्टर प्लान बना दिए. 

शिवपाल कहते हैं मुख्यमंत्री को खुश करने के लिए प्राधिकरण के अफसर ऐसे कारनामे कर रहे हैं और उन सबके आधार पर मुख्यमंत्री बड़े बड़े दावे कर रहे है. भला हो सीएजी की जांच का जो सरकार के दावे की हकीकत अपनी रिपोर्ट के जरिए सदन में रख रही है. 

फिलहाल सीएजी के इस खुलासे के बाद मुख्यमंत्री योगी ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और ईडबल्यूएस और पीएम आवास बनाने में बरती गई सुस्ती के लिए अधिकारियों की ज़िम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए हैं. बताया जा रहा है मुख्यमंत्री योगी जापान और सिंगापुर से लौटने के बाद इस मामले में बैठक कर प्राधिकरण के अफसरों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश देंगे. 
 

Web Title: Ghaziabad's EWS and PM housing projects haven't even been built halfway; GDA's mess leaves CM Yogi upset

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