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फ्रांस के राजदूत ने की मुख्यमंत्री योगी से मुलाकात

By भाषा | Updated: November 25, 2020 23:19 IST

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लखनऊ, 25 नवम्बर भारत में फ्रांस के राजदूत इमैनुएल लेनैन ने बुधवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से यहां उनके आवास पर शिष्टाचार भेंट की।

प्रदेश सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि इस अवसर पर फ्रांस और भारत, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के बीच सम्बन्धों को और प्रगाढ़ करने के बारे में विचार-विमर्श किया गया।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि भारत और फ्रांस के बीच पुराने समय से मजबूत सम्बन्ध हैं।

उन्होंने फ्रांस सरकार द्वारा भारत को समय पर राफेल लड़ाकू विमान उपलब्ध कराने के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि आतंकवाद के विरुद्ध फ्रांस भारत का सहयोगी है। उत्तर प्रदेश में इस साल फरवरी में ‘डिफेंस एक्सपो’ का आयोजन किया गया था, जिसमें 24 फ्रांसीसी कम्पनियों ने भाग लिया था।

मुख्यमंत्री ने फ्रांस को उत्तर प्रदेश में निवेश करने के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि यहां पर निवेश की असीमित सम्भावनाएं मौजूद हैं। निवेश को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने विभिन्न नीतियां बनायी हैं। इसके साथ ही प्रदेश में विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए भी सकारात्मक माहौल बनाया गया है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में बन रहे रक्षा गलियारे में एमआरओ, साइबर सिक्योरिटी इत्यादि क्षेत्रों में निवेश की काफी सम्भावनाएं मौजूद हैं।

योगी ने कहा कि फ्रांस में उत्तर प्रदेश के ओडीओपी उत्पादों के लिए बड़ा बाजार उपलब्ध है। उन्होंने प्रदेश में स्थापित किए जा रहे मेडिकल डिवाइस पार्क तथा फार्मा पार्क में फ्रांस की कम्पनियों को बड़े पैमाने पर निवेश करने के लिए आमंत्रित किया।

इस मौके पर फ्रांसीसी राजदूत लेनैन ने कहा कि फ्रांस अपने देश तथा भारत, खास तौर पर उत्तर प्रदेश के बीच सहयोग बढ़ाना चाहता हैं। यहां के छात्र-छात्राओं को फ्रांस के विश्वविद्यालयों में अध्ययन के लिए आमंत्रित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि उनकी टीम ने भारतीय प्रबंधन संस्थान—लखनऊ का भ्रमण किया है। उनकी टीम प्रदेश के अन्य विश्वविद्यालयों का भ्रमण करेगी। फ्रांस शिक्षा के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के साथ सहयोग बढ़ाना चाहता है। फ्रांस के विश्वविद्यालयों तथा उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालयों के मध्य आपसी सहयोग बढ़ाने के लिए करार भी किया जा सकता है।

लेनैन ने कहा कि कोविड-19 से उत्पन्न परिस्थितियों के फलस्वरूप आपूर्ति श्रृंखला को सुदृढ़ करने के लिए कई फ्रांसीसी कम्पनियां चीन से अन्यत्र जा रही हैं। इनके लिए भारत प्रथम वरीयता वाला देश है।

उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए मौजूद सकारात्मक वातावरण के सम्बन्ध में फ्रांस की कम्पनियों को अवगत कराया जाएगा।

उन्होंने कहा कि फ्रांस की सुप्रसिद्ध कम्पनी ‘थालेस’ ने नोएडा में अपना कार्यालय स्थापित किया है। प्रदेश में निवेशकों को प्रदान की जा रही सुविधाओं को देखते हुए अन्य फ्रांसीसी कम्पनियां भी नोएडा में अपने कार्यालय स्थापित कर सकती हैं।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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