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सीबीडीटी के पूर्व अध्यक्ष पी सी मोदी ने संभाला राज्यसभा के नए महासचिव का पदभार

By भाषा | Updated: November 12, 2021 20:19 IST

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नयी दिल्ली, 12 नवंबर केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के पूर्व अध्यक्ष प्रमोद चंद्र मोदी ने शुक्रवार को राज्यसभा के नए महासचिव का पदभार ग्रहण किया। उन्होंने पी. पी. के. रामाचार्युलु का स्थान लिया। राज्यसभा के महासचिव पद पर उनकी नियुक्ति को अभी तीन महीने भी नहीं हुए थे कि उन्हें हटा दिया गया है।

राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने इससे पहले मोदी को राज्यसभा के नए महासचिव पद पर नियुक्त किया था।

राज्यसभा सचिवालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया, ‘‘1982 बैच के भारतीय राजस्व सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी और सीबीडीटी के पूर्व अध्यक्ष प्रमोद चंद्र मोदी ने राज्यसभा के नए महासचिव का पदभार ग्रहण किया।’’

इससे पहले एक आधिकारिक बयान में कहा गया, ‘‘राज्यसभा के सभापति ने भारतीय राजस्व सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी और सीबीडीटी के पूर्व अध्यक्ष को राज्यसभा के महासचिव पद पर नियुक्त किया है। उनका दर्जा केंद्रीय सचिव का होगा।’’

आदेश में कहा गया कि मोदी की यह नियुक्ति संविदात्मक होगी और वह 12 नवंबर 2021 से 10 अगस्त, 2022 तक या अगले आदेश तक प्रभावी होगी।

एक अन्य अधिसूचना में कहा गया कि रामाचार्युलु को उनके पदभार से 12 नवंबर को मुक्त कर दिया गया।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, रामाचार्युलु को अब राज्यसभा सचिवालय में सलाहकार नियुक्त किया गया है। उन्हें एक सितंबर को राज्यसभा का महासचिव नियुक्त किया गया था।

सूत्रों ने बताया कि उन्हें इस पद से क्यों हटाया गया, इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।

तीन महीने के भीतर रामाचार्युलु को हटाए जाने पर कांग्रेस नेता व राज्यसभा सदस्य जयराम रमेश ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘मुझे तनिक भी आश्चर्य नहीं हुआ। रामाचार्युलु एक पेशेवर, गैर-पक्षपाती और इस पद के लिए पूरी तरह योग्य थे---मोदी सरकार में यह तीनों ही गुण अभिशाप हैं।’’

एक सितंबर, 1959 को जन्मे मोदी पिछले 40 वर्षों के अपने लंबे करियर के दौरान सीबीडीटी के अध्यक्ष सहित कई पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उन्हें न्यायशास्त्र की गहरी समझ है।

भारतीय राजस्व सेवा (आयकर कैडर) के 1982 बैच के सेवानिवृत्त अधिकारी रहे मोदी ने सीबीडीटी के प्रशासनिक सदस्य के रूप में पूरे राजस्व सेवा के अधिकारियों व कर्मचारियों को देखा। उन्होंने सीबीडीटी के जांच संबंधी विभाग के सदस्य के रूप में आयकर विभाग की जांच शाखा की कार्यप्रणाली की निगरानी भी की।

सीबीडीटी के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया और इसे विस्तार देने में अहम भूमिका निभाई। वह कला संकाय में स्नातक हैं। साथ ही उन्होंने कानून की भी डिग्री ली है। उन्होंने पत्रकारिता में डिप्लोमा भी किया है।

राज्यसभा के महासचिव, सचिवालय के प्रशासनिक प्रमुख तथा सभापति की ओर से और उनके नाम से संचालित सभी प्रशासनिक और अधिशासी कार्यों के समग्र प्रभारी होते हैं।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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