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मुंबई की कोर्ट ने कहा- पत्नी से जबरन यौन संबंध को गैरकानूनी नहीं कह सकते, आरोपी पति को जमानत

By दीप्ती कुमारी | Updated: August 13, 2021 12:02 IST

मुंबई की एक महिला ने अपने पति के खिलाफ जबरन यौन संबंध बनाने और उसे बीमार करने का मामला दर्ज किया और मुंबई कोर्ट ने इसपर कहा कि 'पति होने के नाते यह नहीं कहा जा सकता है कि उसने कुछ गलत किया है । '

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ठळक मुद्देपत्नी ने पति के खिलाफ जबरन यौन संबंध बनाने का मामला दर्ज कराया मुंबई कोर्ट ने कहा कि पति ने कुछ भी गलत नहीं किया मुंबई कोर्ट ने पति को अग्रिम जमानत दे दी और मामले को कानूनी जांच से परे बताया

मुंबई : मुंबई की अतिरिक्त सत्र  न्यायधीश संजश्री जे घरात ने कहा कि एक महिला ने अपने पति के खिलाफ इच्छा के विरूद्ध बलपूर्वक यौन संबंध का आरोप लगाया है, जो किसी भी तरह से कानूनी जांच का मामला नहीं है । न्यायधीश ने कहा कि 'पति होने के नाते यह नहीं कहा जा सकता है कि उसने कुछ गलत किया है । ' 

दरअसल अभियोजन पक्ष के मुताबिक महिला की पिछले साल 22 नवंबर को शादी हुई थी । महिला ने दर्ज शिकायत में पुलिस को बताया कि शादी के बाद उसके पति और ससुराल वालों ने उसपर पाबंदियां लगानी शुरू कर दी और ताने मारना, गालियां देना और पैसे भी मांगना शुरू कर दिए थे । महिला ने आरोप लगाया कि शादी के एक महीने बाद पति ने उसकी मर्जी के खिलाफ उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए । 

 अपने बयान में महिला ने कहा कि 2 जनवरी को यह कपल मुंबई के पास के हिल स्टेशन महाबलेश्वर गया था, जहां उसके पति ने फिर से उसके साथ जबरन यौन संबंध बनाया । उसके बाद महिला ने आरोप लगाया है कि वह अस्वस्थ महसूस करने लगी और डॉक्टर के पास गई । जांच के बाद डॉक्टर ने उसे बताया कि उसकी कमर के नीचे के हिस्से में लकवा मार गया है ।

 इसके बाद महिला ने अपने पति और अन्य के खिलाफ मुंबई में प्राथमिकी दर्ज की । वही उसके पति ने अग्रिम जमानत याचिका के साथ अदालत का दरवाजा खटखटाया  ।

सुनवाई के दौरान पति और उसके परिवार ने कहा कि हमें झूठे आरोप में फंसाया जा रहा है । हमारी तरफ से दहेज के लिए कभी कोई मांग नहीं की गई थी । उन्होंने अदालत को बताया कि पति ने भी महिला के खिलाफ मामला दर्ज कराया था और परिवार के कुछ सदस्यों ने आरोप लगाया था कि  वह रत्नागिरी में रहते और केवल 2 दिन के लिए यह जोड़ा उनके साथ रहने आया था । परिवार के एक अन्य  सदस्य ने कहा कि वह गर्भवती थी । 

अभियोजन पक्ष ने आरोपी को दी जा रही अग्रिम जमानत याचिका का विरोध किया । हालांकि न्यायाधीश ने कहा कि महिला ने दहेज की मांग के खिलाफ शिकायत की थी लेकिन उसने यह नहीं बताया की मांग कितनी थी । 

इसके अलावा न्यायाधीश ने कहा कि जबरन यौन संबंध का मुद्दा कानूनी आधार नहीं है । न्यायाधीश ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस युवा लड़की को लकवा जैसी समस्या  का सामना करना पड़ रहा है । हालांकि आवेदकों को इसके लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता क्योंकि पति के खिलाफ लगाए गए आरोपों की प्रकृति को देखते हुए हिरासत में रखकर पूछताछ की आवश्यकता नहीं है । जब पति जांच के दौरान सहयोग करने को तैयार है । 

टॅग्स :मुंबईवेडिंगमुंबई पुलिस
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