असम में बाढ़ से बेकाबू होते हालात, 4.88 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित, 2 की मौत
By अंजली चौहान | Updated: June 24, 2023 15:29 IST2023-06-24T15:14:37+5:302023-06-24T15:29:12+5:30
असम में बाढ़ के कारण लाखों लोग प्रभावित हो रहे हैं। राहत शिविरों में अब तक लाखों लोगों ने शरण ली है।

फोटो क्रेडिट- एएनआई
दिसपुर:असम में बाढ़ के कारण हालात दिन-प्रतिदिन खराब होते जा रहे है। बाढ़ के कारण लाखों लोग प्रभावित हो गए हैं और जल-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के अनुसार, असम में बाढ़ की पहली लहर ने 19 जिलों में लगभग पांच लाख लोगों को प्रभावित किया है और अब तक दो लोगों की मौत हो चुकी है।
मृतक की पहचान नलबाड़ी जिले के बोरभाग तहसील के सनेकुची गांव निवासी निखिलेश मल्ला बुजोरबरुआ के रूप में की गई है। गुरुवार को तामुलपुर जिले में एक और मौत की खबर आई।
बाढ़ के कारण राज्य में लोग बुरी तरह से प्रभावित है और अपने घरों को छोड़कर ऊचें स्थान की ओर जाने को मजबूर है। इस बीच, राज्य सरकार के अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि दोनों के परिवार के सदस्यों को अनुग्रह योजना के तहत मुआवजे की राशि मिलेगी।
गौरतलब है कि एएसडीएमए ने शुक्रवार को नवीनतम रिपोर्ट जारी की, जिसके अनुसार, वर्तमान में 19 जिलों के 1,538 गांवों और दो शहरी क्षेत्रों में 488,525 लोग बाढ़ प्रभावित हैं।
Assam flood: Nearly 4.89 lakh people affected in 16 districts
— ANI Digital (@ani_digital) June 24, 2023
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एएसडीएमए के अनुसार, बाढ़ प्रभावित जिलों में बजाली, बक्सा, बारपेटा, बिस्वनाथ, बोंगाईगांव, चिरांग, दरांग, धेमाजी, धुबरी, डिब्रूगढ़, गोलपारा, गोलाघाट, कामरूप, कोकराझार, लखीमपुर, नागांव, नलबाड़ी, तामुलपुर, उदलगुरी शामिल हैं।
जानकारी के अनुसार, बजाली शुक्रवार को सबसे प्रभावित जिला रहा, जहां बाढ़ के कारण 267,253 लोग प्रभावित हुए है। वहीं, बारपेटा 73,233 लोगों के बाढ़ से पीड़ित होने के साथ दूसरे स्थान पर है।
35,142 बाढ़ प्रभावित लोगों ने 14 जिलों में सरकारी अधिकारियों द्वारा बनाए गए 225 राहत शिविरों में शरण ली है। सबसे ज्यादा कैंप बजाली में खोले गए हैं जहां 73 कैंपों में 15,841 लोगों ने शरण ली है।
बेकाबू होते हालातों को देखते हुए राज्य सरकार ने अधिकारियों ने कहा है कि वे कैदियों को भोजन, दवा और अन्य आवश्यक चीजें उपलब्ध करा रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की टीमें सभी बाढ़ संभावित जिलों में सतर्क हैं।
मालूम हो कि बाढ़ के कारण किसानों की सारी मेहनत बर्बाद हो गई है। जो फसले खेतों में लगी थी वह नष्ट हो गई वहीं, किसानों के मुताबिक, इस समय 10,782 हेक्टेयर फसल भूमि बाढ़ के पानी में डूबी हुई है, जिसके परिणामस्वरूप बड़ी मात्रा में कृषि उत्पाद नष्ट हो जाएंगे।
इस साल असम में बाढ़ की पहली लहर से इंसानों के अलावा 427,474 जानवर प्रभावित हुए हैं और एएसडीएमए के अनुसार, अब तक 200 से अधिक घरेलू और जंगली जानवर बाढ़ में बह गए हैं।
राज्य में विभिन्न जिलों से पुलों, स्कूलों और घरों जैसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के कटाव और क्षति की सूचना मिली है। बाढ़ के पानी से तीन जिलों के 14 तटबंधों को नुकसान पहुंचा है. 14 जिलों के 213 क्षेत्रों में अन्य बुनियादी ढांचे के नुकसान की सूचना मिली।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कई जिलों में भारी बारिश की भविष्यवाणी की है, जबकि उन्होंने रविवार तक 'येलो अलर्ट' जारी किया है। स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, असम के कई जिलों में भारी बारिश देखने को मिल रही है।
ब्रह्मपुत्र, मानस, पुथिमारी और पगलादिया जैसी प्रमुख नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं जबकि बराक और कोपिली जैसी नदियाँ खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं। दरांग और कोकराझार जिलों में शहरी बाढ़ की सूचना मिली है।