लाइव न्यूज़ :

पांच साल की बच्ची के दुष्कर्मी को फांसी की सजा

By भाषा | Updated: March 17, 2021 18:19 IST

Open in App

जयपुर, 17 मार्च राजस्थान के झुंझुनूं जिले की विशेष पोक्सो अदालत ने पांच वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म के जुर्म में 20 वर्षीय सुनील कुमार को दोषी ठहराते हुए बुधवार को फांसी की सजा सुनाई।

झुंझुनू जिले के पिलानी में बच्ची के साथ दुष्कर्म की यह वारदात 19 फरवरी को हुई थी। पुलिस ने जांच कर घटना के मात्र नौ दिन में अदालत में आरोप पत्र दायर किया और प्रकरण में 40 गवाह जुटाकर अदालत से आरोपी को सिर्फ 26 दिन में सजा दिलवा दी।

पुलिस महानिरीक्षक हवासिंह घुमरिया ने बताया कि 19 फरवरी की शाम को बच्ची खेत में अपने भाई-बहनों के साथ खेल रही थी। इसी दौरान स्कूटी पर आए कुमार ने उसका अपहरण कर लिया। मासूम के भाई-बहनों ने उसका पीछा भी किया था, लेकिन वे उसे नहीं पकड़ पाए।

बच्ची रात में सुनसान जगह पर लहूलुहान स्थिति में मिली थी। घटना के पांच घंटे बाद ही पुलिस ने शाहपुर निवासी कुमार को गिरफ्तार कर लिया।

घुमरिया ने बताया कि इस मामले में 40 से अधिक गवाह जुटाए गए और साथ ही करीब 250 दस्तावेज बतौर सबूत पेश किए गए। पुलिस ने इस मामले में रोजाना 12 से 13 घंटे काम किया और आरोप पत्र दायर कर दिया।

उन्होंने बताया कि पॉक्सो कानून लागू होने के बाद किसी बच्ची से दुष्कर्म के दोषी व्यक्ति को फांसी की सज़ा सुनाए जाने का जिले में यह दूसरा मामला है। तीन साल पहले ऐसे ही एक मामले में दोषी विनोद कुमार को फांसी की सजा सुनाई गई थी।

पोक्सो अदालत के विशिष्ट लोक अभियोजक लोकेंद्रसिंह शेखावत ने बताया कि अदालत ने जेल प्रबंधन को कहा है कि वे अपराधी को धार्मिक और प्रेरक किताबें उपलब्ध करवाएं।

कुमार ने सुनवाई में अदालत से कहा कि अपराध का कारण नशा था। लेकिन उसकी इस दलील को अदालत ने नहीं माना, क्योंकि उसने करीब 40 किलोमीटर स्कूटी चलाई थी और बच्ची को चॉकलेट व चिप्स भी दिलवाए थे। ऐसे में वह होश में था।

अदालत में उसने यह भी स्वीकारा कि वह नशे के अलावा अश्लील वीडियो देखता था, जिसे अदालत ने गंभीर माना। अदालत ने पत्रावली पर आए साक्ष्य और गवाहों को मद्देनजर रखते हुए अपराधी को फांसी की सजा सुनाई गई।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस फैसले को पुलिस, न्यायपालिका की दक्षता और सरकार की पीड़िता को न्याय दिलाने की प्रतिबद्धता का उदाहरण बताया है।

उन्होंने ट्वीट किया, ‘'दुष्कर्म के मामले में आरोपी के खिलाफ पुलिस ने नौ दिन में चालान (आरोप पत्र) पेश किया तथा पॉस्को अदालत ने 26 दिन में उसे फांसी की सजा सुनाई है। यह पुलिस, न्यायपालिका की दक्षता और सरकार की पीड़िता को न्याय दिलाने की प्रतिबद्धता का उदाहरण है।'’

वहीं राज्य के पुलिस महानिदेशक एम एल लाठर ने इस प्रकरण में आरोपी को घटना के सिर्फ 26 दिन में सजा दिलाने के लिए पुलिस महानिरीक्षक घुमरिया, पुलिस अधीक्षक(झुंझुनूं) मनीष त्रिपाठी व चिड़ावा के जांच अधिकारी पुलिस उपाधीक्षक सुरेश शर्मा और पूरी टीम को बधाई दी है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

क्रिकेटएक था जो विकेट के पीछे?, जितेश शर्मा के शानदार प्रदर्शन के बाद आरसीबी ने धोनी पर किया कटाक्ष, वीडियो

भारतपाकिस्तानी सोशल मीडिया की झूठी जानकारी का इस्तेमाल कर पत्नी पर आरोप, सीएम सरमा ने कहा-फर्जी डॉक्यूमेंट्स के साथ जनता के सामने बात?

क्राइम अलर्टबास्केटबॉल हुप पर पुल-अप्स कर रहे थे समुद्री इंजीनियरिंग संस्थान में 20 वर्षीय कैडेट विशाल वर्मा?, बैकबोर्ड गिरने से मौत

भारतमुंबई में IIMCAA कनेक्शन्स मीट, फिल्म निर्माता मनोज मौर्य की सिल्वर जुबली सम्मान से सम्मानित

क्रिकेट3 मैच, 22 रन, 2 चौके, 1 छक्का और 19 गेंद?, टी20 विश्व कप में भारत की जीत में अहम भूमिका निभाने वाले संजू सैमसन क्यों आईपीएल में हो रहे फेल?, सिंगल डिजिट स्कोर पर आउट

भारत अधिक खबरें

भारतकौन थे डॉ. मणि छेत्री?, 106 वर्ष की आयु में निधन

भारतपश्चिम एशिया युद्धः ओमान तट के निकट ड्रोन बोट हमले में जान गंवाने वाले 25 वर्षीय नाविक दीक्षित सोलंकी का शव मुंबई लाया

भारतगोदामों से सीधे एलपीजी सिलेंडर की बिक्री पर सख्त प्रतिबंध, सीएम रेखा गुप्ता ने कहा-भंडारण केंद्रों पर न जाएं और न ही भीड़ में इकट्ठा हों

भारतउच्च शिक्षा और अनुसंधान की चुनौतियां

भारतआदिवासी खेल: नई प्रतिभाओं की तलाश में एक सार्थक पहल