लाइव न्यूज़ :

किसानों के प्रदर्शन स्थल पर अग्निशमन कर्मियों ने लगाया गोल गप्पा लंगर

By भाषा | Updated: December 25, 2020 20:56 IST

Open in App

(गौरव सैनी)

नयी दिल्ली, 25 दिसंबर अग्निशमन कर्मी सुरेंद्र कंबोज और उनके मित्रों ने नए कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली के सिंघू बार्डर पर किसानों के प्रदर्शनस्थल पर शुक्रवार को देखा कि एक बच्चा गोल गप्पा खाना चाहता था लेकिन उसके पास पैसे नहीं थे। वहीं, गोल गप्पा बेचने वाले की बिक्री नहीं हो पा रही थी क्योंकि लोग लंगर में खा रहे थे।

ऐसे में कंबोज और उनके मित्रों ने विक्रेता से सभी गोल गप्पे खरीद लिए और उन्हें वहां प्रदर्शन कर रहे लोगों के बीच मुफ्त बांट दिया।

हरियाणा के सिरसा के सात अग्निशमन कर्मियों के दल ने क्रिसमस के दिन सिंघू बार्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसानों के बीच मुफ्त गोल गप्पा बांटा।

सुरेंद्र कंबोज और उनके मित्रों ने यह अनूठा कदम तब उठाया जब उन्होंने बिक रहे गोल गप्पों के पास एक बच्चे को घूमते हुए देखा। कंबोज ने बच्चे से पूछा कि उसे क्या चाहिए।

कंबोज (33) के अनुसार उस बच्चे ने बताया कि उसे गोल गप्पे चाहिएं लेकिन उसके पास पैसे नहीं थे।

इसके बाद जो हुआ उससे वह बालक और किसान चकित रह गए।

कंबोज और रनिया अग्निशमन केंद्र में कार्यरत उनके अन्य मित्रों ने गोल गप्पे बेचने वाले से उसका पूरा स्टॉक खरीद लिया और वहीं गोल गप्पा लंगर शुरू कर दिया।

कंबोज के सहकर्मी रवींद्र कुमार ने कहा, ‘‘गोल गप्पे बेचने वाले ने कुछ भी नहीं कमाया था क्योंकि लोग लंगरों (सामुदायिक रसोई) में खाना खा रहे हैं। उसने अपना स्टॉक बेच दिया और हमें सेवा करने का मौका मिला। यह हर किसी के लिए लाभ की स्थिति थी।''

कुमार ने कहा कि प्रदर्शन कर रहे किसानों का समर्थन करने के लिए कुल सात अग्निशमन कर्मी आए हैं। उन्होंने कहा, "रनिया फायर स्टेशन में 21 कर्मियों की टीम है। हमने सिंघू बॉर्डर पर तीन दलों में आने का फैसला किया है।"

उन्होंने कहा कि स्टेशन के प्रमुख ने उन लोगों को विरोध प्रदर्शन में भाग लेने की अनुमति दी है। उन्होंने कहा कि हर तीन दिनों के बाद एक नया दल आएगा।

यह गोल गप्पा विक्रेता मोहम्मद सलीम के लिए भी क्रिसमस का चमत्कार था। सलीम ने कहा कि कंबोज ने उन्हें 1,000 रुपये दिए जो उम्मीद से अधिक थे। सलीम ने पिछले तीन दिनों में सिर्फ 500 रुपये कमाए थे।

एक अन्य अग्निशमन कर्मी दविंदर सिंह ने कहा, "हम सभी के पास अपने गांवों में खेती की जमीन है। हम सभी किसान हैं।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

पूजा पाठPanchang 07 April 2026: आज कब से कब तक है राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का समय, देखें पंचांग

पूजा पाठRashifal 07 April 2026: आज नौकरी में तरक्की, धन-संपत्ति में बढ़ोतरी के शुभ योग

स्वास्थ्यविश्व स्वास्थ्य दिवसः वैज्ञानिक सोच से बदलेगी सेहत की तस्वीर

विश्वयदि ईरान पर जमीनी हमला हुआ तो...

ज़रा हटकेVIDEO: पूजा करने गया था श्रद्धालु, मंदिर में ही हो गई पिटाई – CCTV फुटेज वायरल

भारत अधिक खबरें

भारतWest Bengal: विधानसभा चुनावों से पहले बंगाल की वोटर लिस्ट से करीब 90 लाख नाम हटाए गए

भारतAssam Opinion Poll 2026: बीजेपी के नेतृत्व वाला एनडीए और भी बड़े बहुमत के साथ सत्ता में बना रहेगा, Matrize का अनुमान

भारतयूपी में सरकारी वकीलों की फीस 50% तक बढ़ाएगी सरकार, सरकारी खजाने पर बढ़ेगा 120 करोड़ रुपए का बोझ

भारत'मेरे पति 40 साल के हैं, मैं 19 की': मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में महिला ने अपने प्रेमी के साथ रहने का अधिकार जीता

भारत'IIT बाबा' अभय सिंह ने कर्नाटक की इंजीनियर से शादी की, पत्नी के साथ हरियाणा में अपने पैतृक गांव पहुंचे