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संगीत समारोह में कोविड-19 नियमों के उल्लंघन के आरोप में प्राथमिकी, औरंगाबाद के सांसद हुए थे शामिल

By भाषा | Updated: July 5, 2021 15:29 IST

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औरंगाबाद, पांच जुलाई महाराष्ट्र के औरंगाबाद में सप्ताहांत में आयोजित एक संगीत कार्यक्रम के सिलसिले में पुलिस ने कोविड-19 प्रोटोकॉल के उल्लंघन का मामला दर्ज किया है, जहां एआईएमआईएम के स्थानीय सांसद इम्तियाज जलील भी मौजूद थे।

लोकसभा सदस्य जलील से संपर्क करने पर उन्होंने इस मामले में टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

जिला प्रशासन ने कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए 'सप्ताहांत लॉकडाउन' लागू किया था।

सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में जलील शनिवार रात दौलताबाद थाना क्षेत्र के आब्दीमंडी इलाके में आयोजित 'कव्वाली' कार्यक्रम में उपस्थित नजर आए। उन्हें मंच पर चढ़ते हुए और कुछ लोगों को उन पर नोट लुटाते हुए भी देखा गया।

दौलताबाद पुलिस थाने के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को 'पीटीआई-भाषा' को बताया कि वे उस जगह पहुंचे जहां संगीत चल रहा था और बाद में इसके वीडियो वायरल हो गए।

उन्होंने कहा, ''हमने तत्काल कार्रवाई की और स्थानीय निवासियों सोहेल जकीउद्दीन, समीर साजिद बिल्डर, नसर सिद्दीकी, रफीक खान और 50-60 अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ संबंधित प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज की। हम वीडियो का सत्यापन कर रहे हैं और यदि आवश्यक हुआ, तो जलील के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।''

इस बीच, शिवसेना नेता और पूर्व सांसद चंद्रकांत खैरे ने जलील पर निशाना साधते हुए कहा कि महामारी के कारण 'वारकरी' (भगवान विट्ठल के भक्त) पंढरपुर (धार्मिक जुलूस के लिए) नहीं जा सकते हैं और सांसद कोविड-19 प्रोटोकॉल तोड़कर ''कव्वाली का आनंद ले रहे थे।''

खैरे ने आरोप लगाया, ''पुलिस विभाग के कुछ अधिकारी जलील का समर्थन कर रहे हैं।''

उन्होंने कहा कि वह पुलिस आयुक्त से मिलकर मामले में औरंगाबाद के सांसद के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगे।

खैरे ने यह भी कहा कि जिस स्थान पर संगीत कार्यक्रम हुआ, वह वन क्षेत्र के करीब था और वहां इस तरह के कार्यक्रमों की अनुमति नहीं थी।

उन्होंने कहा, ''इस मामले में (स्थल के) भू स्वामी के खिलाफ भी जांच होनी चाहिए।''

राज ठाकरे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने भी इस मुद्दे पर जिला प्रशासन की आलोचना की।

मनसे के जिलाध्यक्ष सुहास दशरथे ने एक वीडियो संदेश में कहा, ''एक तरफ जहां कोविड-19 की पाबंदियों के बीच यहां गरीब लोगों की मौत हो रही है, वहीं दूसरी तरफ एक जनप्रतिनिधि पर नोट लुटाए जा रहे हैं।''

दशरथे ने कहा कि उन्होंने औरंगाबाद में कोविड-19 प्रतिबंधों में प्रतिदिन तीन घंटे और ढील देने की मांग की थी, लेकिन प्रशासन ने इस पर विचार नहीं किया।

उन्होंने कहा, ''अब हम देखना चाहते हैं कि कलेक्टर संगीत कार्यक्रम के आयोजकों और वहां मौजूद लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई करेंगे।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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