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फर्रुखाबाद मामलाः सुभाष की पत्नी रुबी बच्चे के एवज में एक करोड़ रुपये की मांग की थी, हथियार और विस्फोटक बरामद

By भाषा | Updated: January 31, 2020 17:07 IST

पुलिस टीम का नेतृत्व कर रहे पुलिस महानिरीक्षक (कानपुर रेंज) मोहित अग्रवाल ने शुक्रवार को बताया, ‘‘सुभाष बाथम (करीब 40 साल) ने 24 बच्चों को अपने घर में बंधक बनाकर रखा था। उनमें एक छह माह की बच्ची भी थी, लेकिन बाद में बाथम ने उसे छोड़ दिया था। बाकि 23 बच्चे मकान के तहखाने में बंद थे।

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ठळक मुद्देमाता-पिता और गांव के लोगों द्वारा की गई पिटाई में रुबी की मौत हो गई।इस घटना में आठ पुलिसकर्मियों सहित नौ लोग घायल हुए हैं।

उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में 24 बच्चों को बंधक बना कर रखने वाले सुभाष की पत्नी रुबी प्रत्येक बच्चे के एवज में एक करोड़ रुपये की मांग कर रही थी। पुलिस कार्रवाई के दौरान जिस मकान में बच्चों को रखा गया था वहां से काफी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री भी मिली है।

पुलिस ने बताया कि बच्चों को मुक्त कराने की कार्रवाई के दौरान बच्चों के माता-पिता और गांव के लोगों द्वारा की गई पिटाई में रुबी की मौत हो गई। इस घटना में आठ पुलिसकर्मियों सहित नौ लोग घायल हुए हैं। पूरी कार्रवाई के दौरान पुलिस टीम का नेतृत्व कर रहे पुलिस महानिरीक्षक (कानपुर रेंज) मोहित अग्रवाल ने शुक्रवार को बताया, ‘‘सुभाष बाथम (करीब 40 साल) ने 24 बच्चों को अपने घर में बंधक बनाकर रखा था। उनमें एक छह माह की बच्ची भी थी, लेकिन बाद में बाथम ने उसे छोड़ दिया था। बाकि 23 बच्चे मकान के तहखाने में बंद थे।

पुलिस लगातार बाथम से सीधे तौर पर और उसके दोस्तों के माध्यम से बात कर रही थी। बाथम जहां अपनी आजीवन कारावास की सजा खत्म किए जाने की मांग कर रहा था, वहीं उसकी पत्नी रूबी प्रत्येक बच्चे के एवज में एक-एक करोड़ रुपये की मांग कर रही थी।’’

अग्रवाल ने बताया, ‘‘हमने बाथम को सरकारी मकान देने का प्रलोभन दिया और उसी दौरान पुलिस की एक टीम को पीछे के दरवाजे से अंदर भेजा। पुलिस के मकान में घुसने का आभास होते ही सुभाष ने दो गोलियां चलायीं। हमें लगा कि उसने किसी बंधक बच्चे को गोली मार दी है। इस डर से टीम मकान के अंदर नहीं गई।’’

उन्होंने बताया, ‘‘लेकिन रुबी को लगा कि पुलिस पिछले दरवाजे से अंदर घुस चुकी है। वह डर कर सामने के दरवाजे से बाहर भागी। मकान के सामने मौजूद बच्चों के माता-पिता और गांव के लोगों ने उसे पकड़ लिया और बहुत पीटा। जब तक पुलिस उसे बचाती वह बुरी तरह घायल हो चुकी थी। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।’’

अधिकारी ने बताया, ‘‘बाथम को जब लगा कि वह सभी ओर से घिर गया है, उसने पुलिस दल पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं। जवाबी कार्रवाई के दौरान पुलिस की गोली लगने से बाथम की मौत हो गई। मुठभेड़ में चार पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।’’

अग्रवाल ने बताया कि कार्रवाई के बाद बाथम के मकान की तलाशी ली गई। वहां से एक देशी तमंचा, एक रायफल, करीब दो दर्जन कारतूस और करीब दो दर्जन देशी बम और हथगोले बरामद हुए हैं। उन्होंने बताया कि जितने हथियार और गोलाबारूद बरामद हुआ है उससे लगता है कि सुभाष की मंशा बच्चों को कई दिनों तक बंधक बनाये रखने की थी।

आईजी ने बताया कि पुलिस टीम बाथम को बातों में उलझा कर मकान में घुसना चाहती थी इसलिये हमने पहले गांव के एक आदमी को उसके पास भेजा, लेकिन बाथम ने उसके पैर में गोली मार दी। बाद में उसने मकान के पास पहुंचे चार पुलिसकर्मियों पर भी गोलियां चलायीं और हथगोले फेंके। इसमें चारों घायल हो गए।

इस बीच बाथम ने रुक-रुक कर छह राउंड गोलियां चलायीं। उन्होंने बताया कि बाद में हमने उसे बातों में उलझा कर पिछले दरवाजे से मकान में घुसने की रणनीति बनायी जो कामयाब रही और पुलिस टीम ने सभी 23 बच्चों को सुरक्षित निकाल कर उनके परिजनों को सौंप दिया।

फर्रुखाबाद जिले में बच्चों को पुलिस द्वारा सकुशल मुक्त कराए जाने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आईजी कानपुर मोहित अग्रवाल के नेतृत्व वाली टीम को बधाई दी। साथ ही उन्होंने पूरी टीम को दस लाख रुपये इनाम और टीम के सभी सदस्यों को प्रशस्ति पत्र देने की घोषणा की है।

गुरुवार देर रात फर्रुखाबाद जिले में जन्मदिन की पार्टी के बहाने 23 बच्चों को एक मकान में बंधक बनाने वाले व्यक्ति को पुलिस ने करीब नौ घंटे तक चले हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद मार गिराया और रात करीब एक बजे सभी बच्चों को मुक्त करा लिया।

जिले के मोहम्मदाबाद थाना क्षेत्र स्थित कसरिया गांव में सुभाष बाथम नामक एक व्यक्ति ने अपनी बेटी का जन्मदिन मनाने की बात कहकर पड़ोस के 23 बच्चों को अपने घर बुलाया और सभी को बंधक बना लिया। गुरुवार दोपहर शुरू हुआ यह ड्रामा तकरीबन नौ घंटे तक चला।

जानकारी के अनुसार बाथम एक शातिर बदमाश था। उस पर हत्या सहित चार मुकदमे भी दर्ज हैं। करथिया गांव में बच्चों को बंधक बनाने के आरोपी बाथम का 2001 में गांव के ही मेघनाथ से नाली के पानी निकासी को लेकर विवाद हुआ था। इसी रंजिश में उसने मेघनाथ की चाकू से उसी के घर के बाहर गला काट कर हत्या कर दी थी। हत्या के आरोप में पुलिस ने उसे जेल भेजा था। 

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