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पंजाब में 113 स्थानों पर विरोध प्रदर्शन, किसान संगठनों पर जमकर बरसे मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह, जानें क्या कहा

By सतीश कुमार सिंह | Updated: September 13, 2021 22:04 IST

32 किसान संगठनों के नेताओं ने भाजपा को छोड़ सभी राजनीतिक दलों के साथ 10 सितंबर को बैठक की थी। 

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ठळक मुद्देपंजाब सरकार के समर्थन के कारण दिल्ली और हरियाणा में प्रदर्शन कर रहे हैं। केंद्र सरकार पर कृषि कानूनों को निरस्त करने का दबाव बनाया जाए। पंजाब के किसानों से कहना चाहता हूं कि यह उनकी जमीन है।

होशियारपुरः पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा कि किसानों के प्रदर्शन से राज्य को काफी नुकसान हुआ है।मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों द्वारा पंजाब में 113 स्थानों पर चल रहे विरोध "राज्य के हित में बिल्कुल नहीं", जिसने इसके आर्थिक विकास को काफी प्रभावित किया है।

मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह किसान संगठनों पर जमकर बरसे। सिंह ने सीधे शब्दों में कहा कि पंजाब सरकार के समर्थन के कारण दिल्ली और हरियाणा में प्रदर्शन कर रहे हैं। यदि किसानों को पंजाब में रोक देते तो वह सिंघु और टीकरी बॉर्डर पर नहीं पहुंच पाते। किसान पंजाब में धरना न दें। 

सोमवार को किसानों से राज्य भर में विरोध प्रदर्शन न करने की अपील की और इसके बजाय केंद्र सरकार पर कृषि कानूनों को निरस्त करने का दबाव बनाया जाए। छब्बेवाल विधानसभा क्षेत्र के मुखलियाना गांव में सरकारी कॉलेज की आधारशिला रखने के बाद एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा कि जिस राज्य की जनता अपने जायज मुद्दों के समर्थन में उनके साथ चट्टान की तरह खड़ी है, उसे पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन करने से बचना चाहिए।

सिंह ने याद दिलाया कि इन कानूनों को राज्य विधानसभा द्वारा खारिज कर दिया गया था और राज्य के अपने कृषि कानूनों द्वारा प्रतिस्थापित किया गया था, जिन्हें राज्यपाल की सहमति के लिए भेजा गया था, लेकिन "हमारी निराशा के लिए इन्हें अभी तक राष्ट्रपति को नहीं भेजा गया है।"

सिंह ने कहा, "मैं पंजाब के किसानों से कहना चाहता हूं कि यह उनकी जमीन है। यहां उनका विरोध प्रदर्शन राज्य के हित में नहीं है। राज्य में विरोध प्रदर्शन करने के बजाय, किसानों को केंद्र पर कृषि कानूनों को निरस्त करने के लिए दबाव बनाना चाहिए।"

सिद्धू की अमरिंदर को लिखी चिट्ठी पर आप का हमला : कहा, नाटक बंद कर किसानों की समस्या सुलझाएं

आम आदमी पार्टी (आप) ने सोमवार को पंजाब की कांग्रेस इकाई के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू की मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह को लिखी चिट्ठी के मुद्दे पर आलोचना करते हुए कहा कि उन्हें ‘नाटक’ बंद कर देना चाहिए और यथाशीघ्र किसानों के मुद्दों को सुलझाना चाहिए। उल्लेखनीय है कि सिद्धू ने रविवार को अमरिंदर सिंह को पत्र लिखकर किसानों खिलाफ प्रदर्शन के दौरान दर्ज ‘अनुचित प्राथमिकी’ को वापस लेने सहित अन्य मुद्दों पर कदम उठाने की मांग की थी।

पंजाब विधानसभा में आप विधायक दल के नेता हरपाल सिंह चीमा ने पत्र के लिए सिद्धू की आलोचना करते हुए इसे ‘खबरों में रहने का हथकंडा’ करार दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता खासतौर पर सिद्धू ऐसा व्यवहार कर रहे हैं जैसे वह विपक्ष में हैं। पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चीमा ने यहां जारी बयान में कहा कि सिद्धू को पंजाब के मुद्दों और किसानों की समस्याओं पर ‘चिट्ठियों का खेल’ बंद करना चाहिए और उनकी पार्टी की सरकार द्वारा उनका समाधान करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को पत्र लिखने से सिद्धू का प्रचार तो होता है लेकिन किसानों के मुद्दे अनसुलझे ही रहते हैं। चीमा ने क्रिकेट से राजनीति में आए सिद्धू से कहा कि वह ‘नाटक’ बंद करें और सत्तारूढ़ दल के नेता की तरह व्यवहार करें अन्यथा पंजाब की जनता कभी उन्हें माफ नहीं करेगी।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर नवजोत सिंह सिद्धू किसान नेताओं के साथ अपनी बैठक में सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी की ओर से पुख्ता वादे या नीति के साथ नहीं जा सके, तो उन्होंने वहां क्या किया।’’ चीमा ने कहा कि आप नेताओं ने किसानों के विचार जानने के बाद उनका समर्थन करने का फैसला किया, सिद्धू क्यों ऐसा नहीं कर सके। 

टॅग्स :किसान आंदोलनपंजाब विधानसभा चुनावAam Aadmi Partyअमरिंदर सिंहपंजाबनरेंद्र मोदीनवजोत सिंह सिद्धू
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