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बिहार में किसान संगठनों, राजनीतिक दलों ने एक घंटे चक्का जाम किया

By भाषा | Updated: February 6, 2021 21:31 IST

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पटना, छह फरवरी केंद्र के नये कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलनरत किसान संगठनों के तीन घंटे के ‘चक्का जाम’ के आह्वान पर शनिवार को बिहार में किसान संगठनों ने राजद सहित विपक्षी दलों के समर्थन से अपराह्न 2 बजे से 3 बजे तक एक घंटे के लिए चक्का जाम किया।

बिहार के विपक्षी दलों राजद, कांग्रेस सहित वामपंथी दलों ने कृषि कानूनों की वापसी की मांग को लेकर किसान संगठनों के चक्का जाम करने के फैसले को अपना समर्थन दिया था।

बिहार राज्य किसान सभा के बैनर तले विभिन्न किसान संगठनों और विपक्षी दलों ने पहले ही घोषणा कर दी थी कि वे अपने चक्का जाम के दौरान इंटरमीडियट परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों के लिए किसी भी तरह की बाधा उत्पन्न नहीं करेंगे। इसी कारण से उन्होंने अपना चक्का जाम एक घंटे के लिए ही करने का निर्णय किया था।

बिहार में वाम दलों सहित विपक्षी दलों ने 30 जनवरी को इस मुद्दे पर किसानों के साथ एकजुटता जताने के लिए राज्य भर में मानव श्रृंखला बनाई थी।

दिल्ली के सिंघू बार्डर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे किसान संगठनों ने तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग करते हुए शनिवार को दोपहर 12 बजे से अपराह्न 3 बजे तक तीन घंटे के देशव्यापी चक्का जाम की घोषणा की थी।

बिहार की राजधानी पटना और गया सहित कई अन्य शहरों में सामान्य यातायात देखा गया जबकि कुछ जिलों से सड़क पर चक्का जाम किए जाने से सामान्य जीवन में बाधा उत्पन्न होने की सूचना है।

बिहार के मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, दरभंगा, भागलपुर आदि जिलों में संक्षिप्त अवधि के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग और राज्य राजमार्गों को अवरुद्ध किया गया।

मुजफ्फरपुर में राजद के जिला अध्यक्ष रमेश गुप्ता ने अपने समर्थकों के साथ मुजफ्फरपुर-मोतिहारी राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम किया जिससे एक एम्बुलेंस भी एनएच पर यातायात जाम में फंस गई लेकिन पार्टी कार्यकर्ताओं ने किसी तरह इसके लिए रास्ता साफ किया। उन्होंने मुजफ्फरपुर के कंपनी बाग मुहल्ले में भी यातायात को बाधित किया कृषि कानूनों को काला कानून करार देते हुए उन्हें निरस्त करने की मांग की।

बिहार के विपक्षी महागठबंधन के नेताओं ने कुछ समय के लिए समस्तीपुर-पटना मार्ग को भी अवरुद्ध किया और समस्तीपुर शहर में कृषि कानून के विरोध में मार्च निकाला और केंद्र सरकार के विरोध में नारे लगाए। उन्होंने एनएच 28 को तीन घंटे के लिए जाम किए रखा जिससे यातायात प्रभावित हुआ।

चक्का जाम का असर दरभंगा में भी देखा गया, जहां प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) 57 दरभंगा-मुजफ्फरपुर में कई स्थानों पर जाम लगा दिया।

भाकपा माले के बैद्यनाथ यादव ने कहा कि वे सरकार को किसान विरोधी इन कानूनों को निरस्त करने के लिए बाध्य करेंगे जो कॉरपोरेट के हितों को ध्यान में रखते हुए बनाए गए हैं।

भागलपुर में महागठबंधन के कुछ नेताओं ने खलीफाबाग चौक और कचहरी चौक पर नारेबाजी की और लगभग 30 मिनट तक सड़क को अवरुद्ध किया।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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