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दिल्ली की सिंघू और टिकरी सीमा पर डटे किसान, उत्तर दिल्ली में प्रदर्शन स्थल पर जाने से इनकार किया

By भाषा | Updated: November 28, 2020 16:13 IST

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नयी दिल्ली, 28 नवंबर केंद्र द्वारा लागू कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसान भारी पुलिस बल की मौजूदगी में शनिवार को लगातार तीसरे दिन भी सिंघू और टिकरी सीमा पर डटे रहे। हालांकि किसानों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए उत्तर दिल्ली में एक स्थान की पेशकश की गयी थी।

सिंघू सीमा पर पहले से मौजूद किसानों के अलावा पंजाब और हरियाणा के किसान भी यहां पहुंच गए जिससे यहां एकत्र किसानों की संख्या बहुत बढ़ गई। उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी के सबसे बड़े मैदानों में से एक संत निरंकारी ग्राउंड की तरफ जाने से इनकार कर दिया।

संयुक्त पुलिस आयुक्त (उत्तर रेंज) सुरेंद्र सिंह यादव ने सिंघू सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और उसके बाद संवाददाताओं को बताया कि उत्तर दिल्ली के मैदान में करीब 600 से 700 किसान पहुंचे हैं।

यादव ने बताया कि पुलिस और प्रशासन ने निर्दिष्ट प्रदर्शन स्थल पर किसानों के लिए पर्याप्त इंतजाम किए हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि और किसान वहां पहुंचेंगे।

शनिवार को सुबह, पंजाब और हरियाणा के प्रदर्शनकारी किसान सिंघू सीमा पर एकत्रित हो गए और आगे की कार्रवाई पर फैसला करने के लिए उन्होंने बैठक की।

एक किसान नेता ने बताया कि पंजाब से दिल्ली प्रवेश करने के प्रमुख रास्ते सिंघू बॉर्डर पर किसानों की बैठक में फैसला लिया गया कि वे वहां से नहीं हटेंगे और प्रदर्शन जारी रखेंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘हम यहीं (सिंघू बॉर्डर पर) प्रदर्शन जारी रखेंगे। हम घर वापस नहीं जाएंगे। पंजाब और हरियाणा से हजारों किसान प्रदर्शन में शामिल होने के लिए आए हैं।’’

एक अन्य किसान ने कहा, ‘‘हम प्रदर्शन स्थल पर नहीं जाएंगे और अपना प्रदर्शन राष्ट्रीय राजमार्ग पर ही जारी रखेंगे।’’

शुक्रवार को सैकड़ों किसानों ने संत निरंकारी ग्राउंड पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने के लिए राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश किया था।

शुक्रवार शाम से टिकरी सीमा पर डेरा डाले बैठे सुखविंदर सिंह ने कहा, ‘‘हम अपना प्रदर्शन यहीं पर जारी रखेंगे। हम यहां से नहीं हटेंगे। हरियाणा से अभी और भी किसान यहां आने वाले हैं, वे रास्ते में हैं।’’

यह पूछे जाने पर कि दिल्ली पुलिस द्वारा इजाजत देने के बावजूद वे दिल्ली में प्रवेश क्यों नहीं कर रहे, इस पर सिंह ने कहा, ‘‘बुराड़ी में उन्होंने जो मैदान दिया है, हम वहां नहीं जाना चाहते।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम जंतर मंतर जाकर वहां शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना चाहते हैं। बैठकें चल रही हैं और जब तक अगले कदम का फैसला नहीं हो जाता, तब तक हम यहां सीमा पर ही शांतिपूर्ण प्रदर्शन करते रहेंगे।’’

टिकरी सीमा पर तो किसान भोजन पकाने के लिए बर्तन समेत रूकने की अन्य व्यवस्था भी करके आए हैं।

टिकरी सीमा पर एक अन्य किसान जगतार सिंह भागविंदर ने भी यही दोहराया कि वे आगे नहीं बढ़ेंगे और अपने अधिकारों की लड़ाई राष्ट्रीय राजमार्ग से ही जारी रखेंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘हम बुराड़ी की ओर नहीं जाएंगे। कल दिल्ली में प्रवेश की इजाजत मिलते ही हमसे 50-50 के समूहों में आगे बढ़ने को कहा गया लेकिन हमने इनकार कर दिया। यह हमें अलग करने का प्रयास है। अलग-अलग सीमाओं को पार करके हम एक साथ आए हैं और एक साथ ही रहेंगे।’’

किसान मजदूर संघर्ष समिति के बैनर तले शनिवार को और किसान हरियाणा से राष्ट्रीय राजधानी की ओर मार्च कर सकते हैं।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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