लाइव न्यूज़ :

किसान नेता राकेश टिकैत बोले, सरकार ने कंटीले तार लगाकर हमारी भावनाओं को भड़काने का काम किया है

By भाषा | Updated: March 1, 2021 08:11 IST

किसान नेता राकेश टिकैत बोले कि सरकार किसानों से बातचीत करने के बजाय अपमानित करने का काम कर रही है। तिरंगे को लेकर सरकार ने देश के किसानों का अपमान किया है जबकि वास्तविकता यह है कि तिरंगे का सबसे ज्यादा सम्मान गांव के लोग करते हैं।

Open in App
ठळक मुद्देराकेश टिकैत ने कहा कि सरकार यह बात समझ ले कि किसान गेहूं की कटाई भी करेगा और आंदोलन भी करेगा।राकेश टिकैत ने कहा कि व्यापारी नुकसान होने पर अपना शहर छोड़कर दूसरे शहर चला जाता है, लेकिन किसान उसी जमीन पर पसीना बहाता है।

सहारनपुर:  भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के राष्टीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने रविवार को कहा कि जब तक एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य)पर कानून नहीं बनेगा और नए कृषि कानून वापस नहीं होंगे तब तक किसानों का आंदोलन जारी रहेगा। 

साथ ही राकेश टिकैत ने केन्द्र की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार ने किसान के आगे कंटीले तार लगाकर किसान की भावनाओं को भड़काने का काम किया है, यही नहीं तिरंगे के लिये भी सरकार ने किसानों का अपमान किया है जबकि वास्तविकता यह है कि तिरंगे का सबसे ज्यादा सम्मान गांव के लोग करते हैं।

किसान अपनी जमीन को औलाद की तरह प्यार करता है: राकेश टिकैत

टिकैत ने यह बात रविवार को सहारनपुर जिले के नागल मार्ग स्थित लाखनौर गांव में किसानों की महापंचायत को सम्बोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा जिस तरीके से पहले गोदाम बनाये गये और बाद मे कानून बनाया गया, वह किसानो के साथ धोखा है। राकेश टिकैत बोले कि विपक्ष की मजबूती पर अपने विचार व्यक्त करते हुए टिकैत ने कहा कि विपक्ष का मजबूत होना बहुत जरूरी है, यदि विपक्ष मजबूत होता तो केन्द्र सरकार किसान विरोधी कृषि कानून लागू नहीं कर पाती। टिकैत ने कहा,‘‘किसान अपनी जमीन को औलाद की तरह प्यार करता है फिर वह कैसे अपनी जमीन को बड़ी कम्पनियो के हाथों में सौंप सकता है?’’

'व्यापारी नुकसान होने पर शहर छोड़कर चला जाता है, लेकिन किसान उसी मिट्टी पर पसीना बहाता है'

उन्होंने कहा, ‘‘ खेती में घाटा होने के बावजूद किसान अपनी जमीन पर पसीना बहाते हुए खेती करता है जबकि व्यापारी नुकसान होने पर अपना शहर छोड़कर दूसरे शहर मे जाकर व्यापार करने लगता है, अपना व्यापार बदल लेता है लेकिन किसान सिर्फ खेती ही करता है और उसका परिवार उसी खेती पर टिका होता है।’’

उन्होंने कहा कि सरकार को भ्रम है कि किसान गेंहु की कटाई मे लग जायेगा लेकिन सरकार यह बात समझ ले कि किसान गेहूं की कटाई भी करेगा और आंदोलन भी करेगा। टिकैत ने कहा कि किसान सरकार से संशोधन नहीं चाहता बल्कि नये कृषि कानून की समाप्ति चाहता है,जब तक कानूनों को वापस नहीं लिया जाता तब तक किसानों का आंदोलन जारी रहेगा। 

(एजेंसी इनपुट)

टॅग्स :राकेश टिकैतसहारनपुरकिसान आंदोलनदिल्ली
Open in App

संबंधित खबरें

भारतघायल हूं इसलिए घातक हूं?, राघव ने एक्स पर किया पोस्ट, मैं बोलना नहीं चाहता था, मगर चुप रहता तो बार-बार दोहराया गया झूठ भी सच लगने लगता, वीडियो

भारतLPG Cylinder Update: सिलेंडर के लिए अब लंबी वेटिंग खत्म! दिल्ली में बस ID कार्ड दिखाओ और 5KG सिलेंडर पाओ

भारतदिल्ली और उत्तरी भारत के कुछ हिस्सों में महसूस हुए भूकंप के झटके, अफगानिस्तान में आया भूकंप

भारतजो डर गया, समझो मर गया?, सौरभ भारद्वाज ने राघव चड्ढा पर निशाना साधा, कहा- केजरीवाल गिरफ्तार हुए तो विदेश में छिपा?

भारतस्वाति मालीवाल के बाद राघव चड्ढा पर गाज?, आखिर क्यों केजरीवाल के खास लोग छोड़ रहे साथ?

भारत अधिक खबरें

भारतबारामती विधानसभा उपचुनावः सीएम फडणवीस की बात नहीं मानी?, कांग्रेस ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ आकाश मोरे को चुनाव मैदान में उतारा

भारतUP की महिला ने रचा इतिहास! 14 दिनों में साइकिल से एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं

भारतLadki Bahin Yojana Row: महाराष्ट्र में 71 लाख महिलाएं अयोग्य घोषित, विपक्ष ने किया दावा, सरकार की जवाबदेही पर उठाए सवाल

भारतयूपी बोर्ड ने 2026-27 के लिए कक्षा 9 से 12 तक NCERT और अधिकृत पुस्तकें अनिवार्य कीं

भारतपाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ के कोलकाता पर हमले की धमकी वाले बयान पर सोशल मीडिया पर 'धुरंधर' अंदाज़ में आई प्रतिक्रिया