लाइव न्यूज़ :

फेसबुक, व्हाट्सऐप ने निजता नीति के मामले में सीसीआई की नोटिस पर रोक लगाने का आग्रह किया

By भाषा | Updated: June 21, 2021 15:18 IST

Open in App

नयी दिल्ली, 21 जून फेसबुक और व्हाट्सऐप ने सोमवार को दिल्ली उच्च न्यायालय से आग्रह किया कि वह भारतीय प्रतिस्पर्द्धा आयोग (सीसीआई) के नोटिस पर रोक लगाए, जिसमें उनसे ऐप की नई निजता नीति की जांच के सिलसिले में कुछ सूचनाएं देने के लिए कहा गया है।

न्यायमूर्ति अनूप जयराम भंबानी और न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की अवकाश पीठ ने कहा कि वह आवेदन पर आदेश जारी करेगी।

सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा कि चूंकि यह अवकाशकालीन पीठ है, इसलिए यह मामले के गुण-दोष में नहीं पड़ना चाहती है, जबकि प्रमुख याचिकाएं मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष लंबित हैं।

पीठ ने कहा, ‘‘हम आदेश पारित करेंगे। मामला नौ जुलाई के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा (मुख्य याचिकाओं के लिए यह तारीख पहले से तय है)।’’

मामला फेसबुक और व्हाट्सऐपप की एकल न्यायाधीश के आदेश के खिलाफ अपील से जुड़ा हुआ है। एकल न्यायाधीश ने ऐप की नई निजता नीति के खिलाफ सीसीआई की जांच के आदेश के खिलाफ उनकी याचिकाओं को खारिज कर दिया था।

उच्च न्यायालय ने पहले अपील पर नोटिस जारी किए थे और केंद्र से जवाब मांगा था।

फेसबुक एवं व्हाट्सऐप ने नई याचिकाएं दायर कर सीसीआई के चार जून के नोटिस पर रोक लगाने की मांग की, जिसमें उनसे जांच के लिए कुछ सूचनाएं देने के लिए कहा गया था।

व्हाट्सऐप का प्रतिनिधित्व करने वाले वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने कहा कि समस्या यह है कि उन्हें चार जून को नया नोटिस जारी किया गया और उस पर जवाब देने की अंतिम तारीख आज यानी 21 जून है।

उन्होंने कहा कि निजता नीति को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी जा चुकी है और उच्च न्यायालय में इस पर कई याचिकाएं दायर हैं तथा सरकार भी इस पर गौर कर रही है।

फेसबुक की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि मामला यहां अधिकार क्षेत्र का है और यह सही नहीं है क्योंकि उच्चतम न्यायालय मामले पर गौर कर रहा है।

सीसीआई की तरफ से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसीटर जनरल (एएसजी) अमन लेखी ने याचिकाओं का विरोध करते हुए कहा कि जांच के चरण में सूचनाएं दिए जाने का यह मतलब नहीं है कि सीसीआई आदेश दे रहा है और नोटिस जांच के सिलसिले में जारी हुआ है, जिस पर उच्च न्यायालय ने रोक नहीं लगाई है और उन्हें यह कोई पहला नोटिस जारी नहीं हुआ है।

अदालत ने जब पूछा कि सीसीआई द्वारा नोटिस जारी करने की जल्दबाजी क्या थी तो लेखी ने कहा कि सवाल जल्दबाजी का नहीं है बल्कि यह मामला खुद लंबी प्रक्रिया वाला है। उन्होंने कहा कि जब तक सीसीआई के महानिदेशक की तरफ से रिपोर्ट नहीं सौंपी जाती तब तक उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

कारोबार8th Pay Commission: 8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग के तहत सैलरी में बढ़ोतरी तुरंत नहीं, अभी लगेगा समय

विश्वआज रात एक पूरी सभ्यता का अंत होगा?, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ट्रुथ पर पोस्ट किया, फिर कभी जीवित नहीं?

भारतमहाराष्ट्र सरकार ने ऑटो और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा टेस्ट अनिवार्य रूप से किया शुरू

स्वास्थ्यस्तन एवं सर्वाइकल कैंसर की निःशुल्क जांच?, दिल्ली पुलिस मुख्यालय में 5वें CAPS शिविर का सफल आयोजन

क्रिकेटRR vs MI Match Preview: राजस्थान रॉयल्स बनाम मुंबई इंडियंस मैच प्रीव्यू, गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में

भारत अधिक खबरें

भारतअसम का चुनाव अच्छा चल रहा, पवन खेड़ा के बड़बोलेपन की वजह से कांग्रेस की छवि को नुकसान?, उद्धव ठाकरे के प्रवक्ता आनंद दुबे बरसे, वीडियो

भारतहैदराबाद में हैं कांग्रेस नेता पवन खेड़ा, दिल्ली घर पर असम पुलिस ने की छापेमारी?, दिल्ली पुलिस की टीम कर रही मदद, वीडियो

भारतNBEMS GPAT 2026: आ गया जीपैट का रिजल्ट, डायरेक्ट लिंक से चेक करें अपना स्कोर

भारतMBOSE SSLC 10th Result 2026: कक्षा 10 का परिणाम घोषित?, परिणाम देखने के लिए इस लिंक पर जाइये

भारतKarnataka 2nd PUC Result 2026: रोल नंबर तैयार रखें, कभी भी आ सकता है रिजल्ट