लाइव न्यूज़ :

केंद्रीय बजट में पर्यावरण मंत्रालय के आवंटन में कटौती पर विशेषज्ञ ‘निराश’

By भाषा | Updated: February 1, 2021 22:10 IST

Open in App

नयी दिल्ली, एक फरवरी पर्यावरण मंत्रालय को बजटीय आवंटन में 230 करोड़ रुपये की कटौती पर पर्यावरणविदों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा है कि इससे हरित पहल को झटका लग सकता है या इसकी रफ्तार थमने का अंदेशा है।

बजट में कटौती के अलावा पर्यावरणविदों का मानना है कि केंद्र ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि दस लाख की न्यूनतम आबादी वाले 42 शहरों में वायु प्रदूषण को रोकने के लिए 2,217 करोड़ रुपये का इस्तेमाल किस तरह किया जाएगा।

‘ग्रीनपीस इंडिया’ से जुड़े अविनाश चंचल ने कहा, ‘‘इस साल मंत्रालय के लिए कुल बजटीय आवंटन 2,869.93 करोड़ रुपये हुआ है जबकि पिछले साल 31,00 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था। इससे पर्यावरण से जुड़े कई कार्यक्रम बाधित हो सकते हैं या उनकी रफ्तार घट सकती है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘सरकार ने 42 शहरों में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए 2217 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है और स्वैच्छिक वाहन-स्क्रैप नीति की शुरुआत की है। लेकिन, यह स्पष्ट नहीं किया गया कि प्रदूषण के संकट का समाधान करने के लिए इस रकम का किस तरह इस्तेमाल होगा।’’

पर्यावरणविद और एनजीओ सेफ (सोशल एक्शन फॉर फॉरेस्ट एंड इनवायरमेंट) के संस्थापक विक्रांत तोंगड ने कहा कि बजटीय कटौती से पर्यावरण अनुकूल पहल पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।

उन्होंने कहा, ‘‘राशि में कटौती कर सरकार ने साफ कर दिया है कि वह पर्यावरण को लेकर गंभीर नहीं है।’’

उजाला सिग्नस ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स के संस्थापक और निदेशक सचिन बजाज ने उम्मीद जतायी कि सरकार इस पर फिर से विचार करेगी और ज्यादा कोष का आवंटन करेगी।

उन्होंने कहा, ‘‘अच्छे स्वास्थ्य के लिए बेहतर पर्यावरण बुनियादी जरूरत है। कोविड-19 के दौरान हम स्वास्थ्य पर ध्यान दे रहे हैं लेकिन एक चीज हम भूल गए कि जलवायु परिवर्तन पिछले कई वर्षों से समुदायों पर सबसे ज्यादा असर डाल रहा है और इससे कोविड-19 की तुलना में ज्यादा बड़े खतरे की आशंका है।’’

स्वच्छ हवा के लिए बजटीय आवंटन में कटौती पर निराशा प्रकट करते हुए ‘निर्वाणा बीइंग’ के संस्थापक और सीईओ तथा ‘माय राइट टू ब्रेथ’ मुहिम शुरु करने वाले जयधर गुप्ता ने कहा कि कोविड-19 की तुलना में वायु प्रदूषण ज्यादा बड़ा खतरा है।

उन्होंने कहा कि कोविड-19 की वजह से देश में 2020 में डेढ़ लाख लोगों की मौत हुई वहीं वायु प्रदूषण के कारण समूचे भारत में 18 लाख लोगों की मौत हुई। इसलिए, प्रदूषण ज्यादा बड़ा खतरा है।

हालांकि, गुप्ता ने कहा कि बजट में स्क्रैप नीति और प्लास्टिक अपशिष्ट घटाने के लिए आवंटन जैसी सकारात्मक पहल की गयी है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

क्रिकेटगुजरात टाइटंस की पहली जीत?, दिल्ली कैपिटल्स को 1 रन से हराया, बटलर, गिल और सुंदर ने 104 गेंद में कूटे 177 रन, 12 छक्के-13 चौके

विश्वलेबनान में इजरायली हमला, 254 लोगों की मौत और 700 घायल, युद्धविराम के बावजूद अटैक जारी?

भारतनारी शक्ति वंदन अधिनियमः 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित और 2029 के आम चुनाव में लागू?, लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 816, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दी मंजूरी

क्रिकेटलखनऊ सुपर जाइंट्स के खिलाफ गेंदबाजी करेंगे कैमरन ग्रीन, डीसी के खिलाफ 11 अप्रैल को खेलेंगे ब्रेविस?

भारतरेलवे में 8.85 प्रतिशत लोको पायलट ने लगातार 12 घंटे से अधिक काम किया?, रेलवे संघ ने कहा-46.96 प्रतिशत ने 9 घंटे शिफ्ट किए?

भारत अधिक खबरें

भारतपटना में महिलाएं-लड़कियां सरेआम पीती हैं सिगरेट, पुरुष खड़े होकर मुंह देखते रहते?, लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव बोले- बिहार में शराबबंदी पूरी तरह फेल

भारतमहाराष्ट्र लोक सेवा आयोग परिणाम: 624 अंक के साथ टॉप, सोलापुर के विजय नागनाथ लामका ने किया कारनामा?, 601 अंक लेकर आरती परमेश्वर जाधव ने महिला वर्ग में मारी बाजी?

भारतममता ने कहा- CRPF की 200 बटालियन आ रही, किचन से समान ले कर मारो?, अभिषेक कह रहे- भाजपा समर्थकों का हाथ-पैर तोड़ो, चुनाव आयोग के पास बीजेपी, वीडियो

भारतखरमास खत्म होने के बाद 15-16 अप्रैल को बिहार में नया मुख्यमंत्री?, सीएम नीतीश कुमार ने की अंतिम बार कैबिनेट की अध्यक्षता!, 10 अप्रैल को राज्यसभा में शपथ ग्रहण?

भारतबिहार के अस्पतालों में डॉक्टर, रुई और सुई नहीं, कहीं दवा नहीं तो बेड नहीं?, तेजस्वी यादव बोले-अमंगल दोष से ग्रसित स्वास्थ्य विभाग