मध्य प्रदेश में मचे सियासी तूफान के बीच BJP प्रदेशाध्यक्ष का बयान, पार्टी विधायक दल में सब कुछ नियंत्रण में

By भाषा | Updated: July 25, 2019 15:41 IST2019-07-25T15:39:42+5:302019-07-25T15:41:22+5:30

मध्य प्रदेश विधानसभा में दंड विधि (मध्य प्रदेश संशोधन) विधेयक 2019 पर बसपा विधायक संजीव सिंह द्वारा मांगे गये मत विभाजन के दौरान भाजपा के दो विधायकों नारायण त्रिपाठी (मैहर सीट, जिला सतना) और शरद कोल (ब्यौहारी सीट, जिला शहडोल) ने अपना समर्थन कांग्रेस नीत सरकार को दे दिया।

Everything is in favor and control in Madhya Pradesh BJP Legislature Party says Rakesh Singh | मध्य प्रदेश में मचे सियासी तूफान के बीच BJP प्रदेशाध्यक्ष का बयान, पार्टी विधायक दल में सब कुछ नियंत्रण में

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Highlightsप्रदेश भाजपा अध्यक्ष राकेश सिंह ने बृहस्पतिवार को कहा कि मध्यप्रदेश भाजपा विधायक दल में सब कुछ अनुकूल है और नियंत्रण में है। भाजपा सूत्रों के अनुसार इस मामले में राकेश सिंह बृहस्पतिवार शाम तक पार्टी आलाकमान को दिल्ली में रिपोर्ट सौंप सकते हैं।

मध्य प्रदेश विधानसभा में एक विधेयक पर मत विभाजन के दौरान भाजपा के दो विधायकों द्वारा अपना समर्थन मुख्यमंत्री कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस नीत सरकार को दिये जाने के एक दिन बाद प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राकेश सिंह ने बृहस्पतिवार को कहा कि मध्यप्रदेश भाजपा विधायक दल में सब कुछ अनुकूल है और नियंत्रण में है।

वहीं, भाजपा सूत्रों के अनुसार इस मामले में राकेश सिंह बृहस्पतिवार शाम तक पार्टी आलाकमान को दिल्ली में रिपोर्ट सौंप सकते हैं। इस बारे में पूछे गये एक सवाल के जवाब में सिंह ने यहां भाजपा कार्यालय में संवाददाताओं को बताया, ‘‘सब कुछ अनुकूल है। सब कुछ कंट्रोल में है।’’

उन्होंने कहा कि हमने इस विधेयक पर मत विभाजन नहीं मांगा था। कमलनाथ द्वारा इस विधेयक पर हुए मतदान को अपनी सरकार का बहुमत सिद्ध करने की बात कहे जाने पर तंज कसते हुए सिंह ने बताया, ‘‘ऐसे विषय पर समर्थन होना जिसमें भाजपा ने उस प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लिया हो, यह कांग्रेस की जल्दबाजी है।’’ जब उनसे सवाल किया गया कि क्या यह भाजपा की गुटबाजी का नतीजा है, तो इस पर उन्होंने कहा, ‘‘यह गुटबाजी नहीं है। कहीं कोई कठिनाई नहीं है। पूरी भारतीय जनता पार्टी एक है।’’

मालूम हो कि बुधवार शाम को विधानसभा में दंड विधि (मध्य प्रदेश संशोधन) विधेयक 2019 पर बसपा विधायक संजीव सिंह द्वारा मांगे गये मत विभाजन के दौरान भाजपा के दो विधायकों नारायण त्रिपाठी (मैहर सीट, जिला सतना) और शरद कोल (ब्यौहारी सीट, जिला शहडोल) ने अपना समर्थन कांग्रेस नीत सरकार को दे दिया।

इस विधेयक पर कुल 122 विधायकों ने सत्तारूढ़ कांग्रेस के पक्ष में मतदान किया था और कमलनाथ ने कुछ ही पल बाद बुधवार को मीडिया को बताया था कि ‘आज हुआ मतदान सिर्फ एक विधेयक पर मतदान नहीं है, बल्कि यह बहुमत सिद्ध करने का मतदान है।’

इस विधेयक पर भाजपा के दो विधायकों द्वारा दूसरे दल के लिए मतदान (क्रॉस वोटिंग) करने पर पार्टी आलाकमान की ओर से दी गई हिदायत के बाद राकेश सिंह तुरंत बुधवार रात दिल्ली से भोपाल आये और रात को ही मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव तथा मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से इस बारे में अलग-अलग चर्चा की।

उन्होंने भार्गव और चौहान से यह पता किया कि ऐसा क्या गलत हुआ, जिससे पूर्व में कांग्रेस के नेता रहे इन दो भाजपा विधायकों ने सत्तारूढ़ कांग्रेस को मतदान किया। सिंह मध्यप्रदेश के जबलपुर से सांसद भी हैं। इसी बीच, भाजपा सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार राकेश सिंह बृहस्पतिवार शाम तक दिल्ली वापस जाकर पार्टी आलाकमान को इस घटनाक्रम के बारे में विस्तृत रिपोर्ट सौंपेंगे। हालांकि, अभी भाजपा अपने इन दोनों नाराज विधायकों का फिर से विश्वास जीतना चाहती है।

भाजपा सूत्रों ने बताया कि ये दोनों विधायक दो दिन पहले भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मिले थे और उनसे शिकायत की थी कि भाजपा में उनकी कोई बात सुनी नहीं जाती है लेकिन इन दोनों विधायकों ने बुधवार को सदन में क्रॉस वोटिंग कर दी। इनके अलावा, भाजपा के दो और ऐसे विधायक हैं, जो पहले कांग्रेसी नेता रह चुके हैं। भाजपा अपने इन दोनों विधायकों से भी संपर्क बनाए हुए है, ताकि कांग्रेस उनको अपने पक्ष में ना ले सके।

Web Title: Everything is in favor and control in Madhya Pradesh BJP Legislature Party says Rakesh Singh

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