जदयू की सदस्यता ग्रहण करने के पहले ही निशांत कुमार ने बढ़ा- दी अपनी सियासी सक्रियता, जदयू नेताओं के साथ की बैठक
By एस पी सिन्हा | Updated: March 7, 2026 15:39 IST2026-03-07T15:39:01+5:302026-03-07T15:39:01+5:30
राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है कि निशांत कुमार न केवल नई सरकार में उपमुख्यमंत्री की जिम्मेदारी संभालेंगे, बल्कि उन्हें बेहद महत्वपूर्ण माना जाने वाला गृह मंत्रालय भी सौंपा जा सकता है।

जदयू की सदस्यता ग्रहण करने के पहले ही निशांत कुमार ने बढ़ा- दी अपनी सियासी सक्रियता, जदयू नेताओं के साथ की बैठक
पटना:बिहार की सियासत में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार सक्रिय राजनीति में लाने को लेकर नेताओं-कार्यकर्ताओं के द्वारा लंबे समय से की जा रही मांग अब पूरी होने जा रही है। निशांत कुमार 8 मार्च को जदयू की सदस्यता ग्रहण कर जिम्मेदारी संभालने लगेंगे। इसके बाद वह बिहार का दौरा करेंगे। राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है कि निशांत कुमार न केवल नई सरकार में उपमुख्यमंत्री की जिम्मेदारी संभालेंगे, बल्कि उन्हें बेहद महत्वपूर्ण माना जाने वाला गृह मंत्रालय भी सौंपा जा सकता है। कारण कि निशांत कुमार का सियासत में कदम रखना जदयू में भविष्य के ‘उत्तराधिकारी’ के उदय के रूप में देखा जा रहा है।
हालांकि पार्टी की सदस्यता ग्रहण करने के पहले ही निशांत कुमार ने सक्रियता बढा दी है। पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के आवास पर शनिवार को सुबह हुई बैठक में निशांत कुमार ने मंत्री, सांसद और विधायकों से मुलाकात की। निशांत कुमार पहली बार वे जदयू के बड़े नेताओं की बैठक में नजर आए। सियासत की पीच पर औपराचिक एंट्री से पहले निशांत कुमर ने अपना मैसेज साफ कर दिया है। बैठक के बाद ग्रुप फोटो भी लिया गया और जदयू के युवा विधायकों ने निशांत कुमार का स्वागत करते हुए उन्हें सक्रिय राजनीति में आने के लिए प्रोत्साहित किया।
सूत्रों के अनुसार निशांत कुमार ने भविष्य की योजनाओं को लेकर पार्टी के युवा विधायकों के साथ की रायशुमारी की। सूत्रों के मुताबिक, विधायकों ने निशांत को पार्टी की कमान संभालने की जिम्मेदारी लेने को कहा। जदयू नेता नीरज कुमार ने कहा कि निशांत सदस्यता लेने के बाद पूरे राज्य का दौरा करेंगे, जैसे उनके पिता नीतीश कुमार करते रहे हैं।
उधर, जदयू कार्यालय के बाहर निशांत कुमार के स्वागत में पोस्टर लगाए गए हैं। इन पोस्टरों में “विकसित बिहार के नए अध्याय की शुरुआत- निशांत कुमार” लिखा है। कार्यालय निशांत के पोस्टरों से पटा पड़ा है। निशांत के राजनीति में आने के फैसले से जदयू कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह है। कई नेता इसे नीतीश कुमार की विरासत को आगे बढ़ाने का कदम बता रहे हैं। हालांकि नीतीश कुमार पहले परिवारवाद के खिलाफ थे, लेकिन अब पार्टी नई पीढ़ी को मौका दे रही है।
एक तरफ निशांत बिहार की सियासत में सक्रिय हो गए हैं तो दूसरी तरफ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शनिवार को बख्तियारपुर के दौरे पर गए। राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल करने के बाद यह उनका पहला दौरा था। जिसमें उन्होंने अपने क्षेत्र के विकास कार्यों का जायजा लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बख्तियारपुर में स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज का निरीक्षण भी किया। वहां चल रही व्यवस्थाओं और विकास कार्यों की समीक्षा किया।
उधर, जदयू के अंदर यह भी चर्चा है कि निशांत कुमार आने वाले समय में पार्टी की रणनीति तय करने, संगठन को मजबूत करने और युवाओं को जोड़ने पर विशेष ध्यान देंगे। उनके सियासत में प्रवेश को जदयू के लिए एक नई शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है। अब सबकी नजर 8 मार्च पर टिकी है, जब निशांत कुमार औपचारिक रूप से पार्टी की सदस्यता लेकर बिहार की राजनीति में अपना पहला कदम रखेंगे।