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टीका लगवा चुके भारतीयों के साथ परस्परता के आधार पर व्यवहार करे ईयू :भारत

By भाषा | Updated: July 2, 2021 20:53 IST

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नयी दिल्ली, दो जुलाई भारत ने शुक्रवार को उम्मीद जतायी कि यात्रा के लिए यूरोपीय संघ (ईयू) कोविन टीकाकरण प्रमाणपत्र को पारस्पारिक आधार पर मान्यता देगा और इस मुद्दे पर वह समूह के सदस्य देशों के साथ सम्पर्क में है ।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने डिजिटल माध्यम से संवाददाताओं से कहा कि यूरोपीय संघ ने अब ईयू डिजिटल कोविड प्रमाणपत्र का गठन किया है जो टीका लगवाने वाले लोगों की आवाजाही पर छूट के लिये है ।

उन्होंने कहा, ‘‘ हमारी उम्मीद यह है कि जिन भारतीयों को घरेलू टीकाकरण कार्यक्रम के तहत टीका लगा है, उन्हें यूरोपीय संघ में टीका लगाने वालों के समतुल्य माना जायेगा और कोविन टीकाकरण प्रमाणपत्र को यूरोपीय संघ पारस्परिक आधार पर मान्यता देगा । ’’

बागची ने कहा, ‘‘आपको मालूम है कि कोविन टीकाकरण प्रमाणपत्र की पुष्टि कोविन वेबसाइट पर की जा सकती है ।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ हम यूरोपीय संघ के सदस्य देशें के साथ पारस्परिक स्वीकार्यता को लेकर सम्पर्क में हैं ।’’

उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ के देशों ने पहले ही इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाया है । ’’

उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब सूत्रों ने बताया कि नौ यूरोपीय देशों ने उनके देश में यात्रा के उद्देश्य से कोविशिल्ड टीके को स्वीकार कर लिया है ।

सूत्रों ने बताया कि इन देशों में आस्ट्रिया, जर्मनी, स्लोवानिया, यूनान, आइसलैंड, आयरलैंड, स्पेन ने शामिल है जिन्होंने यात्रा के लिये कोविशिल्ड टीका लगाने वाले लोगों को अनुमति दी है ।

इसके अलावा स्विटजरलैंड और एस्टोनिया ने भी इसे स्वीकार करने की बात कही है ।

उल्लेखनीय है कि यूरोपीय संघ डिजिटल कोविड प्रमाणपत्र या ‘ग्रीन पास’ बृहस्पतिवार से प्रभाव में आया है जिसका मकसद कोविड-19 महामारी के दौरान मुक्त आवाजाही सुगम बनाना है । इसके तहत यूरोपीय मेडिसिंस एजेंसी द्वारा अधिकृत टीका लगवाने वाले लोगों को यूरोपीय संघ के भीतर यात्रा में छूट देने की बात कही गई है । ग्रीन पास यूरोपीय देशों में यात्रा के लिये अनिवार्य होगा और यह दस्तावेज इस बात का सबूत होगा कि व्यक्ति ने कोविड रोधी टीका लगावाया है ।

कुछ देशों में टीकाकरण के मानदंडों एवं कुछ देशों में फिर से टीका लगाने की जरूरत के बारे में सवाल क जवाब में बागची ने कहा कि यह संबंधित देश पर निर्भर करेगा ।

टीके के आयात एवं निर्यात के बारे में एक सवाल के जवाब में बागची ने कहा कि देश के भीतर टीके के उपलब्धता को बढाने के लिये सभी प्रयास किये जा रहे हैं, चाहे घरेलू उत्पादन के जरिये हो या टीके के आयात के माध्यम से हो ।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अभी भारत की प्राथमिकता घरेलू उत्पादन का अपने टीकाकरण अभियान के लिये उपयोग करने पर है जो तेजी से आगे बढ़ रहा है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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