Earthquakes in Sikkim: सिक्किम में भूकंप से हिली धरती, ग्यालशिंग और अन्य क्षेत्रों में महसूस किए गए झटके
By अंजली चौहान | Updated: February 6, 2026 08:06 IST2026-02-06T07:47:31+5:302026-02-06T08:06:24+5:30
Earthquakes in Sikkim: सिक्किम के ग्यालशिंग में देर रात रिक्टर स्केल पर 4.5 तीव्रता का भूकंप आया, जिससे निवासियों में दहशत फैल गई। पूरे इलाके में भूकंप के झटके महसूस होने पर लोग अपने घरों से बाहर भाग निकले।

Earthquakes in Sikkim: सिक्किम में भूकंप से हिली धरती, ग्यालशिंग और अन्य क्षेत्रों में महसूस किए गए झटके
Earthquakes in Sikkim:सिक्किम के ग्यालशिंग इलाके में हल्का भूकंप आया, जिससे लोगों में दहशत फैल गई। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, भूकंप सुबह 1:09 बजे आया और रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.5 मापी गई। अचानक आए झटकों से लोग डर के मारे अपने घरों से बाहर भाग गए, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी और कन्फ्यूजन का माहौल बन गया। कई लोग संभावित आफ्टरशॉक्स के डर से कई मिनट तक बाहर ही रहे।
आधी रात के बाद सिक्किम में झटके
EQ of M: 4.5, On: 06/02/2026 02:30:30 IST, Lat: 33.27 N, Long: 83.39 E, Depth: 25 Km, Location: Tibet.
— National Center for Seismology (@NCS_Earthquake) February 5, 2026
For more information Download the BhooKamp App https://t.co/5gCOtjdtw0@DrJitendraSingh@OfficeOfDrJS@Ravi_MoES@Dr_Mishra1966@ndmaindiapic.twitter.com/6ciHc4ALNM
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, सिक्किम में सुबह 1 बजे से लेकर सुबह के शुरुआती घंटों के बीच करीब 12 भूकंप के झटके महसूस किए गए। इनमें से सबसे तेज़ झटका रिक्टर स्केल पर 4.5 तीव्रता का था। सबसे शक्तिशाली झटका सुबह 1:09 बजे रिकॉर्ड किया गया, जिसका केंद्र ग्यालशिंग इलाके में 10 किलोमीटर की गहराई में था। झटके सिर्फ ग्यालशिंग तक ही सीमित नहीं थे, बल्कि गंगटोक, मंगन और नामची सहित अन्य इलाकों में भी 2 से 4 तीव्रता के भूकंपीय गतिविधि दर्ज की गई। भूकंपों की इस श्रृंखला ने डर का माहौल बना दिया, जिससे कई लोग अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए घरों से बाहर भाग गए।
म्यांमार में भी तेज़ भूकंप आया
भारत के पड़ोसी देश म्यांमार में भी शुक्रवार सुबह एक बड़ा भूकंप आया। इस झटके की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.9 मापी गई और यह सुबह 6:03 बजे आया। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने बताया कि इसका केंद्र पृथ्वी की सतह से 96 किलोमीटर नीचे था। म्यांमार में विनाशकारी भूकंपीय घटनाओं का इतिहास रहा है। 2025 में, एक बड़े भूकंप से भारी तबाही हुई थी और 5,000 से ज़्यादा लोगों की जान चली गई थी।