इंदौर में सातवें वेतन आयोग के कार्यान्वयन और समयबद्ध पदोन्नति को लेकर चल रहे शिक्षकों के आंदोलन को जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (जेडीए) समर्थन दिया है। इंदौर डिवीजन के आयोग को लिखे पत्र में एसोसिएशन ने दावा किया है कि इस मुद्दे को हल करने के लिए सरकार द्वारा आवश्यक प्रयास नहीं किए जा रहे हैं।
एसोसिएशन का कहना है कि राज्य सरकार को इस मुद्दे के बारे में लगभग एक महीने पहले सूचित किया गया है। वे इस मामले को हल करने के लिए बातचीत शुरू करने के बजाय विरोध को दबाने के लिए एस्मा लगाने की कोशिश कर रहे हैं जिसमें कोई आपातकालीन चिकित्सा सेवा एमपीटीए द्वारा बाधित नहीं की गई थी।
जेडीए का कहना है कि हम सरकार के अनुरोध करते हैं कि वह इस मामले को हाल करे। इसके साथ ही जेडीए ने विरोध करने वाले शिक्षकों के खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई के मामले में ओपीडी और अन्य सेवाओं को वापस लेने की भी धमकी दी है।
बता दें कि एस्मा लगे होने के बावजूद इंदौर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज सहित मध्य प्रदेश के 13 शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय और दंत महाविद्यालय के 3300 चिकित्सा शिक्षकों ने बुधवार को सामूहिक अवकाश ले लिया। ये सभी डॉक्टर्स सातवां वेतनमान दिए जाने की मांग कर रहे है।