इंदौर के जाली निर्णय कांड में पूछताछ के बाद जिला लोक अभियोजन अधिकारी को हटाया गया

By भाषा | Updated: July 14, 2021 20:25 IST2021-07-14T20:25:02+5:302021-07-14T20:25:02+5:30

District Public Prosecution Officer removed after interrogation in Indore's fake judgment case | इंदौर के जाली निर्णय कांड में पूछताछ के बाद जिला लोक अभियोजन अधिकारी को हटाया गया

इंदौर के जाली निर्णय कांड में पूछताछ के बाद जिला लोक अभियोजन अधिकारी को हटाया गया

इंदौर, 14 जुलाई मध्य प्रदेश सरकार ने इंदौर में एक महिला से मारपीट के मुकदमे में स्थानीय अदालत के दो अलग-अलग जाली फैसले तैयार किए जाने के मामले में पुलिस की पूछताछ से गुजर चुके जिला लोक अभियोजन अधिकारी का बुधवार को तबादला कर दिया। जाली निर्णय कांड में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के एक अधिकारी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।

अधिकारियों ने बताया कि इंदौर के जिला लोक अभियोजन अधिकारी मोहम्मद अकरम शेख को भोपाल स्थानांतरित किया गया है। वह भोपाल के लोक अभियोजन संचालनालय में सहायक संचालक का पदभार संभालेंगे।

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि जाली निर्णय कांड की जांच में फिलहाल शेख की सीधी भूमिका सामने नहीं आई है, लेकिन मामले से जुड़ी कुछ बातों की तसदीक के लिए पुलिस उनसे पूछताछ कर उनका बयान दर्ज कर चुकी है।

अधिकारी ने बताया कि जाली निर्णय कांड में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अपर आयुक्त के रूप में भोपाल में पदस्थ संतोष वर्मा को पूछताछ के बाद शनिवार देर रात गिरफ्तार किया गया था।

उन्होंने बताया कि वर्मा पर आरोप है कि वह एक महिला से मारपीट के मुकदमे में अपनी कथित दोषमुक्ति को लेकर इंदौर की एक अदालत के जाली फैसले की मदद से राज्य प्रशासनिक सेवा से आईएएस संवर्ग में पदोन्नत हुए थे।

इस बीच, एक अन्य अदालत ने बुधवार को अभियोजन की गुहार पर वर्मा की पुलिस हिरासत 17 जुलाई (शनिवार) तक बढ़ा दी। उनकी पुलिस हिरासत की मियाद बुधवार को ही खत्म हो रही थी।

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि फोन पर बातचीत की कुछ संदिग्ध रिकॉर्डिंग की जांच के लिए वर्मा की आवाज का नमूना लिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि आरोप है कि इंदौर के एक विशेष न्यायाधीश के नाम पर छह अक्टूबर 2020 की तारीख के दो जाली फैसले तैयार किए गए थे। इनमें से एक फैसले में वर्मा को एक महिला से गाली-गलौज, मारपीट और आपराधिक धमकी के आरोपों से बरी बताया गया था, जबकि दूसरे फैसले में कहा गया था कि दोनों पक्षों में राजीनामा (समझौता) हो गया है।

अधिकारी के मुताबिक खुद विशेष न्यायाधीश ने शहर के एमजी रोड पुलिस थाने में इस साल 26 जून को शिकायत दर्ज कराते हुए कहा था कि उन्होंने छह अक्टूबर 2020 को उक्त मामले में कोई भी निर्णय पारित नहीं किया क्योंकि उन्होंने कैंसर का इलाज करा रही अपनी पत्नी की चिकित्सकीय जांच कराने के लिए इस तारीख को एक दिन का आकस्मिक अवकाश लिया था।

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Web Title: District Public Prosecution Officer removed after interrogation in Indore's fake judgment case

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