दिग्विजय सिंह ने भाजपा-आरएसएस की ‘संगठन शक्ति’ की तारीफ की?, कांग्रेस में बंटे नेता, देखिए किसने क्या कहा?
By सतीश कुमार सिंह | Updated: December 28, 2025 15:28 IST2025-12-28T15:21:02+5:302025-12-28T15:28:03+5:30
कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की संगठनात्मक ताकत की तारीफ करने पर कहा कि हमारा तो 140 साल का इतिहास है उसमें तो बहुत सारे चीजे सीख सकते हैं।

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नई दिल्लीः कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने पार्टी कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक से पहले शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेक संघ (आरएसएस) की ‘‘संगठन शक्ति’’ की तारीफ कर अपने दल के लिए असहज स्थिति पैदा कर दी। हालांकि, सिंह ने बाद में सफाई देते हुए कहा कि वह आरएसएस व पीएम नरेन्द्र मोदी की नीतियों के धुर विरोधी हैं और उन्होंने सिर्फ संगठन की तारीफ की है। सूत्रों के अनुसार, दिग्विजय ने कार्य समिति की बैठक के दौरान भी पार्टी संगठन में विक्रेंद्रीकरण की पैरवी की। अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने टोकते हुए कहा कि अभी और नेताओं को बोलना है।
कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की संगठनात्मक ताकत की तारीफ करने पर कहा कि हमारा तो 140 साल का इतिहास है उसमें तो बहुत सारे चीजे सीख सकते हैं। हम अपने आप से भी सीख सकते हैं। अनुशासन सीखना बहुत जरूरी है चाहे आप कोई भी पार्टी में हो। उनके बारे (दिग्विजय सिंह) में आप उनसे ही पूछिए।
मैं भी चाहता हूं कि हमारा संगठन मजबूत हो। हमारे संगठन में अनुशासन होना चाहिए। दिग्विजय सिंह खुद इस बारे में बोल सकते हैं। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के RSS की संगठनात्मक ताकत की तारीफ करने पर, कांग्रेस सांसद मणिक्कम टैगोर ने कहा कि RSS नफरत पर बना संगठन है, और यह नफरत फैलाता है। नफरत से सीखने जैसा कुछ नहीं है। क्या आप अल-कायदा से कुछ सीख सकते हैं?
अल-कायदा, नफरत का संगठन है। यह दूसरों से नफरत करता है। उस संगठन से सीखने जैसा क्या है? अगर आप सीखना चाहते हैं, तो अच्छे लोगों से सीखें। कांग्रेस पार्टी है, जो 140 साल पुरानी है। कांग्रेस ने लोगों को एक साथ लाया। महात्मा गांधी ने कांग्रेस पार्टी को जन आंदोलन में बदल दिया। क्या इस संगठन को नफरत फैलाने वाले संगठनों से सीखना चाहिए?
कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला ने कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की संगठनात्मक ताकत की तारीफ करने पर कहा कि दिग्विजय सिंह पार्टी के साथ पूरी तरह से जुड़े हुए हैं कल भी थे और आज भी यहां पर हैं तो बेवजह से इस बात तो बढ़ाया जा रहा है। इस तरह की कोई बात नहीं है।
#WATCH | Delhi | On Congress leader Digvijaya Singh praising the organisational strength of the Rashtriya Swayamsevak Sangh, Congress MP Shashi Tharoor says, "We have a history of 140 years, and we can learn a lot from it. We can learn from ourselves, too. Discipline is very… pic.twitter.com/NUfz7scRiu
— ANI (@ANI) December 28, 2025
कांग्रेस मुख्यालय में रविवार को आयोजित पार्टी के 140वें स्थापना दिवस कार्यक्रम के दौरान शशि थरूर ने अपने पार्टी सहयोगी दिग्विजय सिंह के विचारों का समर्थन करते हुए कहा कि संगठन को मजबूत किया जाना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान थरूर, पार्टी के इंदिरा भवन मुख्यालय में दिग्विजय सिंह के बगल में बैठे थे।
दिग्विजय सिंह ने शनिवार को उस समय राजनीतिक हलचल मचा दी थी, जब उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की संगठनात्मक ताकत की सराहना की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की एक पुरानी तस्वीर साझा करते हुए कहा था कि किस तरह एक जमीनी कार्यकर्ता अपने नेताओं के चरणों में बैठकर सीखता हुआ मुख्यमंत्री और फिर प्रधानमंत्री बना।
उन्होंने कांग्रेस संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने का मुद्दा भी उठाया और कहा कि सत्तारूढ़ भाजपा से मुकाबले और उसे सत्ता से हटाने के लिए यह बेहद जरूरी है। सिंह की इस टिप्पणी के एक दिन बाद जब थरूर से इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया मांगी गई तो उन्होंने कहा, ‘‘संगठन को मजबूत किया जाना चाहिए, इसमें कोई संदेह नहीं है।’’
जब उनसे दिग्विजय सिंह के बगल में बैठने और दोनों के बीच इस विषय पर चर्चा होने के बारे में पूछा गया तो थरूर ने कहा, ‘‘हम आपस में बात करते रहते हैं, हम मित्र हैं और एक-दूसरे से बातचीत करते रहते हैं।’’ उन्होंने आगे कहा, ‘‘आज कांग्रेस का 140वां स्थापना दिवस है। यह पार्टी के लिए एक बहुत महत्वपूर्ण अवसर है।
यह वह दिन है जब हम अपने गौरवशाली इतिहास और देश के लिए पार्टी के योगदान को याद करते हैं।’’ थरूर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘आज भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना की 140वीं वर्षगांठ है। यह वही संगठन है जिसने ब्रिटिश शासन से भारत की स्वतंत्रता की लड़ाई का नेतृत्व करने में निर्णायक भूमिका निभाई।’’
उन्होंने लिखा, ‘‘वर्ष 1885 में अपने पहले अधिवेशन से लेकर आज तक, कांग्रेस पार्टी देश की लोकतांत्रिक यात्रा और राजनीतिक विकास की एक मजबूत आधारशिला बनी हुई है। आज इंदिरा भवन में यह अवसर गंभीरता और आपसी सौहार्द के साथ मनाया गया।’’
#WATCH | Delhi | On being asked about his statements in support of the BJP, Congress MP Shashi Tharoor says, "Hear whatever I say, read whatever I write. Don't go by others' versions. I am saying it clearly that nothing as such has happened..." pic.twitter.com/0NNWUW4aei
— ANI (@ANI) December 28, 2025
#WATCH | Delhi | On Congress leader Digvijaya Singh praising the organisational strength of the RSS, Congress MP Shashi Tharoor says, "Even I want our organisation to strengthen. There should be discipline in our organisation. Digvijaya Singh can speak for himself..." pic.twitter.com/VuawKAwRim
— ANI (@ANI) December 28, 2025
कार्य समिति की बैठक शुरू होने से पहले दिग्विजय सिंह ने ‘एक्स’ पर एक पुरानी तस्वीर साझा की जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आगे की तरफ नीचे बैठे हुए हैं तथा उनके पीछे भाजपा के दिग्गज नेता लालकृष्ण आडवाणी कुर्सी पर बैठे नजर आ रहे हैं। सिंह ने पोस्ट किया, ‘‘कोरा वेबसाइट पर मुझे यह चित्र मिला। बहुत ही प्रभावशाली है।
किस प्रकार आरएसएस का जमीनी स्वयंसेवक व जनसंघ भाजपा का कार्यकर्ता नेताओं के चरणों में फर्श पर बैठकर प्रदेश का मुख्यमंत्री व देश का प्रधानमंत्री बना। यह संगठन की शक्ति है। जय सियाराम।’’ विवाद खड़ा होने पर सिंह ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैंने संगठन की तारीफ की है। मैं आरएसएस और मोदी जी का घोर विरोधी था, घोर विरोधी हूं और रहूंगा।’’
यह पूछे जाने पर कि क्या उन्होंने कार्य समिति की बैठक में विकेंद्रीकरण की पैरवी की है, सिंह ने कहा, ‘‘मुझे जो कहना था, वो मैंने बैठक के दौरान कह दिया।’’ उन्होंने यह भी कहा, ‘‘क्या संगठन को मजबूत करना या उसकी तारीफ करना, बुरी बात है।’’ मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘अगर आप मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के तौर पर मेरे कार्यकाल को देखेंगे तो पाएंगे कि मैंने विकेंद्रीकृत तरीके से काम किया। यह मेरा विचार है।’’ कार्य समिति की बैठक से पहले और बैठक के दौरान सिंह का यह रुख कांग्रेस नेताओं को असहज करने वाला था।
बैठक के बाद जब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया तो पत्रकारों के सवाल नहीं लिए। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री सिंह वर्तमान में राज्यसभा और कांग्रेस कार्य समिति के सदस्य हैं। राज्यसभा का उनका कार्यकाल अगले साल 21 जून को खत्म हो रहा है।
भाजपा ने कहा कि कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह द्वारा भाजपा और आरएसएस की संगठनात्मक शक्ति की प्रशंसा किया जाना पार्टी में राहुल गांधी के नेतृत्व के खिलाफ ‘‘खुली असहमति’’ है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि गांधी पार्टी में हाशिए पर धकेल दिए जाने के कारण अपनी पार्टी को ‘‘उलट-पुलट’’ करने में लगे हैं।
त्रिवेदी ने यहां भाजपा मुख्यालय में एक प्रेसवार्ता में कहा, ‘‘ऐसा इसलिए है क्योंकि हमारे नरेन्द्र मोदी ‘गुड़दी के लाल’ हैं और उनके नेता ‘जवाहर के लाल’ हैं। चूंकि हमारे नरेन्द्र मोदी निचले स्तर से शीर्ष तक पहुंचे हैं, इसलिए वह पार्टी (भाजपा) को भी निचले स्तर से शीर्ष तक ले जा रहे हैं।’’ गांधी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘‘चूंकि उनके नेता ‘जवाहर के लाल’ हैं जो अब ‘ऊपर से नीचे’ हो गए हैं,
इसलिए वह अपनी पार्टी को भी उलट-पुलट कर रहे हैं।’’ दिग्विजय सिंह ने शनिवार को आरएसएस-भाजपा की संगठनात्मक शक्ति की सराहना करते ‘एक्स’ पर एक पुरानी तस्वीर साझा की, जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आगे की तरफ नीचे बैठे हुए हैं तथा उनके पीछे भाजपा के दिग्गज नेता लालकृष्ण आडवाणी कुर्सी पर बैठे नजर आ रहे हैं।
सिंह ने पोस्ट किया, ‘‘कोरा वेबसाइट पर मुझे यह चित्र मिला। बहुत ही प्रभावशाली है। किस प्रकार आरएसएस का जमीनी स्वयंसेवक व जनसंघ भाजपा का कार्यकर्ता नेताओं के चरणों में फर्श पर बैठकर प्रदेश का मुख्यमंत्री व देश का प्रधानमंत्री बना। यह संगठन की शक्ति है। जय सियाराम।’’ विवाद खड़ा होने पर सिंह ने कहा कि उन्होंने केवल संगठन और इसकी शक्ति की तारीफ की है,
अन्यथा वह आरएसएस और मोदी के घोर विरोधी हैं। सिंह की शुरुआती टिप्पणियों को आधार बनाते हुए भाजपा के एक अन्य प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘दिग्विजय सिंह ने राहुल गांधी के खिलाफ खुलकर असहमति जताई है।’’ भंडारी ने कहा, ‘‘उन्होंने (सिंह) स्पष्ट कर दिया है कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस संगठन ध्वस्त हो गया है।’’
कांग्रेस पर हमला करते हुए त्रिवेदी ने कहा कि पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भी अपनी पुस्तक में गांधी के ‘‘ज्ञान और गंभीरता’’ पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा कि यह ‘‘आश्चर्यजनक’’ है कि गांधी को ‘‘अमेरिका के बड़े विश्वविद्यालयों’’ द्वारा भाषण के लिए आमंत्रित किया जाता है, जबकि देश के पूर्व राष्ट्रपति ने उनके बारे में ऐसी राय व्यक्त की थी।
त्रिवेदी ने कहा, ‘‘मैं अमेरिकी सत्ता प्रतिष्ठान के सामने विचार करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण बातें रखना चाहता हूं। यदि आपके राष्ट्रपति की किसी व्यक्ति के बारे में इस प्रकार की राय है, तो उसे आईवी लीग विश्वविद्यालयों में भाषण देने के लिए कैसे अनुमति दी जा सकती है और कैसे आमंत्रित किया जा सकता है?’’