बिना जांच के ऑक्सीजन से संबंधित मौतों का पता लगाना मुश्किल : सिसोदिया
By भाषा | Updated: August 12, 2021 21:19 IST2021-08-12T21:19:50+5:302021-08-12T21:19:50+5:30

बिना जांच के ऑक्सीजन से संबंधित मौतों का पता लगाना मुश्किल : सिसोदिया
नयी दिल्ली, 12 अगस्त दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया को पत्र लिखकर कहा है कि उचित जांच के बिना यह पता लगाना मुश्किल है कि क्या कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन से संबंधित कोई मौत हुई है या नहीं।
सिसोदिया ने बृहस्पतिवार को संवाददाता सम्मेलन में बताया कि दिल्ली सरकार ने मौतों की जांच और एक रिपोर्ट तैयार करने के लिए एक समिति गठित की थी ताकि प्रभावित परिवारों में पांच-पांच लाख रुपये का मुआवजा वितरित किया जा सके।
उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन दिल्ली के उप राज्यपाल के जरिए केंद्र ने इस समिति के गठन की अनुमति नहीं दी। हम दिल्ली के उप राज्यपाल को मंजूरी के लिए फिर से फाइल भेज रहे हैं। हम पूरी जिम्मेदारी के साथ जांच करेंगे और दोषियों को सजा भी देंगे।’’
सिसोदिया ने अपने पत्र में कहा कि दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की कमी को स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह कहना जल्दबाजी होगी कि ऑक्सीजन की कमी के कारण कोई मौत नहीं हुई, जिसका पता केवल जांच से चल सकता है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा, “ केवल सरकारी फाइल के कुछ आंकड़ों के आधार पर दिल्ली में ऑक्सीजन की कमी से कोई मौत नहीं हुई यह कहना न केवल गलत होगा बल्कि ऑक्सीजन संकट के दौरान अपनों को खोने वालों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा होगा।”
उन्होंने कहा कि मीडिया रिपोर्टों में दिल्ली के जयपुर गोल्डन, बत्रा और गंगाराम अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी के कारण कुछ मौतों का "दावा" किया गया था।
उन्होंने कहा, ‘‘हम यह नहीं कह सकते कि ऑक्सीजन संकट नहीं था। उस समय मरीजों के परिवार, अस्पताल मदद के लिए एसओएस संदेश भेज रहे थे।’’
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि संक्रमण के कारण दिल्ली में 25,000 से अधिक लोगों की मौत हुई। उन्होंने कहा कि यह जांच की जानी है कि इनमें से कितनी मौत अप्रैल और मई के दौरान ऑक्सीजन की कमी के कारण हुई।
दिल्ली सरकार ने कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की कमी के कारण मौत की जांच करने के लिए जून में चार सदस्यीय विशेषज्ञ समिति गठित की थी। सिसोदिया ने कहा था कि केंद्र ने समिति के लिए मंजूरी देने से इनकार कर दिया।
उन्होंने कहा, "केंद्र सरकार ने बेहद गैर-जिम्मेदार और असंवेदनशील रवैया अपनाते हुए यह मानने से इनकार कर दिया कि देश में ऑक्सीजन की कमी से कोई मौत हुई है, लेकिन अब अदालत की फटकार के बाद राज्यों से आंकड़े मांगना शुरू कर दिया है।"
पिछले महीने विपक्षी दलों ने संसद को यह बताने के लिए सरकार पर निशाना साधा था कि राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की ओर से कोविड-19 की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की कमी से मौत होने की कोई विशेष सूचना नहीं मिली है।
बहरहाल, मंगलवार को एक शीर्ष अधिकारी ने बताया कि केवल एक राज्य ने अभी तक दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की कमी के कारण ‘‘संदिग्ध’’ मौत की जानकारी दी है। संसद में यह मुद्दा उठने के बाद केंद्र ने राज्यों से ऑक्सीजन की कमी से होने वाली मौत पर आंकड़े मांगे थे।
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