'बिहार में शराबबंदी कानून लागू होने के बावजूद सब जगह मिल रहा है शराब': सत्ताधारी दल जदयू के सांसद देवेशचंद्र ठाकुर का दावा

By एस पी सिन्हा | Updated: March 1, 2026 18:43 IST2026-03-01T18:30:43+5:302026-03-01T18:43:38+5:30

देवेश चंद्र ठाकुर ने कहा कि जब बिहार में वर्ष 2016 में शराबबंदी कानून लागू किया गया, तब उन्होंने इस पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने कहा कि नीति की मंशा भले ही अच्छी हो, लेकिन इसे व्यवहारिक रूप से लागू करना बेहद कठिन है।

Devesh Chandra Thakur, MP of the ruling JDU in Bihar, claimed that despite the prohibition law in force in the state, alcohol is available everywhere | 'बिहार में शराबबंदी कानून लागू होने के बावजूद सब जगह मिल रहा है शराब': सत्ताधारी दल जदयू के सांसद देवेशचंद्र ठाकुर का दावा

'बिहार में शराबबंदी कानून लागू होने के बावजूद सब जगह मिल रहा है शराब': सत्ताधारी दल जदयू के सांसद देवेशचंद्र ठाकुर का दावा

पटना:बिहार में सत्ताधारी दल जदयू के सांसद एवं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी देवेशचंद्र ठाकुर ने यह कहकर सनसनी फैला दी है कि बिहार में शराबबंदी कानून लागू होने के बावजूद यह हर जगह उपलब्ध है। उन्होंने साफ कहा कि वह शुरुआत से ही इस नीति के पक्ष में नहीं थे और यदि शराबबंदी हट जाए तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं होगी। देवेश चंद्र ठाकुर ने कहा कि जब बिहार में वर्ष 2016 में शराबबंदी कानून लागू किया गया, तब उन्होंने इस पर आपत्ति जताई थी। 

उन्होंने कहा कि नीति की मंशा भले ही अच्छी हो, लेकिन इसे व्यवहारिक रूप से लागू करना बेहद कठिन है। ठाकुर ने कहा कि दुनिया में कहीं भी पूर्ण शराबबंदी पूरी तरह सफल नहीं हुई है। हालांकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सोच सकारात्मक थी। शराब के कारण परिवारों में कलह, मारपीट और आर्थिक बर्बादी जैसी समस्याएं सामने आती थीं। गरीब परिवारों में बच्चों की पढ़ाई का पैसा भी शराब में खर्च हो जाता था। इन सामाजिक समस्याओं को रोकने के उद्देश्य से यह कानून लाया गया। 

ठाकुर ने कहा कि बिहार भौगोलिक रूप से कई राज्यों से घिरा हुआ है, जिसमें उत्तर प्रदेश, झारखंड और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों से इसकी सीमाएं लगती हैं। ऐसे में तस्करी को पूरी तरह रोक पाना संभव नहीं है। ट्रकों, निजी वाहनों और यहां तक कि रेलमार्ग के जरिए भी शराब की अवैध सप्लाई होती रहती है। 

उन्होंने कहा कि जब मांग बनी रहती है तो किसी न किसी तरीके से आपूर्ति भी हो ही जाती है। ठाकुर ने यह भी कहा कि 2016 में कानून लागू होने के बाद से ही यह देखने को मिला कि प्रतिबंध के बावजूद शराब की उपलब्धता पूरी तरह खत्म नहीं हुई। इससे यह साबित होता है कि व्यवहारिक स्तर पर इस कानून को शत-प्रतिशत लागू करना कठिन है। 

उन्होंने कहा कि यदि शराबबंदी हटा दी जाए तो यह ज्यादा व्यावहारिक निर्णय होगा। ठाकुर ने शराबबंदी के समय का जिक्र करते हुए कहा कि जब शराबबंदी कानून पास होने के बाद दोनों, सदनों विधानसभा और विधान परिषद में सदस्यों से शपथ दिलवाई गई थी कि वे शराब का सेवन नहीं करेंगे। लेकिन वह वह उस समय सदन में मौजूद नहीं थे। 

जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने शपथ क्यों नहीं ली, तो उन्होंने कहा कि कानून तो पास हो ही चुका है, फिर अलग से शपथ लेने की क्या जरूरत है? उनका तर्क था कि यदि कानून बिहार के लिए है और शपथ इस बात की है कि बिहार में रहते हुए शराब का सेवन नहीं करेंगे, तो राज्य से बाहर जाने पर क्या स्थिति होगी? इसी आधार पर उन्होंने शपथ नहीं ली।

Web Title: Devesh Chandra Thakur, MP of the ruling JDU in Bihar, claimed that despite the prohibition law in force in the state, alcohol is available everywhere

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