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किसानों की ट्रैक्टर परेड में हिंसा के बाद दिल्ली में और संख्या में अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती

By भाषा | Updated: January 26, 2021 23:53 IST

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नयी दिल्ली, 26 जनवरी राष्ट्रीय राजधानी में किसानों की ट्रैक्टर परेड हिंसक होने के बाद शांति स्थापित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए केन्द्र सरकार ने मंगलवार को दिल्ली में और अधिक संख्या में अर्द्धसैनिक बलों को तैनात करने का फैसला किया। यह जानकारी अधिकारियों ने दी।

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में यह फैसला लिया गया। इस बैठक में केन्द्रीय गृह सचिव अजय भल्ला, दिल्ली पुलिस आयुक्त एस. एन. श्रीवास्तव सहित अन्य लोगों ने हिस्सा लिया।

समझा जाता है कि शाह ने दिल्ली पुलिस को हिंसा में शामिल व्यक्तियों की पहचान करने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि दिल्ली में संवेदनशील जगहों पर अतिरिक्त संख्या में अर्द्धसैनिक बलों को तैनात किया जाएगा।

कितनी संख्या में अर्द्धसैनिक बलों को तैनात किया जा रहा है, इसकी पुख्ता जानकारी नहीं है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि करीब 1,500 से 2,000 कर्मियों (15-20 कंपनियों) को तैनात किया जाएगा।

गणतंत्र दिवस समारोह के मद्देनजर राजधानी में पहले से अर्द्धसैनिक बलों के करीब 4,500 कर्मी तैनात हैं।

मंत्रालय ने हालात के मद्देनजर आज दिन में दिल्ली के कुछ इलाकों जैसे सिंघू, गाजीपुर, टीकरी, मुकरबा चौक और नांगलोई और उनके आसपास के क्षेत्रों में दोपहर से 12 घंटे के लिए इंटरनेट सेवा स्थगित कर दी।

गृह मंत्रालय ने आदेश जारी किया है, ‘‘ भारतीय टेलीग्राफ अधिनियम, 1855 की धारा 7 के तहत प्रदत्त अधिकारों और जन सुरक्षा बनाए रखने के लिए तथा अन्य कारणों से दिल्ली के क्षेत्रों...में 26 जनवरी दोपहर 12 बजे से रात 11 बजकर 59 मिनट तक इंटरनेट सेवा अस्थायी तौर पर निलंबित करने का आदेश जारी करना जरूरी हो गया है।

हालात के मद्देनजर दिल्ली में त्वरित कार्रवाई बल के कर्मियों को भी तैनात किया गया है और उत्पन्न वर्तमान स्थिति के मद्देनजर निगरानी कड़ी कर दी गई है।

अधिकारियों ने बताया कि इससे पहले दिन में केंद्रीय गृह सचिव भल्ला ने गृह मंत्री अमित शाह को हालात की जानकारी दी।

एक अन्य अधिकारी ने बताया कि गृह मंत्री ने ट्रैक्टरों पर सवार सैकड़ों प्रदर्शनकारियों द्वारा लाल किला और आईटीओ में प्रवेश करने के लिए अवरोधकों को तोड़े जाने के बाद स्थिति की समीक्षा की।

बैठक में कुछ अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।

गौरतलब है कि किसानों की ट्रैक्टर परेड कई जगहों पर हिंसक हो गयी जिसके कारण पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और आंसू गैस के गोले दागने पड़े। किसानों का एक समूह लाल किला भी पहुंच गया जहां उन्होंने किले के गुंबदों पर झंडे फहराये।

लाठी-डंडे, हाथों में तिरंगा और अपने संगठनों का झंडा लिए हजारों की संख्या में किसानों ने ट्रैक्टरों पर सवार होकर अवरोधक तोड़े और विभिन्न रास्तों से दिल्ली में प्रवेश करने के बाद वे लाल किला पहुंच गए।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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