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दिल्ली: विवाह समारोह में 50 अतिथियों को ही अनुमति के फैसले ने कई परिवारों को मुश्किल में डाला

By भाषा | Updated: November 18, 2020 21:18 IST

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(अंजलि पिल्लई)

नयी दिल्ली, 18 नवंबर राष्ट्रीय राजधानी में कोविड-19 के मामलों में अचानक वृद्धि को देखते हुए दिल्ली सरकार ने विवाह समारोह में अतिथियों की संख्या को 200 से घटाकर 50 करने का निर्णय लिया है।

इस निर्णय ने बहुत से ऐसे लोगों को मायूस कर दिया है जिनकी हाल ही में शादी होने वाली है।

कृष्ण कुमार (30) की शादी में एक सप्ताह से भी कम वक्त रह गया है और सरकार के फैसले से उनके परिवार वाले हैरान हैं।

कृष्ण ने कहा कि 27 नवंबर को उनकी शादी है और लगभग 250 लोगों को इसका न्योता भेजा जा चुका है।

उन्होंने कहा, “पहले 200 अतिथियों को बुलाने की अनुमति थी, फिर भी हमने 250 लोगों को मौखिक तौर पर और व्हाट्सएप्प से निमंत्रण भेज दिया था। सरकार को यह निर्णय पहले लेना चाहिए था क्योंकि शादी का मौसम शुरू हो चुका है।”

कुमार के परिवार वाले बहुत दुखी हैं क्योंकि वह शादी के विशेष अवसर के लिए 15 लाख रुपये खर्च चुके हैं।

उन्होंने कहा कि विवाह स्थल से लेकर खाने के इंतजाम तक सभी का भुगतान कर दिया गया है।

उन्होंने कहा, “अब हम क्या करेंगे, हमें पैसे वापस भी नहीं मिलेंगे। हमने पल्ला में फार्महाउस बुक किया था क्योंकि हम कम से कम 200 लोगों के आने की उम्मीद कर रहे थे लेकिन अब केवल 50 लोगों की ही अनुमति दी गई है इसलिए हमें शादी के लिए इतनी बड़ी जगह की जरूरत नहीं है। लेकिन हमने तो पहले से भुगतान कर दिया है। विवाह स्थल बदलने पर हमें पैसे वापस नहीं मिलेंगे।”

इसी प्रकार स्नेहा समद्दर का विवाह सात दिसंबर को होने वाला है और दिल्ली सरकार के फैसले के बाद उन्हें दोस्तों और परिजनों के संदेश मिलने शुरू हो गए।

सौभाग्य से उनके परिवार ने केवल 70 लोगों को ही शादी में आने का न्योता दिया था।

समद्दर ने कहा, “हमने केवल नजदीकी रिश्तेदारों और दोस्तों को ही शादी में आने के निमंत्रण दिया था। हमने 70 से अधिक लोगों को न्योता नहीं दिया। लेकिन अब 50 अतिथियों को ही अनुमति दी गई है इसलिए हमें सूची में से और लोगों को हटाना होगा। पहले ही सारी व्यवस्था कर ली गई है। लेकिन अब केवल हमारे परिवार के लोग और कुछ बेहद नजदीकी दोस्त ही उपस्थित होंगे।”

नाम उजागर न करने की शर्त पर एक मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव ने बताया कि उनकी शादी 10 दिसंबर को होने वाली है और परिवार में बहुत से बुजुर्गों के होने के कारण उनकी सूची पहले से ही 100 से कम अतिथि थे।

सरकार के फैसले के बाद अब केवल 50 लोग ही शादी में सम्मिलित होंगे।

विवाह समारोह में आगंतुकों की सीमित संख्या को अनुमति दिए जाने के बाद कुछ लोग ऑनलाइन माध्यम से अतिथियों को जोड़ने का प्रयास करेंगे तो कुछ लोग इस बात को लेकर परेशान हैं कि अंतिम समय में समारोह में परिवर्तन कैसे होगा।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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