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सिर्फ गाजीपुर में ही नहीं, जानें क्यों इन दिनों दिल्ली की हर गली में दिख रहा है कूड़े का पहाड़

By पल्लवी कुमारी | Updated: October 4, 2018 16:37 IST

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के घर के बाहर आज( 04 अक्टूबर) को सफाई कर्मचारियों ने जमकर प्रदर्शन किया। केजरीवाल के खिलाफ नारे लगाए और उनका पुतला भी फूंका।

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नई दिल्ली,चार अक्टूबर:  दिल्ली सरकार ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट को इस बात की जानकारी दी कि वह अगले दो दिन में स्थानीय निकायों को 500 करोड़ रुपये की राशि जारी करेगी। इससे पूर्वी दिल्ली नगर निगम के सफाई कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से सामने आए संकट से निपटने में मदद मिलेगी। अब आप सोच रहे होंगे कि शीर्षक का इस बात से क्या लेना-देना है तो बता दे कि पिछले कुछ दिनों से दिल्ली के हर गली-चौराहे पर आपको कूड़े का भंडार देखने को मिल जाएगा। खासकर ये हाल ज्यादातर पूर्वी दिल्ली का है। असल में पूर्वी दिल्ली नगर निगम के कर्मचारी 23 दिन से हड़ताल पर हैं। आज 04 अक्टूबर को उनका 23वां दिन पूरा हुआ है। 

सुप्रीम कोर्ट ने कही ये बात

सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति मदन बी. लोकूर, न्यायमूर्ति एस. अब्दुल नजीर और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ ने केन्द्र और दिल्ली के उपराज्यपाल की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल मनिंदर सिंह से पूछा कि क्या वह भी मौजूदा संकट से निपटने के लिए समान राशि जारी कर सकते हैं। पीठ ने यह स्पष्ट किया कि राशि जारी करने की दिल्ली सरकार की पेशकश और यदि केन्द्र सरकार या दिल्ली के उपराज्यपाल समान पेशकश करते हैं तो अधिकारों के किसी पूर्वाग्रह के बगैर और यह दोनों पक्षों द्वारा एक-दूसरे के प्रति मतभेदों से परे होगा।

पीठ ने कहा, यह सभी को पता है कि पूर्वी दिल्ली में सफाई कर्मचारी काम से दूर हैं। इस कारण कचरे का पहाड़ जमा हो गया है। हां, इसको लेकर मतभेद है कि मसले से कैसे निपटा जाए। उपराज्यपाल का अपना विचार है जबकि दिल्ली सरकार का इस संबंध में अपना रूख है। सुनवाई के दौरान पीठ ने दिल्ली सरकार की ओर से पेश हुए अधिवक्ता राहुल मेहरा से कहा कि वह इस संबंध में निर्देश प्राप्त करें कि क्या वे लोग मसले को हल करने के लिए राशि जारी कर सकते हैं। निर्देश लेने के बाद मेहरा ने पीठ को बताया कि सरकार 500 करोड़ रुपये जारी करेगी।

दक्षिण और उत्तर दिल्ली के वकीलों ने रखी ये बात 

दक्षिण और उत्तर दिल्ली नगर निगम की ओर से पेश हुए अधिवक्ताओं ने पीठ से कहा कि दिल्ली सरकार की ओर से जारी धन में से उन्हें भी मिलनी चाहिए। पीठ ने अपने आदेश में कहा कि धन किस अनुपात में और किसे दिया जाना है इसका फैसला दिल्ली सरकार करेगी। यह स्पष्ट है कि यह पेशकश अधिकारों के संबंध में बिना किसी पूर्वाग्रह और दिल्ली सरकार के मतभेद से परे की गई है।

क्या है कर्मचारियों की मांग

- कर्मचारियों की मांग है कि उनको वक्त पर वेतन मिले। समय पर वेतन ना मिलने की वजह से कर्मचारी सफाई नहीं कर रहे हैं। 

- दूसरी मांग है कि उन्हे फंड नहीं मिल रहा है। जिसकी वजह से  नगर निगमों की स्थिति ठीक नहीं है। 

- सफाई कर्मचारियों की तीसरी मांग यह है कि जो सफाई कर्मचारी अनियमित हैं उनकी नौकरी पक्की की जाए।

- सैलरी नियमित रूप से दी जाए, जो कभी मिलती है कभी नहीं मिलती। 

-  कर्मचारियों के नियमितिकरण को लेकर दिल्ली नगर निगम के अधिकारी परेशान हैं। 

 मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के घर के बाहर प्रदर्शन 

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के घर के बाहर आज( 04 अक्टूबर) को सफाई कर्मचारियों ने जमकर प्रदर्शन किया। केजरीवाल के खिलाफ नारे लगाए और उनका पुतला भी फूंका। स्थिति को काबू करने के लिए दिल्ली में पुलिस ने सफाई कर्मियों पर लाठी चार्ज किया। सीएम केजरीवाल के घर के सामने इस वक्त हजारों की संख्या में सफाईकर्मी मौजूद हैं। कई दिनों से चल रहे इस विरोध प्रदर्शन पर दिल्ली भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) अध्यक्ष मनोज तिवारी ने केजरीवाल पर सफाईकर्मियों को परेशान करने का आरोप लगाया था।

केजरीवाल ने प्रदर्शनकारियों के लिए किया ये ट्वीट, 'सफाई कर्मचारी मेरे घर के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्हें भाजपा ने झूठ बोलकर बरगलाया है। मैं उनसे सीधे बात करने उनके बीच जा रहा हूँ। उनको सच बताऊँगा। सारे तथ्य उनके और दिल्ली की जनता के सामने रखूँगा।'

इस ट्वीट के बाद केजरीवाल ने एक और ट्वीट किया। जिसमें उन्होंने लिखा, 'दिल्ली की सफाई व्यवस्था को लेकर मैं बेहद चिंतित हूँ। भाजपा की केंद्र और MCD की सरकारों ने दिल्ली की सफ़ाई व्यवस्था को पूरी तरह अस्त व्यस्त कर दिया है। मैं अपने सफाई कर्मचारियों को लेकर भी बेहद चिंतित हूँ। हर दो महीनों में इनको अपनी तनख़्वाह लेने के लिए हड़ताल करनी पड़ती है।'

(समाचार एजेंसी भाषा इनपुट)

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