लाइव न्यूज़ :

दिल्ली: वेतन भुगतान नहीं होने के मुद्दे पर निकाय कर्मचारी हड़ताल पर

By भाषा | Updated: December 13, 2021 14:21 IST

Open in App

नयी दिल्ली, 13 दिसंबर पिछले तीन महीनों से वेतन और पेंशन का भुगतान नहीं होने की शिकायत के साथ हजारों निगम कर्मचारी सोमवार को अनिश्चित हड़ताल पर चले गए, जिनमें से ज्यादातर कर्मचारी उत्तरी दिल्ली नगर निगम के हैं। निकाय कर्मचारियों के संघ की एक शीर्ष इकाई ने यह जानकारी दी।

इस विरोध प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे एमसीडी कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि नगर निगम के कर्मचारियों ने निकाय केंद्र में भी विरोध प्रदर्शन किया, जहां उत्तर और दक्षिण नगर निगमों के मुख्यालय हैं। शिक्षक, इंजीनियर, सफाईकर्मी, बागवानी विभाग के कर्मचारी, लिपिक कर्मचारी, नर्स और पराचिकित्सक कर्मचारी, चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी हड़ताल करने वालों में शामिल हैं।

एमसीडी कर्मचारी संघ परिसंघ के संयोजक एपी खान ने कहा कि उत्तरी दिल्ली निगम के विभिन्न विभागों के कर्मचारियों को पिछले तीन-चार महीनों से वेतन नहीं मिल रहा है। वहीं सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन भी इतने ही महीनों से लंबित है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

क्राइम अलर्टमैडम दुकान के सामने गाड़ी मत लगाओ, ग्राहक को आने में दिक्कत होगी?, 78 वर्षीय दुकानदार को महिला उपनिरीक्षक ने थप्पड़ मारा, प्राथमिकी दर्ज

भारतगोदामों से सीधे एलपीजी सिलेंडर की बिक्री पर सख्त प्रतिबंध, सीएम रेखा गुप्ता ने कहा-भंडारण केंद्रों पर न जाएं और न ही भीड़ में इकट्ठा हों

पूजा पाठPanchang 06 April 2026: आज कब से कब तक है राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का समय, देखें पंचांग

पूजा पाठRashifal 06 April 2026: आज इन 4 राशिवालों को होगा चौतरफा लाभ, नौकरी-व्यापार में होगी तरक्की

भारतउच्च शिक्षा और अनुसंधान की चुनौतियां

भारत अधिक खबरें

भारतआदिवासी खेल: नई प्रतिभाओं की तलाश में एक सार्थक पहल

भारतबारामती विधानसभा उपचुनावः सीएम फडणवीस की बात नहीं मानी?, कांग्रेस ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ आकाश मोरे को चुनाव मैदान में उतारा

भारतUP की महिला ने रचा इतिहास! 14 दिनों में साइकिल से एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं

भारतLadki Bahin Yojana Row: महाराष्ट्र में 71 लाख महिलाएं अयोग्य घोषित, विपक्ष ने किया दावा, सरकार की जवाबदेही पर उठाए सवाल

भारतयूपी बोर्ड ने 2026-27 के लिए कक्षा 9 से 12 तक NCERT और अधिकृत पुस्तकें अनिवार्य कीं