गृह मंत्रालय ने पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या मामले के दोषी बलवंत सिंह राजोआना की मौत की सजा को उम्रकैद में बदलने का फैसला किया, जिसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री पोते रवनीत बिट्टू ने इसे चौकाने वाला और काला दिन करार दिया। दरअसल, बलवंत सिंह की सजा कम करने की जानकारी अधिकारियों ने दी है।
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, रवनीत बिट्टू का कहना है कि उसने खबरें सुनी हैं कि बीएल राजोआना (बेअंत सिंह की हत्या के मामले में दोषी) को मौत की सजा को उम्रकैद में बदल दिया गया है। केंद्र का यह फैसला चौंकाने वाला है, अगर यह सच है तो यह एक काला दिन होगा।
एक अधिकारी ने कहा कि बलवंत सिंह राजोआना की मौत की सजा को बदलने पर फैसला कर लिया गया है। औपचारिक अधिसूचना जारी करने की प्रक्रिया चल रही है। गृह मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि पंजाब में आतंकवाद के दौरान अपराध करने के लिए देश की विभिन्न जेलों में बंद आठ सिख कैदियों को सरकार श्री गुरु नानक देवजी की 550वीं जयंती पर मानवीय आधार पर रिहा करेगी। वहीं, आठ कैदियों में लाल सिंह, दविंदर पाल सिंह भुल्लर, हरजिंदर सिंह, गुरदीप सिंह खेरा, वारिम सिंह, सुभेग सिंह, नंद सिंह और बलराम सिंह का नाम शामिल है।